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आचार्य श्रीमद विजय रत्नसुंदरसूरीश्वरजी म.सा. ने की पत्रकारों से चर्चा,बताया किस वजह से मंडरा रहा परिवार व्यवस्था पर खतरा, सिलेबस में केरेक्टर एज्युकेशन शुरु करवाने के लिए जरुरत पड़ी तो फिर जाएगें दिल्ली। जानिए आचार्यश्री ने क्या कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में-

रतलाम,17जून(खबरबाबा.काम)। पद्मभूषण आचार्य श्रीमद विजय रत्नसुंदरसूरीश्वरजी म.सा. ने कहा कि देश में मल्टी नेशनल कंपनियों में नौकरी की चाह और ऊंचे पैकेज वेतन से परिवार व्यवस्था पर  खतरा मंडराने लगा है। मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी ने  बेटे-बहू को परिवार से अलग कर दिया है। आज कोई व्यापार नहीं करना चाहता है। आज देश में कैरियर एज्युकेशन के साथ ही कैरेक्टर एज्युकेशन की भी सख्त जरुरत है, इसके लिए उन्होने पूर्व में सरकार के सामने प्रस्ताव रखा था और अभी भी वे इसके लिए प्रयासरत है। सिलेबस में केरेक्टर एज्युकेशन शुरु कराने के लिए आचार्यश्री एक बार फिर दिल्ली भी जा सकते है।
                   आचार्य श्रीमद्विजय रत्नसुंदरसूरीश्वरजी म.सा. रविवार को करमदी तीर्थ में मंगल प्रवेश के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
मल्टी नेशनल कंपनियां चला रही वन-टू-थ्री का प्रोग्राम
आचार्यश्री ने कहा कि मल्टी नेशनल कंपनियों का वन-टू-थ्री का प्रोग्राम चल रहा है। याने एक व्यक्ति को काम दो, उसे दो व्यक्तियों का वेतन दो और उससे तीन व्यक्तियों का काम करवाओं। आपने कहा कि ऊंचे वेतन वाले पैकेज और मल्टी नेशनल कंपनियों में नौकरी की होड़ से  परिवार व्यवस्था पर  खतरा मंडरा रहा है। बेटा-बहू बाहर रहकर अकेले नौकरी कर रहे है और माता-पिता और परिवार भी अकेले रहने को मजबूर है। नौकरी के चक्कर में आज का युवा व्यापार नहीं करना चाहता है। उन्होने परिवार व्यवस्था मजबूत करने और परिवार में आपसी प्रेम पर जोर देते हुए कहा कि आपसी व्यवहार में हमेशा सही और गलत का तर्क नहीं करें, बल्कि अच्छे और बुरे को देखकर भी निर्णय ले। आचार्य श्री ने कहा कि सही बात हमेशा अच्छी हो यह जरुरी नहीं और गलत बात हमेशा बुरी हो यह भी जरुरी नहीं।
सेक्स एज्युकेशन को पिटीशन दायर कर रोका
आचार्यश्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि देश में 2007 से सेक्स एज्युकेशन शुरु होने वाली थी, लेकिन जब उन्हे इसके बारे में जानकारी मिली तो उन्होने उस समय सरकार के जिम्मेदारों से बात की। सेक्स एज्युकेशन के लिए जो सिलेबस था, उसे देखकर सभी आश्चर्यचकित रह गए। इसके बाद उन्होने सभी वर्गो के संतो और प्रमुख वर्गो से चर्चा की और राज्य सभा में इसके खिलाफ पिटीशन दायर की। आचार्यश्री ने कहा कि आजादी के बाद अभी तक राज्यसभा में सिर्फ 120 पिटीशन दायर हुई है। पिटीशन के दौरान तीन बार उन्होने पिटीशन कमेटी के सामने सेक्स एज्युकेशन देश में शुरु नहीं होना चाहिए, इस बात को लेकर प्रवचन भी दिए और तथ्यात्मक बाते भी रखी, जिसके बाद 2009 में सेक्स एज्युकेशन शुरु करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। आचार्यश्री ने कहा कि अभी भी उन्होने पोर्न वेबसाइड बैन करने की मांग और दो अन्य मुद्दों को लेकर  राज्यसभा में पिटीशन दायर कर रखी है।
केरेक्टर एज्युकेशन जरुरी
आचार्यश्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि देश में सिर्फ केरियर एज्युकेशन पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन इसके साथ केरेक्टर एज्युकेशन भी जरुरी है। केरेक्टर एज्युकेशन के सिलेबस को लेकर उन्होने पूर्व में सरकार के सामने प्रस्ताव रखा था। अभी भी वे इसके लिए प्रयासरत है और जरुरी हुआ तो इसके लिए वे पुन: दिल्ली भी जाएगें।
किसी भी किमत पर पैसा कमाना सही नहीं
आचार्य श्री ने कहा कि आजकल सिर्फ एक बात चल रही है कि ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना है। यह पैसा कैसे कमाया जाए,इस बात पर किसी का ध्यान नहीं है। सभी एक ही दौड़ में लगे है कि किसी भी तरह पैसा कमाना है, जो सही नहीं है।
पीएम मोदी से भी हुई चर्चा
आचार्यश्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबंध में कहा कि  कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई से 35 मिनीट चर्चा हुई थी, वे काफी सकारात्मक व्यक्ति है। आचार्यश्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सुबह 4 बजे जाग जाते है। उन्होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई से पुछा था कि उन्हे इतना काम रहता है, तनाव रहता है,उन्हे नींद आती है या नहीं, तब प्रधानमंत्री ने कहा था कि वे ईश्वर पर श्रध्दा रखते हुए सिर्फ काम करने में विश्वास रखते है और उन्हे लेटने के बाद 35 सेकेंड में नींंद आ जाती है।