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रतलाम: हत्या,हत्या के प्रयास,लूट, चेन स्नेचिंग की वारदातों में आई कमी तो चोरी, रेप और अपहरण के मामले बढे़, जाने रतलाम जिले में तीन वर्षो के अपराधों की तुलनात्मक स्थिति, सड़क हादसों में भी आई कमी

रतलाम,7 दिसम्बर(खबरबाबा.काम)। रतलाम जिले में पिछले तीन वर्षो के गंभीर अपराधों की तुलनात्मक स्थिति देखी जाए तो कुछ अपराधों में आंकड़े राहत देने वाले है तो कुछ को देखकर चिंता होना स्वाभाविक है। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, चेन स्नेचिंग की वारदातों में जहां उल्लेखनीय कमी आई है, वहीं रेप, अपहरण और चोरी के मामले बढ भी रहे है। सड़क हादसों में कमी बता रही है कि आमजन यातायात नियमों और ट्रैफिक सेंस को लेकर जागरुक हो रहे है।

1 जनवरी से लेकर 4 दिसम्बर तक की अवधी में पिछले तीन वर्ष 2017, 2018 और 2019 के गंभीर अपराध पर तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो वर्ष 2019 में अभी तक जिले मे हत्या के 23 मामले सामने आए है, जो वर्ष 2018 में इस अवधी तक हुई हत्या के 26 मामलों और वर्ष 2017 में हुई 30 हत्याओं से कम है। हत्या के प्रयास के प्रकरण में जहां 2019 में 4 दिसम्बर तक की अवधी में 40 मामले दर्ज हुए है, वहीं 2018 में 45 और 2017 में 35 मामले दर्ज हुए थे।

डकैती, लूट और चेन स्नेचिंग हुई कम

डकैती के मामलो में भी पिछले तीन वर्षो की तुलना में कमी आई है। इस वर्ष जिले में डकैती की एक भी वारदात पुलिस रेकार्ड में दर्ज नहीं है,वहीं पिछले वर्ष 2018 में 1 और 2017 में भी एक वारदात दर्ज है। डकैती के प्रयास या डकैती की तैयारी के प्रकरण भी इस वर्ष एक भी नहीं है, जबकि इस  के पहले के दो वर्षो में जिले में इस तरह के दो-दो प्रकरण है। लूट के प्रकरणों को देखा जाए तो वर्ष 2019 में लूट के 14 प्रकरण दर्ज हुए है, वहीं वर्ष 2018 में 22 और 2017 में लूट के 21 मामले जिले के थानों में दर्ज हुए थे। चेन स्नेचिंग की वारदातों की बात करें तो इसमें भी उल्लेखनीय कमी हुई है। चालू वर्ष में जहां चेन स्नेचिंग की अभी तक 4 वारदाते दर्ज है, वहीं पिछले वर्ष 2018 में 5 और वर्ष 2017 में 8 चेन स्नेचिंग की वारदातें हुई थी।

अपहरण, रेप और चोरी की मामले बढे़

एक और जहां कुछ अपराधों में कमी आई है,रेप और अपहरण और चोरी जैसे मामले जिले में बड़े है। जिले में वर्ष  2019 में रेप के 128 प्रकरण दर्ज हुए है। 2018 में 104 और 2017 में 72 मामले दर्ज हुए थे। अपहरण के मामलों की बात करें तो इस वर्ष जिले के थानों में अपहरण के कुल 251 प्रकरण दर्ज हुए है, जो वर्ष 2018 में दर्ज हुए 221 और 2017 में दर्ज हुए 202 मामलों की तुलना में ज्यादा है। गृह भेदन के मामले 2019 में जहां 136 हुए है, वहीं 2018 में 138 और 2017 में 121 मामले सामने आए थे। चोरी की बात करें तो 2019 में अभी तक चोरी के 220 प्रकरण दर्ज है। 2018 में 146 और 2017 में 151 प्रकरण दर्ज हुए थे। वाहन चोरी के मामले भी बड़े है। जिले में इस वर्ष वाहन चोरी के 206 मामले सामने आए है, वहीं 2018 में 198 और 2017 में 185 वाहन चोरी हुए थे।

सड़क हादसों में आई कमी

जिले में सड़क हादसों की बात करें तो 2019 में सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी आई है। इस वर्ष  2019 में 4 दिसम्बर तक 1085 वाहन दुर्घटनाएं हुई है, जिनमें 183 लोगों की मौत हुई है, वहीं 1136 लोग घायल हुए है। 2018 में 1248 सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 231 लोगों की जान गई थी और 1151 लोग घायल हुए थे। 2017 के आंकड़े देखें तो जिले में 1163 सड़क हादसों में 208 लोगों की जान गई थी और 1399 लोग घायल हुए थे।