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बिल्ली ने चिमनी गिराई और उससे लगी आग से एक परिवार का सब कुछ हुआ तबाह, आग से एक दर्जन बकरा-बकरी, 20 मूर्गियां ,अनाज एवं सामान जलकर हुआ राख, आदिवासी अंचल के गांव ज्योतपुरा का मामला।

रतलाम, 24 मई(खबरबाबा.काम)। जिले के शिवगढ थाना क्षैत्र अंतर्गत राजापुरा माताजी से 4 किमी दूर आदिवासी गांव ज्योतपुरा में आग ने एक परिवार का सबकुछ खाक कर दिया। रात में घर में रखी चिमनी बिल्ली द्वारा गिराए जाने से कुछ ही पलों में भीषण आग लग गई। आग में इंसानों ने तो जैसे-तैसे भाग कर जान बचा ली, लेकिन घर में ही बंधे 11 बकरी, 1 बकरा, 20 मूर्गियों सहित घर में रखा क्विंटलों अनाज पूरी तरह खाक हो गया। एक ही रात में परिवार का सबकुछ खत्म हो गया, न सर पर छत रही और न खाने को दाने।
जानकारी के अनुसार ज्योतपुरा में लक्ष्मण पिता हुमला डोडियार अपनी मां, भाई, पत्नी और 3 बच्चों के साथ गांव में रहते हैं। रात करीब 10 बजे परिवार के सभी लोग गर्मी के कारण आंगन में सो गए। घर में रोशनी के लिए जला कर रखी गई चिमनी रात में बिल्ली ने गिरा दी जिससे अचानक आग भभक उठी। समीप ही रखे बिस्तर, कपड़ों ने आग पकड़ ली और विक्राल रूप ले लिया। आग की लपटों और धुएं से घरबारकर परिवार के सभी लोग मदद के लिए चीखपुकार मचाने लगे। कोई कुछ कर पाता इसके पहले ही घर में बंधे मवेशी और भंडार करके रखा गया करीब 12 क्विंटल गेंहू, 6 किलो मक्का, 50 किलो चावल सहित राशन कार्ड, दस्तावेज, पाईप, घरेलु सामान को आग ने चपेट में ले लिया। लोगों ने जैसे-तैसे घर में रखे पानी से आग बुझाने की कोशिश भी की, लेकिन सफल नहीं हुए।
3 घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड- 
ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 10.30 बजे ग्रामीणों ने डायल 100 और बाजना थाने पर आग लगने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस जवान तो आए, लेकिन  फायर ब्रिगेड रात करीब 1.30 बजे पहुंची। 3 घंटे में पहुंची फायर ब्रिगेड के कारण मकान में बुरी तरह नुकसान हो गया। ग्रामीणों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि बाजना इतनी बड़ी तहसील होने के बाद भी यहां फायर ब्रिगेड का कोई प्रबंध नहीं है।