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सुबह 4:00 बजे आलोट के कंजर बहुल क्षेत्र में पुलिस और आबकारी टीम की दबिश, दो लाख रुपए से अधिक मूल्य की अवैध शराब बरामद,तीन पेट्रोल पंपो के विरूद्ध भी कार्यवाही

रतलाम 16 नवंबर(खबरबाबा.काम) विधान सभा निर्वाचन के तहत जिले में की जा रही कार्रवाई के अंतर्गत अवैध रूप से रखी गई 258 बल्क लीटर हाथ भट्टी मदिरा और 2130 किलोग्राम महुआ लहान जप्त किया गया जिसका बाज़ारी मूल्य 2लाख 12 हजार है। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों की जांच के दौरान तीन पेट्रोल पंपों पर अनियमितता पाई गई। यहां से 5 लाख से अधिक की सामग्री जप्त की गई।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देशन एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी के मार्गदर्शन में आबकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त अभियान के तहत रतलाम जिले के आलोट तहसील में दबिश दी गई। कंजर बहुल इलाके में प्रातः 4 बजे की गई कार्रवाई में पंथ पिपलोदा क्षेत्र में 13 न्यायालयीन प्रकरण आबकारी अधिनियम की धारा 341 के अंतर्गत पंजीबद्ध किए गएजिनमें दिनेश पिता सोहनधर्मेंद्र पिता मोरियाकुंवर पाल पिता सोहनगेंद कुंवर पति कमलमुन्ना पिता हिम्मतरघुवीर पिता चंदर,कुसुंबा पति गोविंदाजीवन बाई पति बलवंत के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इन पंजीबद्ध प्रकरणों में258 बल्क लीटर अवैध हाथ भट्टी मदिरा जप्त की गई तथा 2130 किलो ग्राम महुआ लहान मौके पर नष्ट किया गया। जप्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य 2,12,010 है।

 इसी प्रकार खाद्य विभाग के संयुक्त जांच दल द्वारा पिपलोदा क्षेत्र में पेट्रोल पंप की जांच की गई। विधानसभा निर्वाचन को दृष्टिगत रखते हुए पेट्रोल एवं डीजल 4000 लीटर का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस स्टॉक की जांच के साथ ही अन्य जांच भी की गई। केशव ऑटोमोबाइल पेट्रोल पंप पिपलोदा पर अनियमितता पाई गई यहां 1150लीटर पेट्रोल जप्त किया गया जिसकी कीमत2242 रुपये है। महावीर फ्यूल्स  पिपलोदा पर 872 लीटर पेट्रोल एवं2480 लीटर डीजल जप्त किया गया जिनकी कीमत क्रमशः 70344 तथा 182800 रुपये है। किसान सेवा केंद्र की जांच के दौरान 2268लीटर पेट्रोल कार्रवाई की गई इस सामग्री की कीमत 182642 रुपये है। उक्त प्रकरणों में खाद्य विभाग द्वारा 4290 लीटर पेट्रोल 2480 लीटर डीजल जप्त किया गया जिसकी कीमत529028 रुपए है। इन पेट्रोल पंप द्वारा मोटर एवं हाई स्पीड डीजल ऑयल आदेश 1980 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करने के कारण इनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किए गए।