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रतलाम: आते ही नवागत कलेक्टर ने व्यवस्थाओ को सुधारने के लिए उठाए कदम, मेडिकल कालेज में आने वाले हर मरीज को भर्ती करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएगी, रैपिड रिस्पांस टीम भी बनेगी, 150 दलों का होगा गठन, प्रतिदिन 5 हजार घरों के सर्वे का लक्ष्य, जानिए और क्या निर्देश दिए

रतलाम,9मई(खबरबाबा.काम)/जिले के नवागत कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम ने रविवार को कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात सभी जिला अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज मेंं आने वाले हर मरीज को भर्ती करने के लिए आवश्यक व्यवस्था के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान कोरोना कॉल हम सबके लिए एक चुनौती की तरह है। हमें इस चुनौती को स्वीकार करते हुए शत प्रतिशत रूप से दायित्वों का निर्वहन करना है।जिले को संक्रमण की स्थिति से बाहर निकालना है और जीवन पटरी पर लाना है।कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती मीनाक्षी सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री इंद्रजीत बाकलवार, एसडीएम श्री अभिषेक गहलोत ,डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिराली जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

150 सर्वे दल का गठन होगा

कलेक्टर ने रतलाम शहर में सघन सर्वेक्षण के लिए 150 दलों के गठन के निर्देश दिए। जिसमें महिला बाल विकास नगर निगम राजस्व तथा अन्य विभागों के कर्मचारी सम्मिलित रहेंगे। सर्वेक्षण दल मोहल्ले कालोनियों में पहुंचकर सर्दी खांसी जुकाम के मरीजों की जानकारी हासिल करेंगे। साथ ही उनको हाथों-हाथ मेडिकल किट प्रदान करेंगे। जिसमें आवश्यक दवाइयां रहेंगी ताकि मरीज गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचे ।प्रथम चरण का सर्वे रतलाम शहर में 12 दिन में पूरा कर लिया जाएगा ।प्रत्येक दल 1 दिन में 20 से 30 घरों को कवर करेगा।सर्दी खांसी तथा कोरोना के मरीजों को उनके घर पर ही दवाई का किट देगा। उपयोग करने की हिदायत भी देगा। साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल भी बताएंगे। रतलाम शहर में 150 दल प्रतिदिन करीब 5000 घरों मे पहुंचेंगे। मेडिकल किट के अलावा अन्य सपोर्टिंग दवाओं के संबंध में भी सुझाव देंगे। सघन सर्वेक्षण के निर्देश कलेक्टर द्वारा जिले के सभी एसडीएम को भी अपने अपने क्षेत्रों के लिए दिए गए। कलेक्टर ने कहां की मोबाइल दल भी बनेंगे, जो होम आइसोलेटेड और संदिग्ध कोरोना मरीजों को वॉच करेंगे ।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संदिग्ध कोरोना मरीज के पूरे परिवार को दवाएं दी जाए।

बैठक में कलेक्टर ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में कोरोना संक्रमण तथा उससे जुड़ी जानकारियां लेते हुए समीक्षा की। जिले में कोरोना पेशेंट संख्या कंटेनमेंट स्थिति सर्वेक्षण ऑक्सीजन की स्थिति विभिन्न दवाइयों की उपलब्धता, स्टाफ की उपलब्धता ,अस्पतालों में बेड उपलब्धता आदि बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मेडिकल कॉलेज में आने वाले हर मरीज को भर्ती करने के निर्देश

कलेक्टर ने बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ गुप्ता से मेडिकल कॉलेज की जानकारी प्राप्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज मेंभर्ती होने के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज को भर्ती किया जाए। इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़े तो की जाएं। मेडिकल कॉलेज में रैपिड रिस्पांस टीम बनाई जाए, जो वहां भर्ती होने के इंतजार में बाहर बैठे मरीज को तत्काल प्राथमिक रूप से उपचार मुहैया करवाएगी ।ताकि उसके उपचार में कोई देरी नहीं हो।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सब मिलकर कोरोना के विरुद्ध मिशन मोड में कार्य करेंगे। सबके सहयोग से दिन-रात कार्य करके जिले को कोरोना से मुक्त किया जाएगा।

बड़े आकार के माइक्रो कंटेंटमेंट बनाए जाएं

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोरोना पेशेंट के घरों के आसपास थोड़े बड़े आकार के माइक्रो कंटेनमेंट बनाए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में खासतौर पर उन गांवों में जहां पेशेंट ज्यादा है पुलिस का फ्लैग मार्च करवाया जाए। ताकि बीमारी के प्रति ग्रामीण अलर्ट हो जाए ।कलेक्टर द्वारा जिले के अन्य एसडीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा करते हुए उनके क्षेत्रों में सर्वेक्षण दलों के तत्काल गठन एवं कोरोना मरीजों के सघन सर्वेक्षण के निर्देश दिए।कलेक्टर द्वारा कील कोरोना अभियान की जानकारी भी ली गई।

कलेक्टर ने बैठक में टीकाकरण कार्य की जानकारी भी प्राप्त की।कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। अगर हमारे प्रयास से किसी व्यक्ति की जान बच जाती है तो हमारा जीवन सार्थक रहेगा।