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रतलाम: कलेक्टर ने प्रतिमा स्थापना,आयोजन और दुकानों के समय को लेकर जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश

रतलाम 25 सितम्बर 2020(खबरबाबा.काम)/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री गोपालचंद्र डाड द्वारा रतलाम जिले की राजस्व सीमाओं में आगामी आदेश तक धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं जिसके तहत विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की जाने वाली प्रतिमा की ऊंचाई अधिकतम 6 फीट होगी। पंडाल की साइज 10 बाय 10 फिट अधिकतम रखी जा सकेगी। सभी मूर्तिकारों को तत्काल आवश्यक रूप से अवगत कराया जाए कि प्रतिमा की ऊंचाई 6 फीट या उससे कम रखा जाना बंधनकारी है।

सामाजिक, सांस्कृतिक तथा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में भारत सरकार तथा मध्यप्रदेश शासन के परिपत्रों अनुसार 100 से कम व्यक्तियों के आयोजन किए जा सकेंगे। इसके लिए आयोजक को जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति प्राप्त करना होगी। कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत किसी धार्मिक, सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी, साथ ही गरबा के आयोजन नहीं हो सकेंगे। लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। मूर्ति विसर्जन के लिए 10 से अधिक व्यक्तियों के समूह को अनुमति नहीं प्रदान की जाएगी। इसके लिए संबंधित आयोजकों को पृथक से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति पूर्व से प्राप्त करना आवश्यक होगा। सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना संक्रमण से बचाव के तारतम्य में झांकी, पंडाल विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर के प्रयोग के साथ ही राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

सभी दुकाने रात्रि 8:00 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। केमिस्ट, रेस्तरां, भोजनालय, राशन एवं खानपान से संबंधित दुकाने 8:00 बजे के बाद भी अपने निर्धारित समय तक खुली रह सकती है। रात्रि 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक अकारण आवागमन ना हो, इसके लिए नियमित रूप से पेट्रोलिंग व्यवस्था की जाएगी। दुकानों का निरंतर निरीक्षण किया जाएगा। दुकान संचालकों से अपेक्षा की गई है कि वे स्वयं मास्क पहने, ग्राहकों के उपयोग के लिए सैनिटाइजर तथा सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 1 गज की दूरी पर घेरे बनाएं। ऐसा नहीं करने वाले संचालक के विरुद्ध जुर्माना तथा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम के आयोजक यह सुनिश्चित करेंगे की मूर्ति स्थापना के एक सप्ताह पूर्व संबंधित थाने पर आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी आवेदन का परीक्षण कर अनुमति दे सकेंगे। आदेश उल्लंघन की स्थिति में भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई का उल्लंघनकर्ता के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा।