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खत्म होगी किरायेदारों और मकान मालिकों की टेंशन, नये किराया कानूनों को मंजूरी- पढ़ें क्या होंगे फायदे

नई दिल्ली,2जून2021। मकान मालिकों के द्वारा किरायों में मनमानी बढ़त की बात हो या किरायेदारों के द्वारा मकान पर कब्जे का डर, आने वाले समय में इन सभी पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गयी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज किरायेदारी से सम्बंधित मॉडल टेनेन्सी एक्ट को जारी करने की मंजूरी दे दी। इस एक्ट का उद्देश्य किरायेदारों और मकान मालिकों की हितों की रक्षा के साथ साथ किराये के मकानों को देने या लेने के पूरे सिस्टम को व्यवस्थित करना है, जिससे घरों के विकल्प बढ़ें और लोगों के बेहतर आवास या आय सुनिश्चित हो सके।

क्या है नये एक्ट का फायदा

नये एक्ट में कानूनी ढांचे, किराये का एग्रीमेंट, सिक्योरिटी डिपॉजिट, किराये में बढ़ोतरी की दर, घर वापस लेने के नियम कानून, नियम तोड़ने वाले पर कार्रवाई और दूसरे पक्ष के हितों को सुरक्षा और मकान को किराये पर देने या लेने में तरीकों को व्यवस्थित करने के लिये कानून होंगे।

सरकार के मुताबिक इससे देशभर में किराये पर मकान देने के सम्बन्ध में कानूनी ढांचा दुरुस्त होगा। जिससे किराये पर मकान देने को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ेगा और ज्यादा से ज्यादा लोग अपने मकान किराये पर देंगे, जिससे आपूर्ति बढ़ेगी और किराये नीचे आयेंगे।

मकान को किराये पर चढ़ाने का सिस्टम और व्यवस्थित किया जा सकेगा जिससे लोग पारदर्शिता और आसानी के साथ मकान किराये पर ले या दे सकेंगे। इससे मध्यस्थों को बीच से हटाने में भी मदद मिलेगी।

मकानमालिकों और किरायेदारों के हितों की रक्षा की जा सकेगी, किरायेदारों को मनमाने किराये या मकान मालिकों को घर पर कब्जे कि खिलाफ कानूनी सुरक्षा मिलेगी।

सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा तय की जायेगी, जिससे किरायेदारों पर अनावश्यक बोझ नहीं पड़ेगा।

घर खाली करने में मकान मालिक का मनमर्जी नहीं चलेगी, घर खाली करने की प्रक्रिया एग्रीमेंट के हिसाब से हो यह सुनिश्चित होगा।

हालांकि समय पर घर खाली न करने पर मकान मालिक के पास अधिकार होगा कि एग्रीमेंट तोड़ने पर वो किरायेदार से हर महीने का दोगुना किराया वसूल कर सके।

घर किराये पर देने के बाद, मकान मालिक अपनी मनमर्जी के आधार पर घर या संपत्ति में आ जा नहीं सकेंगे, इसके लिये उन्हें किरायेदार को 24 घंटे पहले अनुमति लेनी होगी।

सरकार की कोशिश है कि मकान किराये पर देने के काम को संगठित कारोबार की तरह पेश किया जा सके, जहां संगठित क्षेत्र किराये के घरों को ऑफऱ करे, इससे बिना बिके घरों का इस्तेमाल होगा वहीं सभी आय वर्ग लोगों को ज्यादा बेहतर तरीके से घर किराये पर मिलें।

कैसे लागू होंगे ये कानून

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आदर्श किराया एक्ट को मंजूरी दे दी है, इसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिये जारी किया जा रहा है।राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसके आधार पर अपने हिसाब से ताजा कानून बनायेंगे या मौजूदा कानूनों में संशोधन करेंगे।