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मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों का दल पहुंचा रतलाम, जिला जेल एवं अस्पताल का किया निरीक्षण, जानिए पत्रकारों से चर्चा में क्या कहा-

रतलाम,4अगस्त(खबरबाबा.काम)।मप्र मानव अधिकार आयोग का दल शनिवार को रतलाम पहुंचा। यहां दल ने पहले जिला जेल और फिर जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। दल में मानव अधिकार आयोग के प्रदेश अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेंद्र कुमार जैन, सदस्य श्री मनोहर ममतानी और श्री सरबजीत सिंह शामिल रहे।

जिला जेल और जिला अस्पताल के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि जिला जेल में व्यवस्थाएं बेहतर दिखी, दो चीज ठीक नहीं लगी। जेल में क्षमता से डेढ़ गुना अधिक विचाराधीन बंदी व कैदी है। इस बारे में आयोग सरकार से अनुशंसा करेगा। वहीं जेल के अधिकारियों ने बताया कि अधिक क्षमता और बेहतर व्यवस्था वाली जेल का प्रस्ताव शासन के पास गया हुआ है, जो विचाराधीन है। दल के निरीक्षण में जेल के भीतर डिस्पेंसरी नहीं होने व बीते डेढ़ साल से यहां पर किसी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने की बात सामने आई। अध्यक्ष ने बताया कि वे पहुंचे जब एक चिकित्सक नजर आए, उन्होने बताया कि मेरी ड्यूटी लगी है, कभी-कभी मैं आता हूं मरीजों को देखने के लिए, एक दूसरे चिकित्सक भी है, वह आज नहीं आ पाए है। अध्यक्ष श्री जैन ने कहा कि इस बात की संतुष्टि है, कि जेल में मरीजों का इलाज तो करवाते है, लेकिन जेल के अंदर एक चिकित्सक का होना जरूरी है, वह होना चाहिए।

जिला अस्पताल का भी किया निरीक्षण
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष व सदस्यों को यहां भी क्षमता से अधिक मरीज दिखे। अध्यक्ष का कहना है कि वह इसे समस्या नहीं मानते है क्यो कि निजी अस्पताल किसी मरीज को भर्ती करने से मना कर सकते है, लेकिन सरकारी अस्पताल मना नहीं कर सकते है, उनकी यह मजबूरी हम समझते है।

आयोग को मिलने वाली शिकायत में सबसे ज्यादा पुलिस की
अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री जैन ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आयोग में अधिकांश शिकायतें पुलिस, दूसरे नंबर पर अस्पताल और फिर शिक्षा सहित अन्य सभी विभागों की अलग तरह की शिकायतें आती है। हर माह औसत रूप से एक हजार शिकायतें आती है। कुछ मामलों में समाचार पत्रों में खबरें देखकर स्वत: ही संज्ञान लेते है। रिपोर्ट मंगवाते है, जिससे संबंधित अधिकारी तत्काल हरकत में आते है। रतलाम से जुड़ी शिकायत जेल की आई थी, जिस पर हमने रिपोर्ट भी मांगी थी, आयोग ने संज्ञान भी लिया था। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान और एसपी गौरव तिवारी भी मौजूद थे।