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रतलाम: माफियाओं के खिलाफ अभियान में सूचना देने के लिए नम्बरों में संशोधन, पहले दिन जिला प्रशासन को मिली कई गोपनीय सूचनाएं, प्रशासन का कहना- सूचनाओं पर जांच पश्चात होगी कार्रवाई

रतलाम 25 सितंबर 2021/ जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा माफियाओं के खिलाफ अभियान शुरू करने की जानकारी प्रसारित होते ही पहले दिन बड़ी संख्या में गोपनीय सूचनाएं प्रशासन तक पहुंची है। इन सूचनाओं की जांच के पश्चात प्रशासन द्वारा कार्रवाई की बात कही जा रही है।प्रशासन ने सूचना के लिए अब संशोधित मोबाइल नंबर जारी किए हैं।

जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जिले में मिलावट या विभिन्न माफिया संबंधी सूचना के लिए मोबाइल नंबर संशोधित किया गया हैं।कोई भी व्यक्ति अब संशोधित मोबाइल नंबर 93293 08361 पर केवल व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से एवं लैंडलाइन नंबर 07412 270 401 पर सूचना एवं जानकारी दे सकता है।सूचना देने वाले व्यक्ति की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि प्रशासन द्वारा आग्रह किए जाने के पश्चात एक ही दिन में प्रशासन को कई सूचनाएं प्राप्त हुई है, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई जांच पश्चात की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा अभियान के पहले दिन किसी तरह की कार्रवाई की जानकारी सामने नही आई है।

कल बैठक में हुआ था यह निर्णय  

ज्ञातव्य है कि प्रदेश के अन्य जिलों में माफियाओं के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद रतलाम में भी जिला एवं पुलिस प्रशासन ने आगामी 1 सप्ताह की अवधी में माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया है । इस संबंध में भू माफिया, रेत माफिया, खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले माफिया, अवैध रेत खनन करने वाले माफिया, अति आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वाले माफिया, सटोरियों, अवैध शराब का व्यवसाय करने वाले माफिया, नकली दवाइयां बेचने वाले माफिया तथा अधिक ब्याज पर राशि देने वाले, चिटफण्ड कम्पनी के विरुद्ध ठोस कार्रवाई कार्यवाही का निर्णय जिला प्रशासन की बैठक में लिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से बैठक में निर्देश दिए गए कि शहर में शासकीय भूमि को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त किया जाए। नशीली दवाइयां बेचने वाले लोगों की सूचना प्राप्त कर धरपकड़ करते हुए कारवाई की जाए।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कुछ ठेकेदारों द्वारा आदिवासियों की जमीन स्थानीय मजदूरों के नाम से क्रय करके उसका उपयोग ठेकेदारों द्वारा किया जा रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनजातिय हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग अंतर्गत कार्रवाई के लिए निर्देशित किया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारियों का वेतन आहरण कलेक्टर के अनुमोदन के उपरांत किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट संबंधी सैंपल की रिपोर्ट अधिकतम तीन दिन की अवधि में प्राप्त की जाए। जिला प्रशासन द्वारा यह भी बताया गया कि   इस संबंध में आमजन यदि शिकायत करना चाहे अथवा माफिया संबंधी सूचना देना चाहे तो उपरोक्त नम्बर पर सूचना दे सकता है।सूचना देने वाले व्यक्ति की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी ।