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कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने का हुआ प्रयास तो एक्शन लेने में पीछे नहीं हटेगा प्रशासन, जिला और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रुप से बलवा ड्रील कर दिए संकेत, कलेक्टर और एसपी ने दिया अधिकारियों को मार्गदर्शन, पुलिस अधिकारियों के साथ एसडीएम, तहसीलदार भी हुए बलवा परेड में शामिल।

रतलाम, 9 अप्रैल(खबरबाबा.काम)।  जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहा है। सोमवार को भी पुलिस लाइन में संयुक्त बलवा ड्रील का आयोजन कर जिला और पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए है कि कानुन-व्यवस्था की स्थिति बिगाडऩे का प्रयास करने वालों के  खिलाफ प्रशासन भी एक्शन लेने में पीछे नहीं हटेगा।  बलवा ड्रील में प्रशासन के मजिस्ट्रीयल अधिकारी और पुलिस ने हिसंक धरना-प्रदर्शन को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। बलवा ड्रील के बाद कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान और एसपी अमित सिंह ने फील्ड में अधिकारियों को मौके पर परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने के साथ ही आवश्यक जानकारियां देते हुए मार्गदर्शन दिया।

सोमवार दोपहर करीब साढे 12 बजे पुलिस लाइन में बलवा ड्रील की शुरुआत हुई। पिछले कई वर्षो में एसा पहली बार हुआ जब कलेक्टर और एसपी दोनों अधिकारियों की मौजुदगी में जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त बलवा ड्रील हुई हो। बलवा ड्रील में एसडीएम अनिल भाना, ग्रामीण एसडीएम नेहा भारतीय, तहसीलदार अजय हिंगे, रश्मि श्रीवास्तव, जावरा सीएसपी आशुतोष बागरी, सीएसपी विवेकसिंह चौहान, डीएसपी शीला सुराणा सहित जिले के अन्य एसडीओपी और थाना प्रभारी मौजुद थे। बलवा ड्रील के दौरान आगजनी और पथराव के हिसंक प्रदर्शन को जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा नियंत्रित करने का अभ्यास प्रदर्शन किया गया।

परिस्थितियों को देखकर तत्काल ले निर्णय:कलेक्टर

बलवा ड्रील के बाद कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर अधिकारी को किस परिस्थिति में  क्या निर्णय लेने के अधिकार है या लेना चाहिए, इसकी पुरी जानकारी होनी चाहिए। किसी प्रदर्शन, आंदोलन या उपद्रव में कानुन-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए  एक्शन लेने की आवश्यकता हो तो तत्काल ले, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे। कलेक्टर ने कहा कि जरुरत पढने पर  एक्शन लेने में क्या प्रक्रिया अपनानी है और पहले क्या एक्शन लेना है, इसकी जानकारी सभी को होना चाहिए।

मौके की विडियो रिकार्डिंग होना चाहिए:एसपी

एसपी अमित सिंह ने कहा कि बलवा परेड और फील्ड की स्थिति में काफी अंतर होता है, वहां आपकों परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेना होता है। एसपी श्री सिंह ने कहा कि आज के समय में मौके की विडियों रिकार्डिंग जरुरी है, इससे उपद्रवियों को पहचानने और कार्रवाई करने में आसानी होती है। एसपी श्री सिंह ने अधिकारियों को  जरुरत पढने पर किस तरह के बल प्रयोग करना है उसे भी समझाया। उन्होने वाटर कैनन, लाठीचार्ज , गोली चालान आदि सहित यह बताया कि कौना सा बल कब और कैसे प्रयोग करना है। एसपी ने सभी को पुलिस के पास उपलब्ध संसाधनों से गैसे मास्क, मार्कर , करंट मशीन आदी की भी जानकारी दी।

एडीएम और एएसपी ने भी दी जानकारी 

एडीएम डां. कैलाश बुंदैला और एएसपी डां. राजेश सहाय ने भी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कई महत्वूर्ण जानकारियां दी। दोनों अधिकारियों ने बताया कि मौके पर  प्रदर्शनकारियों या उपद्रवियों को लगातार चेतावनी देते रहे और उसके बाद भी स्थिति नियंत्रित नहीं हो और कानुन  व्यवस्था की स्थिति बने को एक्शन लें। इनका कहना हैजिले में कानून-व्यवस्था की स्थित पुरी तरह ठीक है। पुलिस के साथ ही मजिस्ट्रीयल अधिकारी की संयुक्त बलवा ड्रील का आयोजन कर किसे कब किस तरह से निर्णय या एक्शन लेना है,  इस प्रक्रिया से अवगत कराया गया है।

श्रीमती रुचिका चौहान, कलेक्टर, रतलाम