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शाम 6 बजे वित्त आयोग अध्यक्ष कोठारी ने तोड़ा अनशन, मीडिया से चर्चा में कहा सीएम के संज्ञान में लाएंगे मामला,निजी जमीन के प्रभावितों को मुआवजा दिए जाने की मांग की।

रतलाम,15 मार्च(खबरबाबा.काम)। बाजना बस स्टैण्ड क्षैत्र में फोरलेन निर्माण के लिए की गई कार्रवाई के विरोध में गुरुवार सुबह अनशन पर बैठे वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी ने शाम 6 बजे पानी पीकर अनशन तोड़ा। इसके बाद उन्होने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे इस मामले को सीएम के संज्ञान में लाएंगे और मुझे पुरी उम्मीद है कि संवेदनशील और उदार मन के सीएम जनता के साथ न्याय करेंगे। उन्होने निजी जमीन के प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग भी की।

शाम को अनशन समाप्त करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री कोठारी ने  कहा कि रतलाम की जनता ने 6 बार मुझे जिताया है, यहां की जनता का मुझ पर अहसान है, इसलिए यहां की जनता के लिए मेरी जवाबदेही सबसे पहले है। मैं जनसंघ के जमाने से संघर्ष कर रहा हू, आम आदमी के लिए लड़ता रहा हूँ और हमेशा लड़ता रहूंगा। उन्होने कहा कि मेरा अनशन पर बैठने का उद्देश्य था कि जनता और जनप्रतिनिधि यहां आकर देखे कि लोगों के साथ क्या हुआ है। हजारों की संख्या में लोग यहां आए और देखा। उन्होने कहा कि जनप्रतिनिधियों का यहां नही आना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होने कहा कि वे मामले को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में लाएंगे और उन्हे पूरा विश्वास है कि संवेदनशील मुख्यमंत्री लोगों के साथ पूरा न्याय करेंगे।

मुआवजा देने की मांग

श्री कोठारी ने कहा कि शहर में जहां कहीं फोरलेन बनाए गए है,उनकी चौडाई अस्सी फीट रखी गई है। जहां यातायात का दबाव अधिक है वहां भी चौडाई अस्सी फीट ही है। लेकिन किस लिए बाजना बस स्टैण्ड रोड पर फोरलेन की चौडाई एक सौ चार फीट करने की बात कही जा रही है, इसका जवाब उन्हे नहीं दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि वे शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने, फोरलेन  या विकास योजना के विरोधी नहीं है। लेकिन जिस तरह गैर जरुरी ढंग से लोगों पर अत्याचार किए गए है,उसे लेकर वे संघर्ष करेंगे और लोगों को न्याय दिलाएंगे। श्री कोठारी ने कहा कि मास्टर प्लान में भी इस सडक को साठ फीट का रखा गया है। प्रशासन ने नियमानुसार बनाए गए मकानों और दुकानों को भी बिना पूर्व सूचना के तोड दिया है। श्री कोठारी ने कहा कि अब एक ही उपाय है कि जिन लोगों के मकान अन्यायपूर्ण ढंग से तोडे गए है उन्हे इसका पूरा मुआवजा दिया जाए।