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जिप.सदस्य ने कहा-अधिकारी जनप्रतिनिधी की नहीं सुनते। वे आईएएस-आईपीएस बनकर आए है, तो हम भी मेहनत कर जनसमर्थन से यहां पहुंचे है

रतलाम(खबरबाबा.काम)। बुधवार को जिला पंचायत साधारण सभा की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। बैठक शुरु होते ही 10 मिनट में इतनी गहमा-गहमी हो गई कि आधे से अधिक सदस्यों ने बहिष्कार कर दिया। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों द्वारा उनके द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर अमल नहीं करने पर आड़े हाथ लेते हुए खरीखोटी सुनाई। जिला पंचायत सदस्य नारायण मईड़ा ने अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे आईएएस-आईपीएस बनकर आए है तो हम भी मेहनत कर जनता के समर्थन से यहां पहुंचे है। इसके बाद निंदा प्रस्ताव रखा गया और कांग्रेस के सभी सदस्यों के साथ भाजपा और जदयू के सदस्य ने भी वॉक आउट कर दिया।
बुधवार सुबह करीब 1.30 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में जिपं अध्यक्ष परमेश मईड़ा की अध्यक्षता में बैठक शुरु हुई। बैठक शुरु होते ही कुछ सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत में अधिकारी मिलते नहीं है। बाबू जिला पंचायत चला रहे हैं। सचिवों की भर्ती और बहाली के दौरान सामान्य प्रशासन समिति के सदस्यों के ध्यान में कोई जानकारी ही नहीं लाई गई। जिला पंचायत सदस्य नारायण मईड़ा ने भी आक्रोश जताते हुए कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की सुनते नहीं है,वे ध्यान रखें कि अगर वो आईएएस और आईपीएस बनकर आए हैं, तो जनप्रतिनिधि भी उनसे ज्यादा मेहनत करके, जनता के समर्थन से यहां आए हैं। जनप्रतिनिधि जनता और जमीन से जुड़े होते हैं और उनकी समस्या ही सामने रखते हैं। उन्होंने कहा कि यहां जनप्रतिनिधियंो से ऐसा व्यवहार किया जाता है कि लगता है जैसे पेशी पर आए हैं। डीपी धाकड़ ने कहा कि आज तक किसी भी बैठक के पालन प्रतिवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष परमेश मईड़ा ने भी पहली बार नाराजगी जताते हुए कहा कि जब अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की बात सुनना ही नहीं है तो बैठकों का औचित्य ही क्या है। जो निर्देश दिए जाते हैं, वो पूरे होना चाहिए, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। बैठक की शुरुआत के 10 मिनट में ही नाराजगी जताते हुए डीपी धाकड़, सदस्य नारायण मईड़ा, कमल देवदा, प्यारीबाई डिंडोर, रुकमणीबाई पाटीदार, कलाबाई पारगी, कविता भगौरा, बगदीबाई गुर्जर, सांसद प्रतिनिधि राजेश भरावा ने बहिष्कार कर दिया। इसके बाद भी सभाकक्ष में अध्यक्ष परमेश मईड़ा, सदस्य चांदनी जैन, भंवरसिंह, भेरूलाल गोयल, जनपदों के अध्यक्ष और अधिकारी करीब 20 मिनट तक चर्चा करते रहे। चार सदस्य शुरुआत से ही अनुपस्थित रहे।