Home रतलाम नन्हे-नन्हे बच्चो ने प्रभात फेरी के माध्यम से धर्म के साथ पर्यावरण...

नन्हे-नन्हे बच्चो ने प्रभात फेरी के माध्यम से धर्म के साथ पर्यावरण रक्षा का दिया संदेश

रतलाम,14अप्रैल(खबरबाबा.काम)। नगर के समस्त जैन पाठशाला के बच्चें ने समाज में जन जागृति लाने एवं छोटे बच्चों को पाठशाला में जोड़ने के लिए एक जन जागृति रैली (प्रभात फेरी) निकाली।

बागड़ों का वास स्थित श्री शांतीनाथजी जैन मन्दिर से प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें 300 बच्चों ने भाग लेकर पाठशाला से सभी बच्चे जुड़े के आव्हान के साथ पर्यावरण रक्षा के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण हो, जल का अपव्यय न हो एवं माता-पिता के सेवा करने जैसे संदेशों को जन जन तक पहुंचाने का आव्हान किया।

प्रभात फेरी के पूर्व सभी बच्चों ने श्री शांतीनाथजी के मन्दिर मेंदर्शन वंदन कर चैत्य वंदन किया। इसके बाद सभी बच्चे कतारबद्ध होकर धार्मिक संदेशों की तखतियों के साथ शांती व त्याग के प्रतीक ध्वज को लहराते हुए जैन कालोनी से निकलकर पैलेस रोड़, गणेश देवरी, चांदनीचौक, चौमुखी पुल होते हुए त्रिपोलया गेट स्थित फुलकुंवर बाई उपाश्रय पहुंचकर समाप्त हुआ ।

पाठशाला के अमृतजी जैन एवं दीपक कटारिया ने बताया कित्रिपोलिया गेट स्थित फुलकुंवर बाई जैन उपाश्रय में बच्चों को संस्कारों की शिक्षा, रिश्तों का सम्मान, व्यवहारिक ज्ञान एवं धार्मिक अभ्यास को लेकर विगत 1 माह से त्रैमासिक संस्कार समर पाठशाला चल रहीं है।  जिसमें धार्मिक ज्ञान के अलावा बच्चों के बौद्धिक विकास भी हो इस हेतु हर रविवार को बच्चों को भिन्‍न-भिन्‍न कार्यक्रम के माध्यम से रूचीपूर्ण गेम्स व खेलकूद का आयोजन किया जाता है एवं बच्चों को पुरस्कृत किया जाता है।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार अमृतजी जैन किया 1

झलकिया :-

> प्रभात फेरी को लेकर बच्चों में अपार उत्साह था ।

> बच्चे समय के पूर्व ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे 1

> मार्ग में जगह-जगह लोगों द्वारा प्रभात फेरी कीं जानकारीं लेते हुए कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहे थे 1

>चन्द्रवीर परिवार के बालक-बालीका के द्वारा बजाए जा रहे बेण्ड सभीके लिए आकर्षण का केन्द्र रहा.

> प्रभात फेरी के आगे बच्चे जैन ध्वज लेकर चल रहे थे ।

> प्रभात फेरी के अंत में कार्यकर्ताओं के साथ समाजजनों द्वारा भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया जा रहा था .

> अंत में सभी को नवकारसी एवं प्रभावना वितरीत की गई ।

उक्त जानकारी समर संस्कार पाठशाला के विनोद बाफना ने दी।