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तीनों राज्यों में कांग्रेस की जीत का असर पड़ेगा राज्यसभा पर भी,जानिए 2022 तक किसका बढ़ेगा दबदबा

नई दिल्ली, 19 दिसम्बर(खबरबाबा.काम)। मध्य प्रदेश,राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सरकार बनाते ही राज्यसभा में भी कांग्रेस की ताकत में इजाफा होगा. वहीं, इन नतीजों के आधार पर आने वाले समय में बीजेपी को काफी नुकसान होने वाला है. तीनों राज्यों की 26 सीटों में से अभी उसके पास 21 सीटें हैं लेक‍िन 2022 तक बीजेपी 12 या 13 सीटों पर सिमट जाएगी.

मध्य प्रदेश में फायदे में रहेगी कांग्रेस

राज्यसभा के लिए 2020 में मध्य प्रदेश से 3 सीटों के लिए चुनाव होगा. अभी इसमें बीजेपी के पास 2 और कांग्रेस के पास 1 सीट है. इसमें कांग्रेस को 2 सीटें आसानी से मिल जाएंगी, जबकि बीजेपी के खाते में 1 सीट जाएगी. इसी तरह वर्ष 2022 में 3 सीटों के लिए चुनाव होगा. इन 3 सीटों में इस समय 2 बीजेपी और 1 कांग्रेस के पास है. तब कांग्रेस के खाते में 2 और बीजेपी के खाते में 1 सीट जाएगी. इस तरह 2022 तक मध्यप्रदेश में बीजेपी के पास 11 में से 6 सीटें होंगी तो वहीं कांग्रेस के पास 5 सांसद होंगे.

राजस्थान में भी असर

राज्यसभा में इस समय राजस्थान से कांग्रेस की सदस्य संख्या जीरो है, लेकिन नई विधानसभा में विधायकों की संख्या के हिसाब से 2020 में इसके 2 सदस्य राज्यसभा में होंगे. बीजेपी को राजस्थान से 2020 में केवल 1 सीट ही मिलेगी. राजस्थान में 2020 में 3 सीटें खाली हो रही हैं. इनमें विधायकों की संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को 2 और बीजेपी को 1 सीट मिल सकती है. हालांकि कांग्रेस को दूसरी सीट के लिए निर्दलीय और सहयोगी दलों का सहारा लेना होगा.  इसी तरह से 2022 में राज्य में 4 सीटें खाली हो रही हैं.  इसमें कांग्रेस को 2 सीटें आसानी से मिल जाएंगी जबकि तीसरी सीट के ल‍िए मुकाबला होगा. वहीं, बीजेपी को 1 सीट मिलेगी और दूसरी सीट के लिए उसे 7 और विधायकों की जरूरत पड़ेगी. ऐसी स्थिति में राज्य में चौथी सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो सकता है. इस तरह राजस्थान में 2022 तक कांग्रेस शून्य से बढ़कर 4 से 5 राज्यसभा सांसद वाली पार्टी हो जाएगी.

 छत्तीसगढ़ में संभावना

भाजपा को छत्तीसगढ़ में सीधे तौर पर नुकसान हो रहा है. 2020 में राज्य की 2 सीटों के लिए चुनाव होगा. जिसमें वर्तमान में 1-1 सीट कांग्रेस और बीजेपी के पास है. 2020 में ये दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में चली जाएंगी. इसी तरह 2022 में होने वाले चुनाव में दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में चली जाएंगी. इनमें भी इस समय एक सीट कांग्रेस और एक बीजेपी के पास है.

खतरे से बाहर हैं इसी साल चुने गए ये सांसद  

अगले पांच सालों में होने वाले राज्यसभा के चुनाव में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई सांसदों के लिए समीकरण बदल सकता है. वहीं कुछ सांसदों के लिए अगले 5 साल सुरक्षित हैं. इनमें छत्तीसगढ़ से बीजेपी की सरोज पांडेय के अलावा मध्य प्रदेश से भाजपा के थावरचंद गहलोत, धर्मेन्द्र प्रधान, कैलाश सोनी, अजय प्रताप सिंह और कांग्रेस के राजमणि पटेल शामिल हैं. यही स्थिति राजस्थान से भाजपा के भूपेंद्र यादव, किरोड़ीलाल मीणा और मदनलाल सैनी की भी है, जिनका कार्यकाल अगले 5 साल तक सुरक्षित है. ये सभी सांसद इस साल हुए अप्रैल महीने के चुनाव में चुने गए थे.  गौरतलब है क‍ि मध्यप्रदेश में 11, राजस्थान में 10 और छत्तीसगढ़ में 5 राज्यसभा सदस्य हैं. वर्तमान राज्यसभा में राजस्थान की दसों सीट पर बीजेपी का कब्जा है. मध्यप्रदेश में 8 बीजेपी और 3 कांग्रेस के पास हैं. वहीं, छत्तीसगढ़ में बीजेपी के 3 और कांग्रेस के 2 राज्यसभा सांसद हैं. इसका मतलब है क‍ि इन तीन राज्यों की 26 सीटों में से 21 सीटें बीजेपी के पास हैं और स‍िर्फ 5 सीटों पर कांग्रेस है लेक‍िन 2022 तक बीजेपी  12 या 13 सीटों पर सिमट जाएगी.