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निर्वाचन अवधि में पेड न्यूज पर एमसीएमसी संज्ञान लेगी – कलेक्टर, मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मानिटरिंग कमेटी के कार्यां के संबंध में आयोग के निर्देशों से अवगत कराया

रतलाम 3 अक्टूबर (खबरबाबा. काम) मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मानिटरिंग कमेटी द्वारा विधानसभा निर्वाचन 2018 के तहत विभिन्न प्रकार के मीडिया में प्रसारित होने वा ले समाचारों एवं विज्ञापनों का सतत निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान पेड न्यूज पाए जाने पर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।

           उक्त बात कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मानिटरिंग कमेटी द्वारा आयोजित मीडियाजनों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। इस प्रशिक्षण बैठक में अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, जिला जनसम्पर्क अधिकारी एवं सदस्य सचिव श्री शकील एहमद खान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण फुलपगारे, समस्त आरओ तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार मौजूद थे।

प्रशिक्षण में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने मीडिया से आग्रह किया कि वे समाचारों के प्रकाशन और प्रसारण से पहले ध्यान से देख लें कि यह किसी प्रकार से ’पेड न्यूज’ तो नहीं है। साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि निर्वाचन अवधि में विज्ञापन के प्रसारण से पूर्व उसका प्रमाणन जिला स्तरीय एमसीएमसी से अवश्य करवा लें। पेड न्यूज के सम्बन्ध में कलेक्टर ने बताया कि ऐसा समाचार या विश्लेषण जो प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पैसे देकर या वस्तु देकर छपवाया गया हो, को पेड न्यूज माना जाएगा। पेड न्यूज को लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत निर्वाचन अपराध के रुप में दर्ज किया जाए। पेड न्यूज को रोकने के लिए वर्तमान तंत्र के माध्यम से पेड न्यूज छपवाने के व्यय की गणना कर उसे संबंधित उम्मीदवार के निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाए।

जिला स्तरीय एम.सी.एम.सी. द्वारा प्रिंट मीडिया/ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित/ प्रसारित होने वाली पेड न्यूज का चिन्हांकन कर उक्त पेड न्यूज के व्यय की गणना डी.ए.वी.पी./ डी.पी.आर दरों के आधार पर की जाकर मूल्य निर्धारण किया जाएगा। पेड न्यूज का मूल्य संबंधित उम्मीदवार के निर्वाचन व्यय में जोड़ने हेतु संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को भेजा जाएगा। इस नोटिस की एक प्रति व्यय प्रेक्षक को भी भेजी जाएगी।

जिला स्तरीय एम.सी.एम.सी. के पत्र के आधार पर संबंधित रिटर्निंग अधिकारी पेड न्यूज के प्रकाशन अथवा प्रसारण के 96 घंटे के भीतर संबंधित उम्मीदवार को इस आशय का नोटिस जारी करेगा कि क्यों न उक्त न्यूज को पेड न्यूज स्वीकार करते हुए उसकी गणना की गई राशि उनके निर्वाचन व्यय में जोड़ी जाए। उम्मीदवार अथवा पार्टी के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए जवाब पर एम.सी.एम.सी. अपने अंतिम निर्णय से उम्मीदवार को अवगत कराएगी। ऐसे प्रकरणों में जिसमें उम्मीदवार नोटिस प्राप्ति के 48 घंटे के बाद भी यदि जवाब प्रस्तुत नहीं करता है तो एम.सी.एम.सी. का निर्णय अंतिम माना जाएगा।

जिला स्तरीय एम.सी.एम.सी. का निर्णय यदि उम्मीदवार को अमान्य हो तो वह 48 घंटे के भीतर राज्य स्तरीय एम.सी.एम.सी. को अपील कर सकेगा। इसकी सूचना उम्मीदवार द्वारा जिला स्तरीय एम.सी.एम.सी. को देनी होगी। उम्मीदवार अथवा पार्टी के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए जवाब पर एम.सी.एम.सी. अपने अंतिम निर्णय से उम्मीदवार को अवगत कराएगी। ऐसे प्रकरणों में जिसमें उम्मीदवार नोटिस प्राप्ति के48 घंटे के बाद भी यदि जवाब प्रस्तुत नहीं करता है तो एम.सी.एम.सी. का निर्णय अंतिम माना जाएगा। किसी भी राजनौतिक दल द्वारा निर्वाचन के दौरान राजनौतिक प्रकृति के विज्ञापनों का दूरदर्शन, निजी चैनल एवं केबल नेटवर्क पर जारी करने के पूर्व प्रमाणीकरण जिला स्तरीय एम.सी.एम.सी. करवाना अनिवार्य होगा।

सदस्य सचिव द्वारा पॉवर पाइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से मीडिया सर्टिफिकेशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि नामांकन पत्र भरने की तिथि से राजनैतिक दलों अथवा प्रत्याशियों द्वारा राजनैतिक प्रकृति के विज्ञापनों को इलेट्रॉनिक मीडिया में जारी करने से पूर्व इसका प्रमाणन राज्य स्तरीय/ जिला स्तरीय एमसीएमसी से कराया जाना आवश्यक है। राजनैतिक दलों संबंधी विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन राज्य स्तरीय समिति तथा प्रत्याशियों से संबंधित विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन जिला स्तरीय समिति करेगी। मास्टर ट्रेनर प्रो. सुरेश कटारिया ने आयोग के निर्देशों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रिंट मीडिया में छपने वाले विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन आवश्यक नहीं होगा। परन्तु मतदान प्रारंभ होने के 48 घंटे पहले तक की अवधि में प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों का भी पूर्व प्रमाणन एमसीएमसी द्वारा किए जाने का प्रवधान आयोग द्वारा किया जायेगा।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दायरे में हर प्रकार का ऑडियो विजुअल अर्थात दृश्य-श्रव्य मीडिया आएगा, जिसके अन्तर्गत टीवी चैनल,केबल नेटवर्क, वेब साइट, व्हाट्सअप, फेसबुक,इंस्टाग्राम, पिंटरेस्ट आदि समस्त सोशल मीडिया तथा किसी भी स्थान पर ऑडियो अथवा वीडियो के माध्यम से प्रचार किए जाना सभी शामिल हैं। इन सब पर विज्ञापन दिखाने के पूर्व एमसीएमसी से पूर्व प्रमाणन आवश्यक होगा। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या कमेंट करने के सम्बन्ध में एमसीएमसी स्वयं संज्ञान ले सकती है अथवा शिकायत के आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व प्रमाणन के लिए समय-सीमा पंजीकृत राजनैतिक दल अथवा उम्मीदवार विज्ञापन जारी करने की तिथि के 3 दिन पूर्व तथा अपंजीकृत राजनैतिक दल के उम्मीदवार 7दिन पूर्व अपना आवेदन एमसीएमसी को प्रस्तुत करेंगे। एमसीएमसी उसी दिन अथवा दूसरे दिन पूर्व प्रमाणन जारी करेगी। विज्ञापन के पूर्व प्रमाणन के लिए राजनैतिक दल अथवा उम्मीदवार द्वारा इस हेतु आवेदन विज्ञापन की02 प्रतियों में इलेक्ट्रॉनिक कॉपी, 02 प्रतियों में ट्रांस स्क्रिप्ट, विज्ञापन निर्माण में हुआ व्यय,विज्ञापन प्रसारण में लगने वाला व्यय, विज्ञापन के प्रसारित होने की आवृत्ति आदि के विवरण सहित प्रस्तुत करना होगा। साथ ही यह घोषणा-पत्र भी देना होगा कि विज्ञापन का प्रकाशन स्वयं के लिए कराया जा रहा है। प्रत्याशी की बिना सहमति के उसके विज्ञापन का प्रकाशन अपराध माना जाएगा। विज्ञापन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर बिना प्रमाणन के चलाए जाने पर सम्बन्धित उम्मीदवार के साथ ही सर्विस प्रोवाइडर के विरूद्ध भी कार्रवाई होगी।

जिला स्तरीय एमसीएमसी विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणन से इंकार कर सकेगी, यदि वह प्रसारण के योग्य नहीं हो। समिति विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणीकरण आदर्श आचरण संहिता के प्रावधानों के अनुसार ही करेगी। जिला स्तरीय एमसीएमसी के फैसले के विरूद्ध राज्य स्तरीय एमसीएमसी में अपील की जा सकती है। राज्य स्तरीय एमसीएमसी का निर्णय बंधनकारी होगा। इस दौरान एमसीएमसी से संबंधित मीडियाजनों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।