Home देश Vikas Dubey encounter: मारा गया गैंगस्टर, UP एसटीएफ ने कानपुर में किया...

Vikas Dubey encounter: मारा गया गैंगस्टर, UP एसटीएफ ने कानपुर में किया ढेर

नई दिल्ली,10 जुलाई2020/आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मास्टरमाइंड विकास दुबे का एनकाउंटर कर दिया गया है. एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए विकास दुबे की मौत हो गई है. इस एनकाउंटर में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने एनकाउंटर की पुष्टि की है.

एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे पुलिसवालों का हथियार छीनकर भाग निकला. उसे सरेंडर करने का मौका दिया गया था, लेकिन विकास दुबे ने फायरिं शुरू कर दी. जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी और उसकी मौत हो गई है.

कैसे हुआ हादसा

हादसे को लेकर यूपी एसटीएफ के अफसर अभी कुछ बोलने से बच रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि मीडिया की नजर से विकास दुबे को बचाने के लिए गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी. बारिश और तेज रफ्तार के कारण गाड़ी पलट गई.

खबर है कि विकास दुबे ने गाड़ी पलटते ही पुलिसकर्मियों का हथियार छीन लिया और भागने लगा. घटनास्थल से सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर विकास दुबे और पुलिसकर्मियों के बीच मुठभेड़ हुआ. इस दौरान विकास दुबे गंभीर रूप से घायल हो गया.

सूत्रों का कहना है कि इस एनकाउंटर में विकास दुबे की मौत हो गई. उसकी बॉडी को लाला लाजपत राय हॉस्पिटल में लाया गया है. कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि की है.

उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़ा गया था विकास दुबे

मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल मंदिर से कल विकास दुबे पकड़ा गया था. उसकी गिरफ्तारी बड़े फिल्मी अंदाज में हुई थी. उज्जैन पुलिस की माने तो विकास दुबे महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था. पहले माली को शक हुआ, फिर मंदिर के गार्ड ने विकास दुबे की पहचान की.

इसके बाद स्थानीय पुलिस को बुलाया गया, जिसकी पूछताछ में पहले विकास दुबे ने अपना नाम शुभम बताया, लेकिन बाद में खुद को घिरा देखकर उसने चिल्लाया कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला. इसके बाद उज्जैन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और देर रात उसे यूपी एसटीएफ को सौंप दिया गया.

विकास दुबे ने की थी आठ पुलिसकर्मियों की हत्या

कानपुर के बिकारू गांव के रहने वाले विकास दुबे पर आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या का आरोप था. पुलिस टीम उस पर दबिश देने गई थी, तभी पहले से घात लगाए विकास दुबे और उसके गुर्गों ने हमला बोल दिया था. 200 से 300 राउंड की फायरिंग की गई थी. इस दौरान सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.

आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या के बाद विकास दुबे और उसके गुर्गे फरार हो गए थे. विकास दुबे की तलाश में पूरे प्रदेश को छावनी में बदल दिया गया था. घटना के 6 दिन बाद विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़ा गया था.

(साभार-आज तक)