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राजस्थान मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, शह-मात के खेल में अब बीएसपी की भी एंट्री,गहलोत सरकार को BSP ने भी दी टेंशन

नई दिल्ली,27जुलाई2020/राजस्थान का सियासी ड्रामा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और सीएम गहलोत के बीच का टकराव दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है. दो बड़े नेताओं के बीच शुरू हुई यह लड़ाई कई अखाड़ों में लड़े जाने के बाद अब आखिरकार देश के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुकी है. कांग्रेस और बीजेपी के अलावा अब इस शह-मात के खेल में अब बीएसपी की भी एंट्री हो गई है. बीएसपी ने रविवार को अपने सभी 6 विधायकों को व्हिप जारी किया और विधानसभा में कांग्रेस के किसी भी प्रस्ताव के खिलाफ वोट करने को फरमान दिया है. वहीं इस बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर राज्यसभा विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अपील पर सुनवाई शुरू होगी.

जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई सुबह 11 बजे शुरू होने वाली है. बता दें कि सीपी जोशी ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था जिसमें राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित 19 बागी कांग्रेस विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की कार्यवाही पर रोक लगा दी गयी थी. यहां आपको याद दिला दें कि इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट को किसी तरह का आदेश देने से साफ इनकार कर दिया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साथ में यह भी कहा था कि इस केस में उसका अंतिम फैसला हाई कोर्ट के फैसले के अवलोकन के आधार पर ही होगा.

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गयी अपनी याचिका में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने तर्क दिया था कि हाई कोर्ट के पास विधायकों को अयोग्य ठहराने की कार्यवाही को स्थगित करने का कोई अधिकार नहीं था. जिसके बाद शुक्रवार को राजस्थान हाई कोर्ट ने मामले में ‘यथास्थिति’ बने रहने का आदेश दिया था. इस प्रकार कोर्ट के इस आदेश से पायलट गुट को राहत मिल गयी और विधानसभा अध्यक्ष को बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने से रोक दिया गया था. अब सबकी नजर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर है.

कांग्रेस स्पीकर की याचिका से रख रही है दूरी

इस पूरे मामले में एक बात और गौर करने वाली है कि कांग्रेस इस मामले में सीधे इनवॉल्व नहीं होना चाह रही है. माना जा रही है कि पार्टी के भीतर एक समूह को लगता है कि सुप्रीम कोर्ट में स्पीकर की याचिका इस मामले को आगे के लिए उलझा सकती है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह से इस मामले पर कार्यवाही की है वह पार्टी को उत्साहित करने में विफल रही है.

कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कांग्रेस इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा चाह रही है इसलिए कानूनी लड़ाई में सीधे शामिल नहीं हो रही है. यही वजह है कि स्पीकर को याचिकाकर्ता बनाया गया है. कांग्रेस राज्यपाल द्वारा सत्र बुलाने में देरी को अपने लाभ के लिए एक राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं. पार्टी ने विधानसभा सत्र जल्द बुलाने की मांग को लेकर सोमवार को गवर्नर हाउस का घेराव करने का मन भी बना लिया है.

बीएसपी ने भी ली राजस्थान के सियासी ड्रामे में एंट्री

रविवार को बहुजन समाजवादी पार्टी ने फैसला किया कि राज्य में उसके 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय करने और उसे विधानसभा अध्यक्ष की मंजूरी दिए जाने के निर्णय के खिलाफ वह सोमवार को राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करेगी. यहां आपको यह भी बता दें कि इसी मुद्दे पर बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने भी राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका लगा रखी है. बीजेपी विधायक की याचिका पर एकल न्यायाधीश की बेंच द्वारा सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई की जाएगी.

बीएसपी ने अपने विधायकों को जारी किया व्हिप

यहां आपको यह भी बता दें कि बीएसपी इससे पहले राजस्थान के अपने सभी 6 विधायकों को व्हिप भी जारी कर चुकी है. जानकारी के मुताबिक बीएसपी के महासचिव सतीश मिश्रा ने रविवार को राजस्थान में अपने सभी 6 विधायकों को व्हिप जारी कर कांग्रेस सरकार की ओर से लाए जाने वाले विश्वास मत के खिलाफ वोट करने को कहा है.

बीएसपी की ओर से जारी व्हिप में सभी विधायकों को निर्देश दिया गया है कि राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस की ओर से लाए जाने वाले विश्वास मत या किसी भी अन्य प्रस्ताव की कार्यवाही के दौरान वे सरकार के खिलाफ वोट करें. व्हिप में कहा गया है कि अगर कोई भी विधायक पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए.

बीएसपी ने राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को भी भेजा पत्र

जानकारी के मुताबिक बीएसपी ने अपने सभी 6 विधायकों के अलावा राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को भी पत्र भेजा है. बीएसपी के पत्र में लिखा गया है कि 10वीं सूची के अनुसार किसी भी राष्ट्रीय पार्टी का विलय राज्य के स्तर पर नहीं हो सकता है क्योंकि सभी विधायकों ने पार्टी (बीएसपी) के चुनाव चिन्ह पर विधानसभा चुनाव जीता था. इसलिए सभी बसपा विधायकों के लिए पार्टी की ओर से व्हिप जारी किया जा सकता है. इसी के आधार पर रविवार को पार्टी के महासचिव सतीश मिश्रा ने अपनी पार्टी के सभी विधायकों के लिए पार्टी की व्हिप जारी किया है.

(साभार-आज तक)

फाइल फोटो