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विधानसभा निर्वाचन :संदिग्ध और अधिक लेन-देन की जानकारी बैंकों को जिला निर्वाचन कार्यालय एवं आयकर विभाग को देना होगी ,उम्मीदवारों को नामांकन के 1 दिन पूर्व खुलवाना होगा बैंकों में अलग से खाता

रतलाम 15 अक्टूबर (खबरबाबा. काम) । हर संदेहास्पद लेन-देन की जानकारी तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय और आयकर विभाग को दें। इसमें किसी प्रकार की ढ़िलाई न हो। यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने विभिन्न बैंकों के समन्वयकों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि एटीएम व बैंकों में कैश पहुँचाने वाले वाहन पर कैश परिवहन से संबंधित पुख्ता दस्तावेज रहना चाहिए।

  जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती चौहान ने निर्देश दिए है कि बैंकों से संबंधित कैश का परिवहन करने वाले वाहनों और उस पर तैनात अमले की जानकारी एलडीएम को दें। उन्होंने कहा जिला प्रशासन व पुलिस के उड़नदस्तों द्वारा वाहनों की सघन जांच की जायेगी। इसलिए कैश परिवहन से संबंधित सम्पूर्ण कागजात वाहन पर उपलब्ध रहें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंकों के कैश परिवहन का काम करने वाले वाहन अन्य एजेन्सियों के कैश का परिवहन नहीं कर सकेंगे।

 कलेक्टर श्रीमती चौहान ने यह भी निर्देश दिए कि आचार संहिता के दौरान अगर किसी व्यक्ति के खाते में अनायास अधिक लेन-देन अथवा संदेहास्पद लेन-देन होता है तो उसकी जानकारी तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय को दी जाए। ऐसे खाता धारकों की पूरी जानकारी लीड बैंक अधिकारी के माध्यम से देनी होगी। उन्होंने बैंकर्स को निर्देश दिए कि एनजीओ एवं एसएचजी के खातों में यदि अनायास लेन-देन बढ़ गया हो तो उसकी भी जानकारी दी जाए।

  बैंकर्स को बताया गया है कि विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हर अभ्यर्थी का अलग से खाता खोला जाना है। इसलिए सभी बैंकर्स तत्परता से अभ्यर्थियों के न केवल खाते खोलें बल्कि उन्हें उसी समय चैक बुक भी मुहैया कराएं। कलेक्टर ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हर अभ्यर्थी को चुनाव प्रचार पर खर्च करने के लिए 28 लाख रूपए की खर्च की सीमा निर्धारित है। इसमें से मात्र 20 हजार रूपए ही नगद खर्च किए जा सकते हैं। इसलिए चैक बुक प्रदाय करना अत्यंत जरूरी है। अभ्यर्थी के चुनावी खाते में सभी लेन-देन ऑनलाइन अथवा चैक इत्यादि के माध्यम से होंगे। साथ ही ये लेन-देन चुनाव से संबंधित ही होंगे।

हर प्रत्याशी को चुनावी खर्च का पूरा ब्यौरा रखना होगा

विधानसभा चुनाव-2018 में प्रत्याशी व पार्टियों के द्वारा किए गए चुनाव खर्चों पर भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत कड़ी निगरानी रखी जायेगी। इसलिए राजनैतिक दल व प्रत्याशी चुनावी खर्च का पूरा ब्यौरा रखें। साथ ही अपने व्यय रजिस्टर का नियमित रूप से अवलोकन कराएं। विधानसभा चुनाव में चुनाव खर्च पर निगरानी एवं मूल्यांकन के लिये जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न सामग्रियों की दरें जारी कर दी गई हैं। इससे प्रत्याशियों द्वारा रैली व सभा इत्यादि आयोजन पर हुए व्यय का मूल्यांकन करने में सहायता मिलेगी।

 चुनाव के दौरान प्रत्याशियों व राजनैतिक दलों द्वारा किए गए खर्चे पर नजर रखने के लिये विभिन्न नियंत्रण समितियों का गठन किया गया है। व्यय पर्यवेक्षक, उडनदस्ता, स्थैतिक निगरानी समिति, दृश्य निगरानी प्रचार प्रमाणन समिति,मादक पदार्थ नियंत्रण आदि दलों ने कार्य आरंभ कर दिया है।

नामांकन से एक दिन पहले बैंक में खाता खुलवाना अनिवार्य

 प्रत्याशियों को नामांकन पत्र भरने के कम से कम एक दिन पहले आवश्यक रूप से बैंक में खाता खुलवाना होगा। चुनावी व्यय के प्रस्तावों के लिये बैंक अकाउण्ट खोलने, निर्वाचन खर्चों का ब्यौरा देना और लेखों का निरीक्षण कराना, निरीक्षण के दौरान प्रत्याशियों द्वारा संधारित रजिस्टरों की जाँच कराने, प्रत्याशियों द्वारा स्टार प्रचारक से प्रचार करवाने पर हुआ खर्च, पेम्प्लेट, बैनर तथा पोस्टरों की छपाई में निर्धारित तय मापदण्डों का निर्वाह करना,प्रत्याशियों द्वारा प्रचार के दौरान इस्तेमाल की गई वाहनों की संख्या इत्यादि का विवरण देय होगा।