रतलाम 5 सितम्बर (खबरबाबा. काम) ।भोपाल से मुख्य सचिव बी.पी. सिंह की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रदेशभर के राजस्व अधिकारियों को भू-राजस्व संहिता में हुए संशोधनों की जानकारी विस्तार से दी गई। आज आयोजित वीसी के अवसर पर रतलाम में एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, अपर कलेक्टर जितेन्द्रसिंह चौहान,संयुक्त कलेक्टर प्रवीण फुलपगारे, जिले के सभी एसडीएम उपस्थित थे।
वीसी में बताया गया कि भू-राजस्व संहिता की धारा 129 के तहत सीमांकन में प्राधिकृत निजी एजेंसी की मदद ली जा सकेगी। असंतुष्टि की स्थिति में 45 दिनों में एसडीएम को आवेदन दिया जा सकेगा। सीमांकन कार्य तहसीलदार द्वारा राजस्व निरीक्षक या नगर सर्वेक्षक से करवाया जा सकेगा। भू-राजस्व में किस्तों का प्रावधान विलोपित किया गया है। बकाया वसूली में 50 लाख रुपए से ज्यादा के बकायादारों को सिविल जेल का प्रावधान है जो एसडीएम द्वारा की जा सकती है। बकायादार की वित्तीय आस्तियां जैसे बैंक अकाउण्ट या लाकर आदि कुर्क की जा सकेगी। वीसी में बताया गया कि कोटवार को आवंटित भूमि का उपयोग उसके द्वारा कृषि से भिन्न प्रयोजन में किया जाता है तो भूमि वापस ली जा सकेगी। कोटवार की मृत्यु, त्यागपत्र या पदच्यूत किए जाने पर नए कोटवार को भूमि आवंटित की जाएगी। आबादी भूमि में पट्टा आवंटन का दायित्व मात्र तहसीलदार को है। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले में अब अधिकतम 1 लाख रुपए का अर्थदण्ड किया जा सकेगा। सीमांकन पर प्रश्न का समाधान करते हुए बताया गया कि आवेदक तहसीलदार के सीमांकन से असंतुष्ट है तो एसडीएम द्वारा गठित बड़े दल द्वारा सीमांकन किया जाएगा।
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