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मेडिकल कॉलेज में तृतीय-चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए,कमिश्नर अजीत कुमार ने दिए निर्देश ,मेडिकल कॉलेज की कार्यकारी समिति की बैठक संपन्न

रतलाम 08जून 2019/रतलाम मेडिकल कॉलेज की कार्यकारी समिति की बैठक शनिवार को उज्जैन में संपन्न हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए उज्जैन कमिश्नर श्री अजीत कुमार ने कॉलेज के डीन डॉ संजय दीक्षित को निर्देशित किया कि मेडिकल कॉलेज में पदों की पूर्ति शीघ्र की जाना है इसके लिए  प्रति एवं चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। इसके लिए वर्ष वार नियुक्ति की कार्ययोजना तैयार की जाए।वर्ष 2019-20 में कितने पदों पर अनिवार्य रूप से नियुक्ति की जाना चाहिए इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाए। इस बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, निगमायुक्त रतलाम श्री एस. के. सिंह, ईई पीएचई रतलाम श्री वर्मा,सिविल सर्जन डॉ.आनंद चंदेलकर, जिला कोषालय अधिकारी श्री जीएल गुवाटिया उपस्थित थे।

बैठक में मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के विस्तार तथा अन्य कार्य के लिए तैयार किए गए प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। इसे शासन को भेजा जा रहा है। साथ ही वर्ष 2019 -20 के बजट का अनुमोदन भी किया गया। बैठक में अनुमोदित प्रस्तावों में गैर शैक्षणिक संवर्ग की भर्ती प्रक्रिया के संबंध मैं तैयार प्रस्ताव के साथ ही कॉलेज की अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत सायंकालीन पेड क्लिनिक्स,सुपर स्पेशलिटी चयन समिति के संबंध में  मध्य प्रदेश आदर्श सेवा नियम 6.2 में संशोधन,चिकित्सा शिक्षकों के कांफ्रेंस में भाग लेने हेतु अवकाश,स्टाफ नर्सों की तीन माह हेतु नियुक्ति कॉलेज में कैंटीन के लिए टेंडर जारी करने,कॉलेज परिसर में 9 दुकानों के लिए टेंडर जारी करन,ेपैथोलॉजी विभाग में एमसीआई के मापदंडों को पूर्ण किए जाने हेतु अस्थाई रूप से सेंट्रल लैब इंदौर द्वारा हिस्टोपैथोलॉजी लैब हेतु ब्लॉक और स्लाइड प्रिपरेशन की दर का अनुमोदन,कॉलेज में कार्यरत स्नातकोत्तर तथा मापदंड अनुसार योग्यता प्राप्त प्रदर्शक डेसीगनेटेड सहायक प्राध्यापक पद पर नियुक्ति आदि प्रस्ताव अनुमोदित किए गए।

बैठक में कमिश्नर श्री अजीत कुमार ने निर्देशित किया कि मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की पूर्ति के लिए जब तक नियमानुसार पूर्ति नहीं होती तब तक आउटसोर्सिंग से व्यवस्था की जाए। स्थाई नियुक्तियों के लिए शासन स्तर पर की जाने वाली प्रक्रिया हेतु कॉलेज के डीन सक्रियता बरतें ।उन्होंने कॉलेज में पूर्णकालिक लेखा अधिकारी की नियुक्ति पर जोर दिया। वर्तमान में जिला कोषालय अधिकारी श्री गुवाटिया कॉलेज के लेखा अधिकारी का कार्य भी देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि रतलाम के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्था एवं जिला चिकित्सालय में इंटरकॉम व ऑक्सीजन लाइन डालने के लिए फंड प्राप्ति की प्रक्रिया प्रचलन में है।मेडिकल कॉलेज परिसर में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 1000 किलोवाट क्षमता की विद्युत आपूर्ति की जा रही है।कॉलेज परिसर में अतिरिक्त रूप से विद्युत लाइनों की व्यवस्था के निर्देश कमिश्नर अजीत कुमार द्वारा निर्माण एजेंसी को दिए गए।इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के विद्युत यांत्रिकी खंड को एस्टीमेट तैयार करने के लिए उन्होंने निर्देशित किया।कॉन्ट्रैक्टर ने बताया कि कॉलेज परिसर को ग्रीन जोन बनाने के लिए 1200 से 1400 पौधे लगाए गए हैं।

मेडिकल कॉलेज की टीम ने बताया कि कालेज परिसर में कॉफी हाउस के लिए इंडियन कॉफी हाउस संस्था को पत्र लिखा गया है। इस परिसर में सांची मिल्क पार्लर भी स्थापित किया जाएगा।नगर निगम द्वारा नियमित रूप से कचरा वाहन नहीं भेजा जा रहा है, इस संबंध में कमिश्नर ने निर्देशित किया कि कचरा निपटान के लिए इंसीलेटर की स्थापना की योजना बनाई जाए।कॉलेज के लिए बस स्टॉपेज, मरीजों के अटेंडर्स के लिए विश्राम गृह के निर्माण हेतु प्रक्रिया प्रचलन में है।कॉलेज के मेंटेनेंस का कार्य लोक निर्माण विभाग करेगा, इसके लिए उसको अधिपत्य देने की प्रक्रिया आगामी 15 दिनों में पूरी कर ली जाएगी।

मेडिकल कॉलेज को जलापूर्ति पर भी विस्तृत चर्चा इस बैठक में हुई।निगमायुक्त ने बताया कि वर्तमान में औसतन 48000 लीटर पानी प्रतिदिन सप्लाई किया जा रहा है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा खनन किए गए 3ट्यूबवेल्स भी पानी दे रहे हैं।कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कमिश्नर को कनेरी डैम से पानी लेने की योजना पर जानकारी दी। इस पर 9करोड़ का खर्च आएगा।कमिश्नर ने नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि वह प्रतिदिन एक लाख लीटर पानी देने की व्यवस्था करें।निगमायुक्त ने बताया कि रतलाम के कस्तूरबा नगर क्षेत्र की टंकी से कॉलेज को पानी सप्लाई के लिए पृथक से लाइन जोड़ी गई है। इसके अलावा गंगासागर क्षेत्र की टंकी से भी पानी देने की व्यवस्था की जाएगी। कमिश्नर श्री अजीत कुमार ने कलेक्टर श्रीमती चौहान को निर्देशित किया कि वह नियमित रूप से मेडिकल कॉलेज परिसर का निरीक्षण करती रहे।