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रतलाम में एक करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी : फर्जी लेटर से अनुमति लेकर निकाल लिया एक करोड़ से अधिक का सामान, पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर शुरु की जांच

रतलाम,26सितम्बर2021/ रतलाम के शासकीय मेडिकल कॉलेज से करोड़ों की लागत की सोलर प्लेटे और इंवेटर मशीनें ले जाए जाने का मामला सामने आया है। धोखा करने वालों ने बड़ी चालाकी दिखाते हुए कंपनी का फर्जी लेटर तैयार कर मेडिकल कॉलेज को देकर सामान ले जाने की अनुमति ले ली और करोड़ों का सामान मेडिकल कॉलेज से निकाल लिया गया। करोड़ों की चपत लगने का पता चलने पर पुलिस में शिकायत की गई। पुलिस ने अपराध कायम कर मामले को जांच में लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक धोखाधड़ी की घटना रतलाम के बंजली शासकीय मेडिकल कॉलेज की है। धोखा करने वाले अज्ञात लोगों ने कंपनी का फर्जी लेटर मेडिकल कॉलेज को जारी कर मशीने और उपकरण ले जाने के लिए बकायदा अनुमति ले ली।

आरोप है कि कंपनी के फर्जी लेटर के आधार पर मेडिकल कॉलेज से सोलर सामग्री के मोडुल के 69 बॉक्स निकाल लिए गए जिसमें 1 हजार 918 माडुल सोलर प्लेटे है, जिनकी कीमत 1 करोड़ छह लाख चौतीस हजार चार सौ रुपए के लगभग की है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में लगी इनवेटर की दस मशीनें भी ले गए है जो लगभग सत्तरा लाख चौदह हजार दो सौ एक एक रुपए के लगभग होना बताई जा रही है। इस तरह अज्ञात व्यक्ति मेडिकल कॉलेज से एक करोड़ 23 लाख 48 हजार से ज्यादा की मशीने और उपकरण ले  गया। मेडिकल कॉलेज से उक्त सामान गलत तरीके से ले जाने का पता चलने पर इसकी सूचना औद्योगिक थाना पुलिस को दी गई है।

बहरहाल, पुलिस थाना औद्योगिक क्षेत्र ने इस मामले में धारा 406, 407, 419, 420, 468, 470, 471 भादवि में अपराध कायम कर मामले को जांच में लिया है। इस मामले की विवेचना थाने के सहायक उपनिरीक्षक सुरेश कुमार शिन्दे कर रहे है।  पुलिस सूत्रों के मुताबिक रतलाम के बंजली में स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज की छत पर सोलर प्लांट लगा है। इस प्लांट के लिए मध्यप्रदेश उर्जा विभाग की ओर से टैंडर होता है। उर्जा विभाग ने मेडिकल कॉलेज में सोलर प्लांट का टैंडर सौर उर्जा का काम करने वाली बड़ी कंपनी क्लीनटेक सोलर एनर्जी प्राइवेट को दिया था। सौर उर्जा का काम करने के लिए क्लीनटेक कंपनी ने एक अन्य सुनंदा सोलर एनर्जी लिमिटेड बुरहाननपुर से अनुबंध किया था। जिसमें दोनों कंपनी ने मिलकर रतलाम मेडिकल कॉलेज में सौर सोलर प्लांट लगाने का काम शुरू कर  सौर उर्जा के उपकरण सहित अन्य तरह की कई मशीनें लगाई। हालांकि बाद में यहां प्लांट का काम पूरा नहीं हो सका जिसके चलते मेडिकल कॉलेज ने कई बार तकादा भी किया। बताते है कि तय अनुबंध के अनुसार मेडिकल कॉलेज में सौर उर्जा प्लांट के प्रोजेक्ट का काम पूरा नहीं होने की जानकारी मध्यप्रदेश उर्जा विभाग को मिलने पर उर्जा विभाग की ओर से संबंधित कंपनी का टेंडर भी निरस्त कर दिया। आरोप है कि इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने  कंपनी का फर्जी लेटर जारी कर मेडिकल  कॉलेज से सामान ले जाने की अनुमति ले ली।  इसकी वजह भी यह बताई जा रही है कि रतलाम मेडिकल कॉलेज से बिना गेट पास के कोई भी सामान ले जाया नहीं सकता है, इसी के लिए फर्जी लेटर जारी कर मेडिकल कॉलेज रतलाम से अनुमति लेकर मेडिकल कॉलेज रतलाम में रखी करोड़ों की लागत की सोलर सामग्री और इंटवेटर मशीने निकाल ली गई। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।