Home देश नागरिकता संशोधन विधेयक: राज्यसभा ने भी बुधवार को बिल हुआ पास

नागरिकता संशोधन विधेयक: राज्यसभा ने भी बुधवार को बिल हुआ पास

नई दिल्ली, 12दिसम्बर2019/ भारी हंगामा, तीखी नोकझोंक और वार-पलटवार के बीच लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी बुधवार को नागरिकता संशोधन बिल पर मुहर लगा दी। इसके साथ ही तीन पड़ोसी देशों बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का रास्ता साफ हो गया है। बिल के समर्थन में 125 और विरोध में 105 मत पड़े। इसके साथ ही विपक्ष की ओर से पेश सभी 43 संशोधन भारी अंतर से गिर गए। बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजे जाने का प्रस्ताव भी गिर गया।

इससे पहले इस बिल पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। हंगामा इतना बढ़ा कि सभापति वेंकैया नायडू को कार्यवाही का प्रसारण दो बार रोकना पड़ा। विपक्ष ने सरकार पर इस बिल के जरिये अपना सांप्रदायिक एजेंडा चलाने और मुसलमानों को निशाने पर लेने का आरोप लगाया। बिल को असंवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत मिले समानता के अधिकार के खिलाफ बताया। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ध्यान बंटाने के लिए इस बिल के जरिए देश में सांप्रदायिक भेदभाव पैदा कर रही है।

जवाब में गृह मंत्री ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर देश का बंटवारा धर्म के आधार पर नहीं होता और पूर्व में विभिन्न दल महज सरकार बचाने के लिए परिस्थितियों से दो-दो हाथ कर समाधान निकालते तो बिल की जरूरत नहीं पड़ती। शाह ने कहा कि बिल न तो सांप्रदायिक है न ही किसी विशेष धर्म को निशाना बनाने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान इस्लामी देश हैं। इन देशों में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित हो कर करोड़ों लोग भारत आए। मोदी सरकार ऐसे शरणार्थियों को मानवीय आधार पर न्याय दिलाना चाहती है।

जदयू का फिर मिला साथ तो शिवसेना का वाकआउट

बिल के समर्थन में विरोध के स्वर उठने के बावजूद सरकार की सहयोगी ने लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी बिल का समर्थन किया। लोकसभा में बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना के सांसदों ने एनसीपी और कांग्रेस के दबाव में बीच का रास्ता अपनाते हुए मतदान के दौरान वॉकआउट किया।

(साभार-अमर उजाला)