Home रतलाम सड़क हादसे में रतलाम में रह रहे एक ही परिवार के तीन...

सड़क हादसे में रतलाम में रह रहे एक ही परिवार के तीन लोगों सहित चार की मौत,बिहार से मजदूरी के लिए रतलाम आया था परिवार

रतलाम(खबरबाबा.काम)। गुरुवार को धार जिले के बदनावर थाना अंतर्गत हुई एक दु:खद सड़क दुर्घटना में रतलाम में रह रहे एक ही परिवार के तीन लोगों सहित चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बिहार से मजदूरी के लिए रतलाम आए एक माता-पिता और बच्ची के अलावा रावटी क्षैत्र का एक युवक शामिल है। गुरुवार शाम को हाट रोड क्षैत्र में रहने वाले तीनों मृतकों के शव रतलाम लाए गए, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक ही परिवार के तीन लोगों के शवों को देख कोई भी अपने आंसू नहीं रोक सका।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में हाट की चौकी रतलाम निवासी बिलीस्टर राम पिता सुरेश राम 30 वर्ष अपनी पत्नी अंजूदेवी 28, पुत्री खुशी और परीचित कैलाश पिता मोती निवासी ग्राम उमर(रावटी) के साथ गुरुवार सुबह मोटर साइकल पर बदनावर पेटलावद मार्ग से जा रहा था । इसी दौरान उसकी टक्कर सामने से आ रही एक निजी बस से हो गई। बस और मोटर साइकिल की भीषण टक्कर में मोटर साइकिल पर सवार चारों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों का पीएम कर शव परिजनों को सौंपा गया।
बाक्स
चार बच्चों के सीर से उठ गया माता-पिता का सायां

हादसे में एक ही परिवार के बिलीस्टर राम, उसकी पत्नी और बच्ची की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बिलीस्टर के पांच बच्चे है, जिनमें सबसे बड़ा संदीप 14 वर्ष, मुस्कान 10 वर्ष, खुशबु 8 वर्ष, मनजीत 5 वर्ष और खुशी 4 वर्ष की है। मृतक के सबसे बड़े बेटे संदीप ने बताया कि बिलीस्टर अपनी बच्ची खुशी की तबियत खराब रहने पर उसे दिखाने एक स्थान पर जा रहा था और रास्ते में यह हादसा हो गया। बिलीस्टर मूल रुप से बिहार के रामनगर (जिला गोपालगंज )का रहनेवाला है और एक वर्ष पूर्व काम की तलाश में परिवार सहित रतलाम आया था, जहां मजदूरी कर वह परिवार चला रहा था। रतलाम में बिलीस्टर हाट की चौकी क्षैत्र में किराए के मकान में रहता है। रतलाम में हाट की चौकी क्षैत्र में ही बिलीस्टर राम का साला उमेश भी रहता है। गुरुवार को चार बच्चों को उमेेश के पास छोड़ बिलीस्टर राम पत्नी, बच्ची खुशी और कैलाश के साथ जा रहा था। हादसे के बाद बिलीस्टर के रतलाम में मौजुद चारों मासूम बच्चों को देख आस-पड़ोस का कोई भी व्यक्ति अपने आंसू नहीं रोक पाया। शाम करीब साढे पांच बजे बदनावर से तीनों मृतकों के शव रतलाम लाए गए, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया।