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रतलाम: जावरा विधायक डा.राजेन्द्र पांडे की नाराजगी पड़ गई भारी! सीएम से चर्चा के बाद से ही चल रही थी तबादले की सुगबुगाहट, नए कलेक्टर के लिए पूर्व में भी हुए थे प्रयास

रतलाम,7मई(खबरबाबा.काम)/ कलेक्टर गोपालचंद्र डाड के तबादले के बाद से जिले में चर्चाएं जोरों पर है कि तबादले के पीछे कहीं न कहींं जावरा विधायक डॉक्टर पांडे की नाराजगी का असर है। दो दिन पूर्व जावरा विधायक डॉ पांडेे की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सेे फोन पर हुई लंबी चर्चा के बाद से ही तबादले को लेकर सुगबुगाहटे शुरु हो गई थी।

कोरोनाकाल में लगातार व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास कर रहे जावरा विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय की बीते दिनों जिलाधीश गोपालचन्द्र डाँड़ से  अनबन हुई थी  तभी से बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो गयी थी।कोविड़ के लिए प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा की उपस्थिति में आयोजित बैठक में विधायक डॉ पांडेय ने जावरा हॉस्पिटल में कोविड़ सेंटर शुरू करने की बात कही थी जिस पर जिलाधीश द्वारा आनाकानी करने पर डॉ पांडेय ने अपना रौद्र रूप दिखाया था।हालांकि मंत्री श्री देवड़ा ने स्थिति को सम्भालने की कोशिश की,लेकिन डॉ पांडेय ने उसी दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्थिति से अवगत करा दिया था।

उल्लेखनीय है कि विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय ने प्रभारी मंत्री वाली बैठक के पूर्व मेडिकल कालेज की डीन को भी व्यवस्था सुधारने के लिए नाराजी व्यक्त की थी ।उसके बाद मेडिकल कालेज का डीन बदल गया।डीन के बाद जिलाधीश।डॉ पांडेय ने स्पष्ट किया कि अव्यवस्था सुधारने के लिए वे निरन्तर प्रयास करते रहेंगे।उच्च स्तर पर भी वे निरन्तर अवगत कराते है।

इधर कोविड़ नियंत्रण में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर मीडिया में प्रतिदिन रिपोर्ट्स आ रही थी। 5 मई को मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विधायक डॉ पांडेय से वर्तमान परिस्थितियों के बारे में लम्बी चर्चा की।जिसमे डॉ पांडेय ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि रतलाम में बेड नही देने पर एक अभिभाषक की सड़क पर मौत हो गयी।इस बात पर मुख्यमंत्री भी खासे नाराज हुए।इस चर्चा के बाद से जिले के मुखिया बदलने की सुगबुगाहट जोर शोर से चलने लगी थी।जिस पर मोहर आज लग गई।

नए कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम एक अच्छे नोकरशाह माने जाते है।वे म.प्र. ओद्योगिक विकास निगम इंदौर में महाप्रबंधक थे,तब विधायक डॉ पांडेय उन्हें रतलाम जिलाधीश लाना चाहते थे,लेकिन मुख्यमंत्री की खास पसन्द में गिने जाने वाले पुरुषोत्तम को गुना जिले की कमान दे दी थी।लेकिन मुख्यमंत्री ने इस बार विकट परिस्थितियों से जूझ रहे रतलाम की कमान पुरुषोत्तम को देने में जरा भी विलम्ब नही किया।