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लंबित प्रकरणों एवं कार्य पर कलेक्टर ने जताई सख्त नाराजगी, टीएल की बैठक में आरटीओ भवन का उपयोग अन्य शासकीय कार्यों के लिए भी करने के दिए निर्देश, केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए जिले के अधिकारी देंगे एक दिन का वेतन

रतलाम 20 अगस्त 2018(खबरबाबा.काम)।समयावधि पत्रों की समींक्षा बैठक में आज कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने जिले के सभी जनपदों के सीईओ को निर्देशित किया कि संबल योजना के पात्र हितग्राहियों के पंजीयन में अपेक्षित प्रगति दिखाएं, कार्य की गति धीमी है इसमें तेजी लाएं। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सोमेश मिश्रा,अपर कलेक्टर जितेन्द्रसिंह चौहान तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा में कलेक्टर ने पाया कि संबल योजना के पंजीयन जनसंख्या के अनुपात में नहीं हो पाए हैं। जनपद रतलाम तथा आलोट ने अच्छा काम किया है। सैलाना और बाजना का कार्य अच्छा नहीं पाया गया है। कलेक्टर ने कहा कि लगातार निर्देश के बावजूद भी जहां बाजना ने तीन दिनों में मात्र 70 एंट्रियां की हैं वहीं सैलाना जनपद ने मात्र 30 एंट्रिया ही की हैं। जनसंख्या के अनुपात में जावरा में सबसे कम पंजीयन हुआ है, पिपलौदा की प्रगति भी अच्छी नहीं है।

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने यह भी कहा कि संबल योजना में पात्र हितग्राहियों के पंजीयन में नगर निगम रतलाम की प्रगति बहुत कम है। रतलाम नगर निगम के सम्बन्ध में संभागायुक्त उज्जैन द्वारा भी नाराजगी व्यक्त की गई है। बैठक में सीएम हेल्पलाइन 181 की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आलोट तथा सैलाना अनुभाग क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा में सहायता हेतु लंबित आवेदनों पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने कहा कि यह सस्पेंड होने लायक मेटर है। बार-बार कहने के बावजूद प्रगति नहीं आई है। किसी गरीब को सहायता देने के प्रकरण में अधिकारी यह नहीं कह सकता कि प्रकरण अभी एल-1 या एल-2 स्तर पर है।

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन 181 में लंबित आवेदनों की समीक्षा की। आवेदन तत्काल क्लोज करवाने के निर्देश डीपीसी को दिए। साथ ही यह भी कहा कि आपकी इतनी क्रेडिबिलिटी होनी चाहिए कि स्कूल, शासकीय निर्देशों का पालन तत्परता से करें। कलेक्टर ने कहा कि संबल योजना में पंजीकृत हितग्राहियों के बच्चों से यदि जिले में स्कूलों ने फीस ले ली है तो उन्हें वापस दिलवाई जाए। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि सम्पूर्ण जानकारी बनाकर उपलब्ध कराएं कि ऐसे कितने बच्चों से फीस ले ली गई है और कितनों को वापस की गई है। इस बाबत संकुल प्रभारियों से प्रमाण पत्र लिए जाएं।

कलेक्टर ने बताया कि जिले की सभी जनपद पंचायतों को संबल योजना कार्य सम्पादन के लिए एक-एक लाख रुपए दिए जा रहे हैं। इस राशि से जनपदें अपना कम्प्युटर सिस्टम, स्केनर, प्रिंटर आदि क्रय कर सकेंगे। स्वयं सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान आवंटन की समीक्षा में बताया गया कि रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में गोपालपुर, जामथुन, कुशलगढ़ सहित चार गांवों में उचित मूल्य की दुकान महिला स्वयं सहायता समूह को आवंटित करना है। एसडीएम सुश्री शिराली जैन को एक सप्ताह में आवंटन कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।

बैठक में खरीफ 2018 के तहत समर्थन मूल्य लाभ अथवा भावान्तर भुगतान का लाभ देने के लिए किए जा रहे किसानों के पंजीयन की समीक्षा कलेक्टर द्वारा की गई। यह पंजीयन पिछले 10 दिनों से किया जा रहा है परन्तु प्रगति कमजोर है। कलेक्टर ने पाया कि मात्र 10 दिनों में 1400 एंट्रियां ही दिखाई दे रही हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में कृषि विभाग के साथ-साथ उपायुक्त सहकारिता को भी सक्रिय होने के लिए कहा।

विधानसभा निर्वाचन के लिए जिले में तैयारियां की जा रही हैं। बैठक में कलेक्टर ने सभी नियुक्त सेक्टर अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आवंटित मतदान केन्द्रों का द्वितीय चरण का निरीक्षण शीघ्र सम्पादित करें। इसकी रिपोर्ट जल्द दी जाए। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारियों को 10-10 मतदान केन्द्र आवंटित किए गए हैं, परन्तु अधिकांश अधिकारियों द्वारा द्वितीय चरण की निरीक्षण रिपोर्ट अब तक नहीं दी गई है। ऐसे अधिकारियों की जानकारी निर्वाचन आयोग को दी जाएगी जो कार्य नहीं कर रहे हैं।

बैठक में जिले के 54 आंगनवाडी भवनों के निर्माण में प्रगति लाने के निर्देश आरईएस को दिए गए। रतलाम जिला परिवहन कार्यालय भवन परिसर आवश्यकता से ज्यादा है, इसके मद्देनजर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अन्य शासकीय कार्यों में भी इस भवन परिसर का उपयोग किया जा सकता है। जिला परिवहन अधिकारी को समन्वय करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। लोक निर्माण विभाग को सहकारिता विभाग के गोदामों को उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निर्देशित किया गया। सभी एसडीएम को जिले में मंदिरों के वास्तविक पात्र पुजारियों का सत्यापन कर उनको मानदेय भुगतान के लिए निर्देशित किया गया।

केरल के बाढ़ पीडितों को अधिकारी देंगे एक दिन का वेतन

जिले के सभी अधिकारी केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपना एक दिन का वेतन देंगे। समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने यह प्रस्ताव रखा था, जिस पर सभी अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की।