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जापान में मिले मोदी-ट्रंप, US राष्ट्रपति बोले- हम अच्छे दोस्त, मिलकर काम करेंगे

नई दिल्ली, 28जून। जापान के शहर ओसाका में जी-20 की बैठक चल रही है. शुक्रवार सुबह अमेरिका-जापान-भारत के नेताओं की त्रिपक्षीय बैठक शुरू हो गई जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे हिस्सा ले रहे हैं. इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

ओसाका में जी-20 बैठक से इतर ब्रिक्स नेताओं की बैठक हुई जिसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया.

ईरान के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, हमारे पास काफी वक्त है, कोई जल्दी नहीं है. वे समय ले सकते हैं. समय को लेकर कोई दबाव नहीं है. मुझे लगता है कि अंत में सब सही हो जाएगा. अगर यह काम करता है तो ठीक नहीं तो आप लोग इसके बारे में कुछ सुनेंगे.

राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा, ‘आपने लोगों को साथ लाने का बड़ा काम किया है. मुझे याद है कि जब आप पहली बार सत्ता में आए थे तब कई धड़े थे और वे आपस में लड़ते थे और वे अब एकसाथ हैं. यह आपकी क्षमता का सबसे बड़ा सम्मान है.’

बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि ‘हम लोग काफी अच्छे दोस्त हो गए हैं, हमारे देशों में इससे पहले कभी इतनी नजदीकी नहीं हुई. मैं ये बात पूरे भरोसे से कह सकता हूं. हम लोग कई क्षेत्रों में खासकर मिलिटरी में मिलकर काम करेंगे. आज हमलोग कारोबार के मुद्दे पर भी बात कर रहे हैं.’

बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे को चुनाव में मिली जीत पर बधाई दी और कहा कि दोनों नेता अपने अपने देश में काफी अच्छा काम कर रहे हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री आबे के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चार प्रमुख मुद्दों पर वे बात करना चाहते हैं जिनमें ईरान, 5जी, द्विपक्षीय और रक्षा संबंध शामिल हैं.

यात्रा के पहले दिन गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओसाका में अपने जापानी समकक्ष शिंजो आबे से मुलाकात की. द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप्स समेत कई क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय गठजोड़ बनाते हुए बांग्लादेश, म्यांमार और केन्या जैसे अन्य तीसरे देशों में संयुक्त परियोजनाओं में दोनों देशों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया.

(साभार-आज तक)