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रतलाम में अब तक 28 इंच के करीब बारिश,धोलावाड़ जलाशय क्षमता से सिर्फ आधा मीटर खाली

रतलाम(खबरबाबा.कॉम)। शनिवार को हुई जोरदार बारिश ने आमजन और किसानों चिंताओं को दूर करने के साथ ही जलस्त्रोतों में भी पानी का स्तर बढा दिया है। रविवार सुबह समाप्त हुए 24 घंटे में जिले में औसत रुप से पौने तीन इंच बारिश दर्ज की गई। रतलाम में रविवार सुबह तक बारिश का आंकड़ा 28 इंच के आंकड़े के पास पहुंच गया हैं। जिले में औसत बारिश को देखे तो सवा 25 इंच के करीब बारिश इस वर्ष दर्ज की गई है। शनिवार को हुई बारिश के बाद धोलावाड़ जलाशय भी लबालाब हो गया है। जलाशय के जलस्तर को देखते हुए झामण नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षीत स्थानों पर पहुंचने की सूचना दी जा रही है।

शनिवार को हुई बारिश ने अगले वर्ष तक के लिए शहर के पेयजल के लिए जरुरी जलराशी की व्यवस्था कर दी है। शहर के पेयजल का मुख्य स्त्रोत धोलावाड़ जलाशय शनिवार को हुई बारिश खासकर रावटी और सैलाना में हुई जोरदार बारिश से लबालब की स्थिति में आ गया है। शनिवार शाम और रात को हुई जोरदार बारिश के बाद सरोज सरोवर(धोलावाड़) जलाशय में 19 अगस्त की रात 11 बजे तक 394.5 मीटर पानी आ चुका था, जो इसकी कुल क्षमता 395 मीटर से सिर्फ आधा मीटर कम है। जलस्तर को देखते हुए इसके बढऩे पर डेम के गेट खोलने की स्थिति को देखते हुए धोलावाड़ शीर्ष कार्य उपसंभाग के अनुविभागीय अधिकारी पी.सी.सांकला ने रावटी और सैलाना तहसील के ग्राम पंचायत घटालिया, बायड़ी, देवला, सादेड़ा, वासिन्द्रा और नाहरपुरा के सरंपचों को किनारे वाले क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई करने और डोंडी पिटवाकर लोगों को सुरक्षीत स्थान पर पहुंचाने के लिए कहा है। डेम के गेट खोलने की स्थिति में झामड़ नदीं का जलस्तर बढ सकता है। धोलावड़ जलाशय के जलस्तर की सतत निगरानी की जा रही है। जानकारों के अनुसार सरोज सरोवर में पानी एकत्रित करने की अधिकतम क्षमता 395 मीटर है। इससे अधिक जल संचय की व्यवस्था नहीं होने से बांध के गेट खोले जाते हैं। परंतु एक बार जलाशय 395 मीटर भरने पर रतलाम शहर के लिए करीब 2 साल तक पेयजल सप्लाय यहां से हो सकता है। परंतु कई बार सिंचाई के लिए उपयोग, पानी की चोरी, अत्याधिक वाष्पीकरण के कारण जल स्तर में औसत से अधिक और जल्दी गिरावट भी आ सकती है। इसके अलावा झाली तालाब, हनुमान ताल के जलस्तर में भी वृध्दी हुई है।