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कोरोना वायरस की घातकता को गंभीरता से ले, प्रशासन ने कोरोना से बचाव के लिए धर्म गुरुओं ,व्यापारियों की बैठक ली, जनता कर्फ्यू के बारें में यह बताया

रतलाम 20 मार्च 2020/ कोरोना वायरस मनुष्य के लिए अत्यंत घातक है। यह बीमारी बगैर किसी वर्ग भेद के किसी को भी अपना शिकार बना सकती हैं। वर्तमान हालात बहुत गंभीर हैं, समाज के सभी वर्ग शासन-प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करें, कोरोना का हराने में मदद करें। यह बात कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शुक्रवार को धर्म गुरुओं की बैठक में कही।

बैठक में उपस्थितजनों ने प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग के लिए आश्वस्त करते हुए कहा कि वे अपने-अपने समाजजनों में कोरोना से बचाव और आवश्यक सावधानियों के लिए जागरूकता का सघन प्रसार करेंगे। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकद्वय  डॉ. इंद्रजीत बाकलवार, श्री सुनील पाटीदार, एसडीएम सुश्री लक्ष्मी गामड, डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिराली जैन तथा बड़ी संख्या में सभी समुदायों के वरिष्ठजन, धर्मगुरु उपस्थित थे।

कलेक्टर ने कोरोना वायरस के बैकग्राउंड से भी अवगत कराया। इस बात पर प्रबल जोर दिया कि हमें कोरोना वायरस की घातकता का हर समय ध्यान रखना है, स्वयं अपने परिवार, परिजनों, समाजजनों को कोरोना वायरस से बचाना है। कलेक्टर ने आवश्यक सावधानियां भी बताई तथा कहा कि धार्मिक स्थलों पर वर्तमान हालात में कम से कम लोग एकत्र हो, धार्मिक स्थल पर लोगों के बीच में कम से कम 1 मीटर की दूरी हो।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि बर्थ-डे जैसे समारोह अभी नहीं मनाए जाएं। जहां तक हो सके शादियों जैसे समारोह भी स्थगित किए जाएं। सैनिटाइजर और मास्क का उपयोग किया जाए। मास्क के संबंध में बताया कि वह व्यक्ति अवश्य मास्क का उपयोग करें जिन व्यक्तियों को सर्दी, जुकाम, बुखार हो रहा है या हॉस्पिटल परिसर या मरीज के नजदीकी संपर्क में रहने वाले व्यक्ति मास्क का उपयोग करें। कलेक्टर ने बताया कि सूती कपड़े का मास्क उपयोग किया जा सकता है जिसे 6 से 8 घंटे उपयोग पश्चात पुनः उपयोग के लिए कुकर में पानी डालकर दो सीटी की प्रक्रिया में उबालकर सुखाकर यूज करें.

कोरोना से बचने के लिए पहले ही अलर्ट हो जाए,कलेक्टर, एसपी ने व्यापारियों से कहा

कोरोना वायरस विश्वव्यापी महामारी का रूप ले चुका है। यह लाजमी है कि हम इसकी व्यापकता को समझते हुए बचने के लिए पहले से ही अलर्ट हो जाएं। कोरोना से बचने के लिए न केवल स्वयं जागरूक रहें बल्कि अपने आसपास, परिजनों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी जागरूक करें।

यह बात कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान तथा पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी ने शहर के व्यापारियों की बैठक में कही। एडीएम श्रीमती जमुना भिड़े, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील पाटीदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. इंद्रजीत  बाकलवार तथा विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी सदस्य बैठक में मौजूद थे। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के मामले में हिस्ट्री बहुत महत्वपूर्ण है। यदि कोई व्यक्ति विदेश से आया है या ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहा है जो कोरोना से संक्रमित रहा हो तो उसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति की सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग को अनिवार्य रूप से देवें।

कलेक्टर ने बैठक में कहा कि हमने, आपने अपने पूरे जीवन में कभी यह नहीं देखा कि स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हो। इसी से कोरोना की घातकता को समझा जा सकता है। कलेक्टर ने व्यापारियों से कहा कि दुकानों पर अनावश्यक भीड़ नहीं हो, आने वाले ग्राहकों के बीच पर्याप्त दूरी रहे। अपनी दुकानों पर सैनिटाइजर रखें या साबुन से हाथ धुलाने की व्यवस्था करें। खासतौर पर दुकान के काउंटर तथा ग्राहकों के बैठने की कुर्सियों पर सैनिटाइजर का छिड़काव करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि स्कूल, कॉलेज, कोचिंग आदि बंद किए गए हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि घर वाले और बच्चे कहीं बाहर पिकनिक मनाएं बल्कि अपने घर पर ही रहे। कोरोना की घातकता को समझे, अपने आसपास में उन लोगों की जानकारी भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दे जो बाहर से आए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि हमारा जीवन बहुत महत्वपूर्ण है पैसे का प्रॉफिट नहीं। इसलिए व्यापारी गंभीरता और सावधानियां बरतें। हम अगर आगामी 15 से 20 दिन सावधानी बरत लेंगे, एक दूसरे से संपर्क में पर्याप्त दूरी, समय-समय पर हाथ धुलाई, मास्क का उपयोग, सैनिटाइजर का छिड़काव, आदि सावधानियां बरत लेंगे तो कोरोना वायरस की चैन को तोड़ देंगे। कलेक्टर ने कहा कि 15 से 20 दिनों तक हमें सार्वजनिक रूप से एकत्रित होने से बचना है। ऐसा करने से हम  कोरोना की चेन को तोड़ सकेंगे। सार्वजनिक बगीचों में नहीं जाएं, सार्वजनिक बगीचों को बंद किया जा रहा है। दुकानों पर अनावश्यक रूप से खड़े नहीं रहे।

जनता कर्फ्यू के दौरान दूध और दवाइयों की उपलब्धता

व्यापारियों की बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने कहा कि वे प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना वायरस से बचाव के लिए हरकदम उठाने को तैयार हैं। कलेक्टर ने बताया कि जनता कर्फ्यू के दिन 22 मार्च को कुछ दवाइयों की दुकान चिन्हित की जाएगी जहां से आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी। फोन पर भी दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है। दूध विक्रेताओं के लिए भी समय निश्चित किया जाएगा। कलेक्टर ने आग्रह किया कि जनता कर्फ्यू के दौरान 22 मार्च को व्यापारी अपनी दुकान के मजदूर या कर्मी के वेतन में कटौती नहीं करें। इसके साथ ही मजदूर वर्ग से भी अपील की गई है कि 22 मार्च रविवार को शहर में नहीं आए।

बस तथा मेजिक ऑपरेटरों की भी बैठक लेकर कोरोना वायरस से बचाव के लिए दिशा निर्देशित किया गया

कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े द्वारा शुक्रवार सुबह बस तथा मैजिक ऑपरेटरों की भी बैठक ली गई। उनको कोरोना से बचाव के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिराली जैन, जिला परिवहन अधिकारी श्री दीपक मांझी के अलावा यूनियन के श्री आर.के. जैन लाला, बस एसोसिएशन अध्यक्ष श्री शुभेंद्रसिंह गुर्जर, श्री मनीष जैन, यातायात सूबेदार सुश्री मोनिकासिंह भी उपस्थित थे।

ऑपरेटर्स को निर्देश दिए गए कि बसों तथा मैजिक वाहनों में सेनीटाइजर रखे जाएं। प्रत्येक सवारी के चढ़ने, उतरने के पश्चात हाथ धुलाई कराई जाए। वाहनों पर वायरस से बचाव संबंधी सावधानियों के फ्लेक्स प्रदर्शित किए जाएं, वाहन में सवार होने वाले ऐसे व्यक्ति जिन्हें सर्दी, जुकाम, बुखार की तीव्र शिकायत हो, उनकी सूचना जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. प्रमोद प्रजापति को मोबाइल नंबर 94068 87851 या 90391 46673 पर देवें।

निर्देशित किया गया कि वाहनों पर ड्राइवर तथा अटेंडर स्वयं मास्क भी पहने, अपने हाथों की सैनिटाइजर से धुलाई करते रहे। अपने वाहन में उन स्थानों पर भी सेनीटाइजर का छिड़काव करते रहे जहां हाथों का स्पर्श होता रहता है, बसों से पर्दे हटा दिए जाएं।

कोरोना वायरस के संबंध में चिकित्‍सकों को दक्ष किया

रतलाम के जिला प्रशिक्षण केन्‍द्र विरियाखेडी पर जिले के शासकीय चिकित्‍सालय, मेडिकल कालेज के चिकित्‍सकों, ग्रामीण क्षेत्र के चिकित्‍सकों को कोरोना वायरस से निपटने के लिए व्‍यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेडिकल कालेज के डीन डा. संजय दीक्षीत ने बताया कि अन्‍य देशों से यात्रा कर लौटने वाले मरीजों की कडी निगरानी रखी जाए और अस्‍पताल में कार्यरत स्‍टाफ और नर्सिंग सहायक अपने बचाव की पूरी तैयारी रखें। सीएमएचओ डा. प्रभाकर ननावरे ने चिकित्‍सकों को निर्देशित किया कि कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रशिक्षण के दौरान डा. ध्रुवेन्‍द्र पांडे ने  हास्पिटल इंफेक्‍शन प्रिवेन्‍शन  कंट्रोल मेनेजनेंट, डा. गौरव सक्‍सेना ने सेंपल कलेक्‍शन, डा. महेन्‍द्र चौहान ने क्लिनिकल केयर मेनेजमेंट, पीसीएम विभाग की डा. स्‍वर्णलता लिखार ने कम्‍युनिटी सर्विलेंस, डा. रवि दिवेकर ने रिस्‍क कंटेन्‍मेंट के तकनीकि पहलुओं पर चिकित्‍सकों को दक्ष किया।

प्रशिक्षण में पीपीई किट (चिकित्‍सकों के लिए पर्सनल प्रोटेक्‍शन किट) को पहनने के तरीके मास्‍क लगाने उतारने के तरीके , ग्‍लव्‍स का उपयोग एवं निस्‍तारण, हाथ धोने के छ: चरण आदि का पूरा व्‍यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में मेडिकल कालेज की माईक्रोबायोलाजी की विभागाध्‍यक्ष डा. शशि गांधी ने कोरोना वायरस की माईक्रोबायोलाजी के बारे में विस्‍तार से बताया। आभार आरएमओ डा. रवि दिवेकर द्वारा व्‍यक्‍त किया गया ।