रतलाम 24 अप्रैल 2020/ कोरोना वायरस के संकट के इस दौर में रतलाम शहर के उन हिस्सों में जहां कोरोना संक्रमित मरीजों के पाए जाने पर कंटेनमेंट क्षेत्र बनाए गए हैं अलग-अलग विभागों के विभिन्न कर्मचारी पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। इनको विभिन्न कार्य सोपे गए हैं जिसे एक जज्बे के साथ पूरा कर रहे हैं। इनमें पृथक-पृथक विभागों की वे महिला कर्मचारी भी सम्मिलित है जो अपने घरों में छोटे बच्चों और बुजुर्गों तथा अन्य घरवालों का ख्याल रखने के साथ ही जांबाजी के साथ कंटेनमेंट क्षेत्रों में अपने दायित्व और कर्तव्यों को अंजाम दे रही है।
महिला कर्मचारियों की बात करें तो महिला बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका हो या स्वास्थ्य विभाग की कार्यकर्ता या फिर पुलिस या रेवेन्यू विभाग की महिलाएं, सभी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महिलाएं घर-घर जाकर कंटेनमेंट क्षेत्र में यह पता लगा रही है कि किस घर में कौन बाहर से आया है या परिवार का कोई सदस्य सर्दी, जुकाम या बुखार से पीड़ित तो नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की महिला कार्यकर्ता कंटेंटमेंट क्षेत्रों में रोग ग्रस्त व्यक्तियों की जानकारी रजिस्टर कर रही है तो पुलिस एवं राजस्व विभाग की महिला अधिकारी, कर्मचारी मजबूती के साथ मैदान में तैनात रहकर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित कर रही हैं।
कंटेनमेंट क्षेत्र में सौपे गए दायित्व के साथ ही अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखते हुए महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारी महिलाएं अपनी विभागीय ड्रेस, मास्क, हैंड ग्लव्स, परिचय पत्र हरदम तैयार रखती हैं और बुलावा आते ही दौड़ पड़ती है। घर में रहने के दौरान भी लोगों के मोबाइल कॉल आते रहते हैं, इनमें से कई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ऐसी जिनके घर में 2 से 3 साल तक के बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। ऐसे में इन कार्यकर्ताओं को अपने छोटे बच्चों और घर के बुजुर्गों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करना पड़ता है। यह महिलाएं किसी बच्चे या गर्भवती माता का टीकाकरण जांच या डिलीवरी में सहयोग जैसे कार्य सतत करती रहती है। कई मौकों पर राशन की दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करवाती है।
कंटेंटमेंट क्षेत्र के अलावा बीते दिनों शहर की परियोजना क्रमांक 1 तथा 2 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वर्षा पांचाल, हेमलता राठौर, आशा कार्यकर्ता सोनू वर्मा, सहायक शिक्षक मनोज वर्मा ने लगभग सभी घरों में पहुंचकर सर्वे किया, एकत्रित जानकारी से स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण भी हुआ। इसी बीच इसी अमले ने शहर के कंटेंटमेंट एरिया में सर्वेक्षण कर लोगों की काउंसलिंग भी की। यह महिलाएं अपने सामाजिक दायित्व में भी पीछे नहीं है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वर्षा पांचाल ने अपने वेतन से अपने क्षेत्र के जरूरतमंदों को बिस्किट, अचार, आटा, चाय, शकर, मसाले आदि भी स्वप्रेरणा से वितरित किए हैं। परियोजना क्रमांक 2 के सेक्टर 2 की पर्यवेक्षक एहतेशाम अंसारी ने अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से लगभग 3000 मास्क बनवाए हैं जो आमजन को वितरित किए गए।
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