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कमेड़ हत्याकांड: रतलाम पुलिस की इन्वेस्टिगेशन और डीएनए रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा। जिस हिम्मत को मरा हुआ समझ रहे थे वही निकला हत्यारा, खेत पर मिला शव किसी और का निकला। पुलिस के अनुसार जानिए हिम्मत ने पूरी प्लानिंग के साथ क्यों दिया नृशंस हत्याकांड को अंजाम

रतलाम,28जनवरी(खबरबाबा.काम)।  जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कमेड़ में हुए बहुचर्चित हिम्मत पाटीदार हत्याकांड में रतलाम पुलिस ने  सोमवार को जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है.  पुलिस के अनुसार जिसे मृतक हिम्मत समझ रहे थे ,वह हाली मदन का शव निकला. पुलिस जांच में हिम्मत द्वारा मदन की हत्या कर चेहरा जलाने का खुलासा हुआ है.

 

सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम पर एसपी गौरव तिवारी एवं एएसपी प्रदीप शर्मा ने इस चौकाने वाले मामले का खुलासा मीडिया के सामने किया. एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि 23 जनवरी को सुबह 8:30 बजे 100 डॉयल पर फोन से सूचना मिली थी कि ग्राम कमेड थाना बिलपांक मे हिम्मत पाटीदार उम्र 36 साल निवासी कमेड की अज्ञात आरोपी द्वारा उसी के खेत पर हथियार से गला रेत कर नृशंस हत्या कर मृतक के चेहरे को जला दिया गया है। घटनास्थल पर मृतक के शरीर को सर्वप्रथम हिम्मत पाटीदार के पिता लक्ष्मीनारायण पाटीदार द्वारा देखे जाने पर उनके द्वारा अपने भाई के पुत्र सुरेश को अवगत कराया गया | सूचना मिलने पर तत्काल थाना बिलपांक से पुलिस बल मौके पर पहुंचा था  एवं घटना के सम्बंध मे वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया |

घटनास्थल पर एसपी गौरव तिवारी, एएसपी प्रदीप शर्मा के साथ एफएसएल अधिकारी, डॉग स्कवॉड एवं. सायबर सेल के अधिकारी , कर्मचारी  जांच और निरीक्षण के लिए पहुंचे थे ।

पुलिस के अनुसार मृतक के शव का निरीक्षण करने पर पाया कि मृतक के गले पर किसी धारदार हथियार से चोट पहुंचा कर मृतक की हत्या कर पहचान छुपाने के लिये मृतक के चेहरे को जलाया गया था। मृतक के शव की पहचान उसके परिजनों द्वारा की गई । मृतक के भाई सुरेश पाटीदार की रिपोर्ट पर थाना बिलपांक पर धारा 302,201 के तहत अपराध  पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया ।

पांच विशेष टीमों का गठन

उक्त घटना मे आरोपी की पतारसी एवं विवेचना हेतु एसपी गौरव तिवारी के  मार्गदर्शन और एएसपी प्रदीप शर्मा(आईपीएस),  के निर्देशन मे एवं मानसिंह चौहान, एसडीओपी रतलाम के नेतृत्व मे गठित किया गया । जिसमे  निरीक्षक विनोदसिंह बघेल, उनि. के.सी.मालवीय, उनि. वीरेन्द्रसिंह बंदेवार, उनि. रामजी ध्रुव, प्रभार. संतोष अग्निहोत्री, आर.माखनसिंह, आर. राजू अमलियार, आर. मनमोहन शर्मा, आर. रितेशसिंह, आर. हिम्मतसिंह, आर. बलराम पाटीदार, आर. लाखनसिंह यादव एवं आर. लोकपालसिंह को शामिल किया गया एवं अलग अलग पांच टीमों का गठन कर अज्ञात आरोपी की पतारसी के सम्बंध मे आवश्यक निर्देश देकर रवाना किया गया।

 

घटनास्थल पर एफएसएल. अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल के निर्देशानुसार मृतक के कपडो की जेब से मोबाईल, पर्स, आधार कार्ड, एटीएम, एक पॉकेट डायरी जिसमे मृतक के बीमा सम्बंधी जानकारी, बैंक खाता, एफडी. सम्बंधी जानकारी, उधारी खाता, लेन देन के सम्बंध मे उल्लेख किया गया था, बरामद की गई। घटनास्थल के पास से ही मृतक के जुते, मोटरसायकल एवं गेहुं के खेत से एक खुन लगा बेल्ट मिला था जिसकी पहचान मृतक के परिवारजन द्वारा की जाकर वजह सबूत मे जप्त किया गया।

जांच में संदिग्ध मदन भी निकला गायब,और मिले सबूत 

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान सूचना प्राप्त हुई की ग्राम कमेड का ही मदन मालवीय नाम का एक व्यक्ति जो करीब दो वर्ष पूर्व हिम्मत पाटीदार के खेत पर मजदूरी करता था। वह भी  22 जनवरी  की रात 09:30 बजे से अपने घर से खेत का बोलकर निकला था, जो अभी तक अपने घर नही पहुंचा है। उक्त तथ्य को गंभीरता से लेते हूए मदन जिस खेत पर काम करता था उस खेत पर जाकर देखने पर पाया गया कि उसके द्वारा खेत पर पानी पिलाने हेतु मोटर चालू की गई थी, किन्तु मोटर बंद नहीं की गई। जिसके बाद घटनास्थल के आसपास, मदन के खेत के आसपास, मदन के घर के रास्ते के आसपास एवं हिम्मत पाटीदार के घर के रास्ते के आसपास सूक्ष्मता से सर्चिंग कराई गई, जिसमे कई अहम सुराग मिले। घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर रोड़ किनारे कपड़े एवं एक जोड़ी जूते मिले जिनमे गीली मिट्टी लगी थी भी बरामद किये गये । जूतो एवं कपड़ो की शिनाख्त मदन के पिता से कराई जाने पर मदन के पिता ने जूतो का मदन का होना स्वीकारा। हिम्मत की मोटर सायकल के फूट रेस्ट पर लगी मिट्टी एवं मदन के जूतो पर लगी मिट्टी का भौतिक मिलान होना पाया गया |

पहले गला घोट कर बेहोश किया फिर मारा

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि शव पंचनामा कर मृतक के शव को सिविल अस्पताल, रतलाम भेजकर पी.एम. कराया गया व पी.एम. के दौरान मृतक के कपड़े, जुते व अंडरवियर पी.एम.कर्ता डॉक्टर द्वारा प्रिजर्व कर शीलबंद किये गये । पी.एम. रिपोर्ट मे आये तथ्यो का विश्लेषण करने पर ज्ञात हुआ कि मृतक की मृत्यु पहले गला घोटने से मूर्छित होने पर किसी धारदार हथियार से गर्दन पर चार बार वार करने घास से चेहरा जलाकर नृशंस हत्या की गई।

विवेचना में यह भी सामने आया

पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान पाया गया कि मृतक द्वारा दिनांक 23 जनवरी को रात्रि लगभग 4:30 बजे तक मोबाईल का लगातार उपयोग किया गया था, परंतु मृतक से बरामद मोबाईल की जांच सायबर सेल से कराने पर मृतक के मोबाईल से कॉल रिकार्ड, मैसेजेस, वाट्सएप्प मैसेज व गैलेरी से फोटो, वीडियो डिलीट होना पाई गई। इसी के साथ मृतक के खेत पर मृतक द्वारा मोटर चालू करना नही पाया गया, यद्यपि रात 01:30 बजे मृतक को गांव के ही रमेश राठौर द्वारा अपनी मोटरसायकल पर देखा गया था।

इन सब तथ्यो से टीम के सामने कई अनसुलझे सवाल थे, जैसे-

1.मृतक के जैकेट व पेन्ट की चैन खुली कैसे थी ?

2.मृतक के शरीर पर अन्य कोई स्ट्रगल मार्क नही होना ?

3.मृतक का सिर्फ चेहरा जलाया जाना ?

4.पॉकेट डायरी मे सिर्फ उन्ही तथ्यो का खुलासा करना, जिनका फायदा मृतक के परिवार को मिले जैसे बीमा, एटीएम पिन एवं एफडी. ?

5.मृतक के मोबाईल फोन से वाट्सएप्प मैसेज, कॉल रिकार्डिंग, गैलेरी मे से फोटो, वीडियो, हिस्ट्री इत्यादि डिलीट करना जबकि रात भर मोबाईल पर इंटरनेट का उपयोग किया गया हो ?

6.संदिग्ध का घटनास्थल के आसपास पहचान छुपाते हूए अपना सामान जैसे जूते, कपड़े छोड़ के जाना ?

7.हिम्मत द्वारा रात्रि मे खेत पर जाना, जिसका चश्मदीद्‌ रमेश राठौर है, परंतु हिम्मत का अपने खेत पर पम्प न चालु करना ?

इन अनसुलझें सवालो के जवाब हेतू पुलिस टीम द्वारा पून: मौका मुआयना किया गया एवं रात्रि काल मे सीन ऑफ क्राइम को रिक्रिएट करने का प्रयास किया गया । मृतक की शरीर की सुक्ष्मता से जांच फोटो एवं वीडियो के माध्यम से की गई एवं मृतक एवं संदेही के परिवारजनो से पृथक पृथक कराई गई।

जिसमे मदन के परिवारजनो द्वारा मृतक के अण्डरवियर मदन के होने की पुष्टि की गई। उक्त तथ्यों एवं घटनास्थल से प्राप्त महत्वपूर्ण साक्ष्यो का अवलोकन व विश्लेषण करने पर पाया गया कि मृतक हिम्मत पाटीदार न होकर संदिग्ध मदन का शव हो सकता है।

डीएनए रिपोर्ट में शव मदन का निकला

एसपी गौरव तिवारी के अनुसार उनि. कैलाश मालवीय द्वारा अपनी दक्षता का परिचय देते हुए पूर्व मे ही मृतक के कपड़े, बोन, नाखून एवं बालो को प्रिजर्व करने हेतु पी.एम.कर्ता डॉक्टर को लेख किया था। इस प्रकार के साक्ष्य आने पर मृतक की पहचान सुनिष्चित करने हेतु सिविल अस्पताल, रतलाम मे डॉक्टर द्वारा पी.एम. के दौरान प्रिजर्व किये गये मृतक के कपड़े, स्टरनम बोन, नाखून व बाल एवं मृतक के माता पिता व संदिग्ध के माता पिता का ब्लड सेंपल लेकर  24 जनवरी  की रात्रि मे ही डीएनए. टेस्ट हेतु एफएसएल. सागर भेजा गया । जो कि डी.एन.ए. प्रोफाईलिंग के परिणाम 48 से 72 घंटे मे प्राप्त करते हूए पुलिस की शंका सही निकली और डी.एन.ए. टेस्ट के परीक्षण से मृतक हिम्मत पाटीदार न होकर संदिग्ध मदन मालवीय  निवासी कमेड का शव होने की पुष्टि हुई है। मदन  भी लगभग हिम्मत पाटीदार की उम्र व कद-काठी का था।

उधारी और बीमा के रुपए के लिए की हत्या

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि गठित टीमो द्वारा पतारसी के दौरान पाया गया कि मृतक मदन मालवीय, हिम्मत पाटीदार के खेत पर पहले मजदुरी का काम करता था। हिम्मत पाटीदार द्वारा माह दिसम्बर 2018 मे अपना बीमा कराया गया था। हिम्मत की डायरी मे हिम्मत पर काफी उधारी का लेख होना जांच मे पाया गया। प्रथमदृष्टया घटना के अवलोकन से हिम्मत पाटीदार द्वारा अपनी उधारी का रूपये चुकाने हेतु पहले अपना बीमा करवाया गया बाद उक्त घटनाकम को सुनियोजित तरीके से रचा गया, ताकि हिम्मत की मृत्यु की पुष्टि होने पर उसके द्वारा कराये गये बीमे की राशि परिवार वालो को मिल सके |

एसपी गौरव तिवारी  ने बताया कि हिम्मत पाटीदार की पतारसी के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है। हिम्मत पाटीदार के मिलने पर उक्त घटना के सम्बंध मे और भी कई तथ्यो के खुलासे होने की संभावना है। आरोपी की सूचना देने वाले को पुलिस अधीक्षक, रतलाम द्वारा दस हजार रूपये की ईनाम की घोषणा की गई है एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए चिन्हित जघन्य व सनसनीखेज श्रैणी मे रखा गया है।