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नाम निर्देशन पत्र के समय 100 मीटर की परिधि में 3 वाहन एवं अभ्यर्थी सहित 5 व्यक्तियों का प्रवेश हो सकेगा, कलेक्टर ने दी आयोग के निर्देशों की जानकारी

रतलाम 25 अक्टूबर(खबरबाबा.काम)।निर्वाचन प्रबंधन में रिटर्निंग आफिसर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विधानसभा निर्वाचन में नामांकन दाखिल करते समय अभ्यर्थियों के साथ बड़ी संख्या में वाहन एवं व्यक्ति रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय में पहुंचते हैंजिससे कानून एवं व्यवस्था में समस्या पैदा हो जाती है,इसलिये निर्वाचन आयोग ने अभ्यर्थी के दस्ते में या उसके साथ आने वाले वाहनों की अधिकतम संख्या रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय के 100मीटर की परिधि के भीतर 3 वाहन एवं अधिकतम अभ्यर्थी सहित 5 व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति होगी।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रूचिका चौहान ने बताया कि आयोग के निर्देश अनुसार 100 मीटर की परिधि को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाकर अभ्यर्थी तथा 4अन्य अधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश के लिये 1 ही प्रवेश द्वार खुला रखा जायेगा। प्रवेश द्वार पर प्रवेश के वास्तविक समय को रिकार्ड करने के लिये सीसीटीवी कैमरा लगाया जायेगा। कानून व्यवस्था के लिये पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को तैनात किया जायेगा। लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा-33 की उपधारा-6के अधीन 1 ही निर्वाचन क्षेत्र में निर्वाचन के लिये किसी अभ्यर्थी द्वारा या उसकी ओर से अधिकतम केवल 4 नामांकन पत्र प्रस्तुत किये जा सकते हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि1 ही अभ्यर्थी 1 ही निर्वाचन क्षेत्र के लिये 4 सेट से अधिक नामांकन पत्र दाखिल न करे। यदि कोई अभ्यर्थी इस संख्या से अधिक नामांकन पत्र प्रस्तुत करना चाहता है तो रिटर्निंग आफिसर अथवा विनिर्दिष्ट रिटर्निंग आफिसर को कहते हुए ऐसे नामांकन पत्र स्वीकार नहीं करना चाहिये। विधि के उपबंधों के अधीन न तो अभ्यर्थी को 4से अधिक नामांकन पत्र प्रस्तुत करने का अधिकार है और न ही रिटर्निंग आफिसर को स्वीकार करने का अधिकार है। इनको एकसाथ या पृथक रूप से दाखिल किया जा सकता है।

कोई भी अभ्यर्थी 2 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से नाम निर्देशित नहीं कर सकता है। यदि अभ्यर्थी उपबंध का उल्लंघन करता है और 1 ही वर्ग के 2 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचन के लिये नामांकन पत्रों को दाखिल करता है तो तीसरेचौथे एवं दाखिले की तारीख एवं समय के अनुसार ऐसे सभी परवर्ती निर्वाचन क्षेत्रों में उसके नामांकन पत्रों को लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा-33(7) के उपबंधों का अनुपालन नहीं किये जाने के लिये रिटर्निंग आफिसर द्वारा अस्वीकार कर दिया जाना चाहिये।

अभ्यर्थी या उसके प्रस्तावक से हस्ताक्षर द्वारा अपना पूरा नाम लिखना अपेक्षित नहीं है। यह आवश्यक नहीं है कि नामांकन पत्र पर किये गये हस्ताक्षर निर्वाचन नामावली में यथा मुद्रित व्यक्ति के पूरे नाम से ठीक-ठाक मिलता हो। यदि वह अपने हस्ताक्षर को सामान्य रूप से अपनाता हैअर्थात 1 या 1 से अधिक आदयाक्षर और उसके बाद उपनाम तोइसे अधिनियम के प्रयोजनों के लिये विधिमान्य हस्ताक्षर माना जायेगा। एक प्रस्तावक 1 ही अभ्यर्थी या विभिन्न अभ्यर्थियों के 1 से अधिक नामांकन पत्रों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। प्रस्तावक के रूप में नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद प्रस्तावक नाम वापस नहीं कर सकता है। यदि कोई अभ्यर्थी या उसका प्रस्तावक अपने हस्ताक्षर को दर्शाने के लिये अपना नाम लिखने में असमर्थ है तो उसे नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किया हुआ माना जायेगा। यदि उसने रिटर्निंग आफिसर की उपस्थिति में उस पत्र पर कोई चिन्ह या अंगूठे का निशान लगाया है तो उस व्यक्ति की पहचान के बारे में समाधान हो जायेगा।