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सुरक्षा दस्ते निभाएंगे लोक संपत्ति की रक्षा का दायित्व, कलेक्टर द्वारा थानावार लोक संपत्ति सुरक्षा दस्तों का गठन

रतलाम 16 अक्टूबर(खबरबाबा.काम)। विधानसभा निर्वाचन 2018 के दौरान संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान द्वारा थानावार लोक संपत्ति सुरक्षा दस्तों का गठन किया गया है। यह दल अपने थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी के सीधे देखरेख में 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। किसी भी राजनैतिक दल अथवा उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए शासकीय/अशासकीय भवनों, विद्युत एवं टेलीफोन के खम्भों आदि पर चुनाव प्रचार से संबंधित नारे लिखकर, पोस्टर लगाकर, झंडियां लगाकर या अन्य तरीकों से उन्हें विरूपित करेगा तो यह दल सम्पत्ति विरूपण रोकने की कार्यवाही करेगा।

अधिनियम में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खड़िया रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके उसे विरूपित करेगा वह एक हजार रूपये तक के जुर्माने से दण्डित किया जायेगा। थाना प्रभारी लोक संपत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को एक पंजी में पंजीबद्ध करेंगे तथा शिकायत की जांच कर तथ्य सही पाये जाने पर लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करेंगे। थाना प्रभारी उपरोक्त के संबंध में की गई कार्यवाही से संबंधित प्रतिवेदन जिला निर्वाचन कार्यालय में भेजेंगे।

सी विजिल एप के माध्यम से आम नागरिक भी आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकेंगे

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन 2018 में इस बार सी विजिल एप का उपयोग किया जायेगा। यह नई व्यवस्था है। सी विजिल एप के माध्यम से आम नागरिक भी आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकेंगे और शिकायत का निराकरण 100 मिनिट में दर्ज होना चाहिये। यह एक एण्डराईड आधारित एप है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति गोपनीय तरीके से निर्वाचन प्रक्रिया को दूषित करने वाली गतिविधियों, आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना फोटो एवं व्हीडियो के साथ बिना अपनी पहचान उजागर किये इस एप के माध्यम से प्रेषित कर सकेगा। यह एप सिर्फ आदर्श आचरण संहिता लागू होने की अवधि में सक्रिय रहेगा।

फोटो युक्त मतदाता पर्ची वितरित होगी

आगामी विधानसभा निर्वाचन में मतदाताओं की सहूलियत हेतु मतदान दिवस के कम से कम पाँच दिन पूर्व फोटो युक्त (जहाँ निर्वाचक नामावली में दर्ज हो) मतदाता पर्ची वितरित करने के भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिये हैं। फोटोयुक्त मतदाता पर्ची के वितरण हेतु संबंधित रिटर्निंग अधिकारी कार्यक्रम बनाकर ससमय राजनैतिक दलों, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (अगर नियुक्त हों) को बताएंगे। इस पर्ची में मतदाता जिस पोलिंग बूथ में रजिस्टर है, उसकी जानकारी, निर्वाचक नामावली में क्रम संख्या की जानकारी आदि अंकित रहेगी।

परिपोषण करने वाले होंगे दण्डित

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 ख के अनुसार जो कोई निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी व्यक्ति को उसके निर्वाचन अधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्प्रेरित करने के उद्देश्य से नगद या वस्तु रूप में कोई परिपोषण देता है या लेता है तो वह एक वर्ष तक के कारावास या जुर्माने या दोनों से दण्डित होगा। इसके अतिरिक्त भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 ग के अनुसार जो कोई व्यक्ति किसी अभ्यर्थी या निर्वाचक, या किसी अन्य व्यक्ति को किसी प्रकार की चोट पहुचाने की धमकी देता है, व एक वर्ष तक के कारावास या जुर्माने या दोनो से दण्डनीय होगा। उड़न दस्ते, रिश्वत देने और लेने वालों,दोनों के विरूद्ध मामले दर्ज करने के लिए और ऐसे लोगों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए गठित किए गए है, जो निर्वाचकों को डराने और धमकाने में लिप्त है। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी प्रकार की रिश्वत लेने से परहेज करें और यदि कोई व्यक्ति किसी रिश्वत की पेशकश करता है या उसे रिश्वत और निर्वाचकों को डराने, धमकाने के मामलों की जानकारी है, तो उन्हें कंट्रोल रूम पर सूचित करना चाहिए।

रात्रि में नहीं होगा प्रचार

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आदर्श आचार संहिता के प्रभावी समय में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डोर टु डोर कैम्पेन,लाउडस्पीकर आदि अन्य किसी माध्यम से राजनैतिक प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। निर्वाचन आयोग ने आम आदमी की निजता एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु यह निर्देश दिये हैं। मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उक्त प्रावधान से अवगत कराया गया है एवं पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया