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आठ दिन पूर्व शहर में हुई ठगी की दो वारदातों का खुलासा, नोट के नाम पर कोरे कागज की गड्डी थमाने वाले गुजरात के तीन आरोपी गिरफ्तार, जाने क्या है पुरा मामला-

रतलाम, 20जुलाई(खबरबाबा.काम)। पुलिस ने 8 दिन पूर्व शहर में अलग-अलग स्थानों पर हुई ठगी की दो वारदातों का खुलासा करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने गुजरात के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे ठगी की रकम भी बरामद कर ली है। आरोपी बड़े नोट बदलने का बोलकर कागज का बंडल थमा गए थे।

शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम पर एसपी गौरव तिवारी और एएसपी प्रदीप शर्मा ने मामले का खुलासा किया ।एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि 12 जुलाई 2018 को औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत SBI की कस्तुरबा नगर शाखा के बाहर फरियादी हर्ष पिता वीरेंद्र सिंह जादौन 18 वर्ष निवासी गांधीनगर के साथ आरोपियों ने बड़े नोट बदलने का बोलकर ठगी की वारदात की थी। आरोपी युवक से बीस हजार रुपए लेकर उसे कागज का बंडल थमा गए थे ।इस वारदात के कुछ घंटे बाद ही आरोपियों ने स्टेशन और थाना क्षेत्र के अंतर्गत कृषि उपज मंडी रतलाम में शेर मोहम्मद 39 वर्ष निवासी बजरंग नगर के साथ भी ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।आरोपी शेर मोहम्मद से तीस हजार रुपए लेकर उसे भी कागज की गड्डी थमाकर फरार हो गए थे। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।

गुजरात के तीन आरोपी गिरफ्तार

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम के द्वारा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। जिसमें ठगी करने वाले आरोपी एक सफेद रंग के चार पहिया वाहन में जाते हुए दिखाई दिए। उक्त वाहन के नंबरों के आधार पर पुलिस गुजरात निवासी वाहन मालिक तक पहुंची। वाहन मालिक ने पुलिस को बताया कि उसने वाहन ड्राइवर जगदीश पिता शांति निवासी गांधीनगर गुजरात और गुलाम दस्तगीर लाला निवासी गांधीनगर गुजरात को किराए से दिया है ।इसके बाद पुलिस ने जगदीश और उसके साथी गुलाम दस्तगीर एवं वारदात के मुख्य आरोपी शिव कुमार पिता रणछोड़ निवासी गांधीनगर गुजरात को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी के रुपए और वाहन भी जप्त कर लिया है। पुलिस आरोपियों से इस तरह की अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

इनकी रही भूमिका

इस मामले के खुलासे में औद्योगिक क्षेत्र थाने पर पदस्थ उपनिरीक्षक विजय सागरिया, सहायक उपनिरीक्षक शरीफ खान, आरक्षक रतन कोल्हे,तेज सिंह और साइबर सेल की सराहनीय भूमिका रही।