रतलाम 22 मई 2020/ रतलाम जिले में राजस्थान की ओर से प्रवेश करने वाले टिड्डी दल के विरुद्ध कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देशन में सक्रियता एवं मुस्तैदी के साथ अभियान का संचालन किया गया है। टिड्डी दल नियंत्रण के लिए गठित टीम द्वारा लगातार राजस्थान के सीमावर्ती जिला बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ तथा मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच से सतत संपर्क रखते हुए अभियान संचालन किया गया है।
20 मई को टिड्डी दल जिले के सैलाना विकासखंड के ग्राम गुड़भेली, बेरदा, केलकच्छ, शिवगढ़, सालरापाड़, चिमटखेड़ी, केलदा, पाटडी से होते हुए टिड्डी दल रात्रि विश्राम ग्राम नाल, पूनापाड़ा, सागलाखों में किया गया। टिड्डी दल लगभग 4 से 5 किलोमीटर लंबाई में एवं डेढ़ से 2 किलोमीटर चौड़ाई में था। जिले में आए केंद्रीय टिड्डी नियंत्रण दल तथा जिले स्तर पर गठित दल द्वारा 160 लीटर lambda-cyhalothrin दवा 16 ट्रैक्टर चलित स्प्रेयर पंप एवं चार फायर बिग्रेड वाहनों के माध्यम से छिड़काव किया जाकर करीब 50 से 60 प्रतिशत चिट्ठियों का सफाया कर दिया गया, शेष बचे टिड्डी दल के पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण वाहन नहीं पहुंच पाए।
टिड्डी दल एकत्र होकर ग्राम पलसोड़ा, शिवगढ़, सागोद होते हुए ग्राम बिलपांक, दंतोड़िया, प्रीतम नगर पहुंचा जहां जिला स्तरीय टीम द्वारा लाउडस्पीकर, ट्रैक्टर के साइलेंसर को निकालकर आवाज की गई जिससे टिड्डी दल खेतों में बैठने में असमर्थ रहा और उज्जैन जिले में प्रवेश कर गया। इसके साथ ही मंदसौर से आया टिड्डी दल ग्राम मांडवी, शक्करखेड़ी, एरवास, भैसाना, पंथपिपलोदा, खारवा से होते हुए आगर जिले की तरफ निकल गया। नियंत्रण दल ने बताया कि एक दल आलोट के कालूखेड़ी से उज्जैन जिले में प्रवेश कर गया।
टिड्डी दल से बचाव के लिए सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप केरकेट्टा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. इंद्रजीत बाकलवार, जिले के सभी एसडीएम, उपसंचालक कृषि श्री जी.एस. मोहनिया, परियोजना संचालक आत्मा, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कृषि विभाग के अनुभाग स्तरीय अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी पंचायतों के सचिव आदि गांव में मुस्तैद रहे।
