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एटीएम से 21 लाख की चोरी मामले में मास्टर माइंड सहित चार गिरफ्तार

रतलाम(खबरबाबा.काम)। कलेक्टोरेट परिसर स्थित एसबीआई के एटीएम से 21 लाख रुपए से अधिक की चोरी के मामले में पुलिस ने वारदात के मास्टर मांइड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से चोरी की गई 21 लाख 2 हजार रुपए की राशी भी बरामद की गई है। आरोपियों में दो रुपए लोड करने वाली राईटर सैफ गार्ड कंपनी के कर्मचारी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पुरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित सिंह और एएसपी गोपाल खांडेल ने मंगलवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में वारदात को खुलासा करते हुए बताया कि
कलेक्टोरेट परिसर में मित्र निवास रोड स्थित एसबीआई की विशेषीकृत मुद्रा शाखा के एटीएम से 21 लाख से अधिक रुपए के चोरी मामले में वारदात के मास्टर माइंड कमलेश पिता शंकरलाल 25 वर्ष निवासी ग्राम धामेड़ी(पिपलौदा), हरिओम पिता रमेशचंद्र 27 वर्ष निवास धामेड़ी थाना पिपलौदा, हरिओम पिता कालूराम 27 वर्ष निवासी ग्राम धामेड़ी(पिपलौदा) और अनिल पिता भेरुलाल 27 वर्ष निवासी ग्राम धामेड़ी(पिपलौदा) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से चोरी की राशी भी बरामद कर ली गई है।
कमलेश और हरिओम कंपनी के कर्मचारी
एसपी ने बताया कि आरोपियों में शामिल कमलेश वारदात का मास्टर माइंड है। वह और हरिओम पिता रमेशचंद्र एटीएम में रुपए लोड करने वाली एजेंसी राईटर सैफ गार्ड में कर्मचारी है। कमलेश जावरा क्षैत्र में एटीएम में रुपए लोड करने का काम करता था और हरिओंम रतलाम क्षैत्र में। कमलेश ढाबा भी चलाता है, जहां एक और आरोपी हरिओम पिता कालूराम काम करता है, वहीं चौथा आरोपी अनिल इनके गांव का है। इन चारों ने कमलेश के ढाबे पर एटीएम से रुपए चोरी करने की योजना बनाई। इसके लिए रतलाम के एटीएम में पैसा डालने वाले हरिओम ने कमलेश को पासवर्ड बताया था।
बाइक की नम्बर प्लेट भी बदली थी
एसपी ने बताया कि वारदात के दिन कमलेश और हरिओम पिता कालुराम बाइक से कलेक्टोरेट परिसर स्थित एटीएम पर गए। इसके लिए उन्होने बाइक की नम्बर प्लेट भी बदली थी। 1 सितम्बर को रात 8 बजे के लगभग दोनों आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया और एटीएम से 21 लाख 16 हजार रुपए चोरी करने के बाद उसे चौथे आरोपी अनिल पिता भेरुलाल चौहान के धामेड़ी स्थित घर में छुपा कर रख दिया। अगले दिन आरोपियों ने अपने-अपने हिस्से का बंटवारा भी कर लिया था।
वकील के माध्यम से पेश होना चाहते थे
एसपी ने बताया कि वारदात का मास्टर माइंड कमलेश पहले भी एटीएम से छोटी-मोटी अनियमितता करता रहता था, लेकिन वह चीजे बाहर वहीं आ पाती थी। एजेन्सी छोटी-मोटी रकम कम पडऩे पर अपने स्तर पर भरपाई कर देती थी, जिससे उसकी हिम्मत बढ गई। वह बड़ा हाथ मारना चाहता था, इसके लिए उसने योजना बनाई और सोचा कि एजेन्सी भरपाई कर देगी और बात बाहर भी नहीं आएगी, लेकिन जब पुलिस जांच शुरु हुई और घेराबंद होने लगी तो आरोपियों ने वकील के माध्यम से कोर्ट में पेश होने के प्रयास शुरु किए। पुुलिस को मुखबीर से इसकी जानकारी लग गई और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी की राशी बरामद कर ली गई।
दस हजार का पुरस्कार
एसपी अमित सिंह ने बताया कि इस पुरे मामले का खुलासा करने में स्टेशन रोड थाना प्रभारी अजय सारवान, एसआई रामसिंह खपेड़, एएसआई आशीष पाल, ईशाक मो. खान, सुखेड़ा चौकी प्रभारी लोकेन्द्रसिंह डाबर, आरक्षक योगेन्द्रसिंह जादौन, धर्मेन्द्र जाट, राहुल जाट, दिनेश, सुशील त्यागी, युसुफ मंसुरी, अरविंद बारिया, संदीप चौहान, महेन्द्र, महेन्द्र सिंह, उदयसिंह, सायबर सेल के लक्ष्मीनारायण, मनमोहन , हिम्मत सिंह की भूमिका रही। एसपी ने टीम को दस हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की है।