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सीएम की सभा में जेब कटने और कर्ज माफी से परेशान होकर आत्महत्या के प्रयास का मामला पुलिस जांच में निकला झूठा,जाने पुलिस के खुलासे में क्या निकला मामला-

रतलाम,26फरवरी(खबरबाबा.काम)। मुख्यमंत्री की सभा में 20 हजार रुपए की जेब कटने और कर्ज माफी ना होने से परेशान होकर किसान द्वारा जहर का सेवन कर आत्महत्या के प्रयास का मामला पुलिस की जांच में झूठा निकला है। पुलिस के अनुसार किसान ने  पत्नी के चले जाने से परेशान होकर यह कदम उठाया था।

पुलिस के अनुसार कमल पिता मोहन उम्र 40 साल निवासी बडावदा द्वारा गेंहु मे रखी दवा खा ली थी, जिस पर उसके सगे चाचा मांगू व उसके भाई अशोक द्वारा उसे अस्पताल मे भर्ती कराया गया था, जहां उसने अपने बयान मे 22 फरवरी को नामली में आयोजित सी.एम. के  प्रोग्राम मे उसका कर्ज मार्फ ना होने के कारण और भीड़ मे 20 हजार रूपये चोरी हो जाने से परेशान होकर जहर खाना बताया था।

पुलिस जांच में हुआ यह खुलासा

पुलिस के अनुसार उक्त घटना के सम्बंध मे एसपी गौरव तिवारी, पुलिस अधीक्षक, रतलाम के मार्गदर्शन में एसआई शिवमंगलसिंह तोमर, थाना प्रभारी नामली द्वारा जांच की गई। जांच मे पाया गया कि कमल पिता मोहन  की शादी करीब 20 साल पूर्व साधना से हुई थी। बीमारी के चलते 5 साल पहले कमल की पत्नि साधना की मृत्यु हो गई।

कमल गांव के हीरहने वाले तुलसीराम के साथ टाईल्‍स लगाने का काम मजदूरी से करता है। जो भी पैसा मिलता है, उसे मांगू चाचा जो उसका सगा चाचा है, के पास रखता है। मजदूरी से कमल ने 40 हजार रूपये जमा कर लिये थे। मांगू चाचा ने मदन  जो बडावदा के पास फरसिया गांव का रहने वाला है से कमल की शादी कराने का बोला, तो मदन द्वारा बताया कि मैने लड़की देख रही है, कसरावद खरगोन की रहने वाली है। 15 फरवरी 19 को लड़की देखने गये थे। वहां पर शादी के लिये 80 हजार रूपये मे बात तय हुई। लडकी को कमल ने अलग से 5000 रूपये दिये व 1200 रूपये कपड़े के लिये अलग से दिये । लड़की वालो ने बोला कि एक दो दिन मे आ जाना नहीं तो लडकी को दुसरी जगह नातरा दे देंगे। कमल ने अपनी तीन बीघा जमीन मांगू चाचा को 60 हजार रूपये मे गिरवी रख दी । इस तरह मजदूरी के जमा 40 हजार रूपये व जमीन गिरवी रख मिले 60 हजार रूपये लेकर दिनांक 18 फरवरी को कमल, मांगू चाचा, कमल का भाई अशोक और मदन उसकेदो साथी कसरावद जिला खरगोन गये थे। कसरावद बस स्टेण्ड पर लड़की  व उसके साथ दो लोग मिले । फिर यह सब बस स्टेण्ड के पीछे खेत पर चले गये। खेत पर कमल ने 80 हजार रूपये लड़की को दिये । लड़की ने 80 हजार रूपये अपने साथ आने वाले को दे दिये। लड़की व उसके बेटे लखन को लेकर अपने गांव बडावदा वापस आ गये। लड़की ने कमल को बोला था कि उसका पति मर चुका है। 20 फरवरी को जावरा कोर्ट मे कमल ने लड़की से कोर्ट मैरिज कर ली ।  24 फरवरी तक लड़की पत्नि के रूप मे कमल के साथ रही। 24 फरवरी को सुबह लड़की ने बोला कि मै अपने गांव जाऊंगी व वापस आ जाऊंगी । लड़की अपने गांव चली गई। उसी दिन दोपहर मे कमल ने उसे फोन लगाया,तो वह बोली अब मे नहीं आऊंगी। कमल को यह भी पता चला कि लड़की का पति जिंदा है, फिर कमल परेशान हो गया कि रूपये भी चले गये व पत्नी भी चली गई। इसी बात से परेशान होकर कमल ने 24 फरवरी को रात 9 बजे गेंहु मे रखी दवा खा ली और सी.एम. के नामली प्रोग्राम मे उसका कर्ज मार्फ ना होने और भीड़ मे 20 हजार रूपये चोरी हो जाने सम्बंधी झूठे व मनगढ़त बयान दिये |

पुलिस के अनुसार जांच मे यह भी पाया गया कि  22 फरवरी को नामली मे आयोजित सी.एम.  की सभा मे भी कमल नहीं आया था वह जावरा मे ही घुम रहा था । इस प्रकार कमल द्वारा जेब कटिंग के झूठे व मनगढ़त बयान दिये ।

उक्त घटना का खुलासा करने मे उनि. शिवमंगलसिंह सेंगर, थाना प्रभारी नामली व आर. राजसिंह तोमर, थाना नामली की सराहनीय भूमिका रही है।