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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: मालवा का रुख तय करेगा सत्ता का सिंहासन, मालवा क्षेत्र की सीटों पर दोनों प्रमुख दलों का विशेष ध्यान

रतलाम,14अक्टूबर(खबरबाबा.काम)। मध्यप्रदेश में भाजपा लगातार चौथी बार सत्ता में आने के लिए पूरा जोर लगा रही है, तो कांग्रेस भी 15 वर्ष के अपने वनवास को खत्म कर सत्ता में लौटने की उम्मीद लगाए बैठी है। सरकार किसकी बनेगी यह तो 11 दिसंबर को पता चलेगा, लेकिन दोनों दल यह जानते हैं कि मालवा क्षेत्र सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। यही कारण है कि भाजपा मालवा में जहां अपने गढ को बचाने के लिए प्रयास कर रही है वहीं कांग्रेस भाजपा के इस गढ़ में सेंध लगाने के लिए पूरी तैयारी में है।

मालवा मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा क्षेत्र और भाजपा का सबसे बड़ा गढ़ है। लेकिन इस बार के चुनाव में यहां मतदाता किसके साथ जाएंगे यह अभी भी एक सवाल बना हुआ है। किसान आंदोलन के बाद हो रहे इस चुनाव के दौरान इस क्षेत्र में भाजपा विशेष ध्यान दे रही है। वहीं कांग्रेस भी इस बार बाजी पलट देने की उम्मीद में है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि इस बार चुनाव कौन जीतेगा। भाजपा के गढ़ मालवा क्षेत्र में राजनीति पिछले एक साल में खासतौर पर किसान आंदोलन के बाद काफी हद तक बदल गई।

मालवा क्षेत्र में आगर , देवास, धार, इंदौर, झाबुआ, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन जिले शामिल हैं। मालवा क्षेत्र में कुल 50 विधानसभा क्षेत्र हैं जिनमें पिछले दो चुनावों में भाजपा ने अधिकांश सीटें जीती हैं।

भाजपा ने 2008 के चुनावों में इस क्षेत्र में 50 सीटों में से 27 सीटें जीती थीं। और 2013 के चुनावों में 45 सीटों पर विजयी हुई थी। 2013 के चुनावों में भाजपा ने प्रदेश की 230 सीटों में से 165 जीती थीं, जो पिछले चुनावों के मुकाबले में लगभग 22 सीटें ज्यादा थीं। जीती गई अतिरिक्त 22 सीटों में से 18 सीटें मालवा क्षेत्र से जीती गईं थी।

भाजपा यह जानती है कि इन सभी 45 सीटों पर जीत बरकरार रख पाना उसके सामने चुनौती है। इसका कारण किसान आंदोलन के बाद से बना माहौल और हाल ही में उठे मुद्दे है ।
हालांकि भाजपा के कुछ नेताअों का मानना है कि मालवा के लोगों ने हमेशा भाजपा का साथ दिया है और यह परंपरा 2018 में भी जारी रहेगी।

लेकिन कांग्रेस चीजों को बदलता हुआ देख रही है। कांग्रेस को भी इस बार मालवा से उम्मीदें हैं।अब देखना यह है कि किसकी उम्मीदें जनता पूरी करती है।