रतलाम,18अक्टूबर। कहते है इंसान का जीवन और मौत दोनो भगवान के हाथों में है । लेकिन बीमारी में डॉक्टर को भी भगवान माना गया है । जिसकी बानगी शुक्रवार को देखने को भी मिली ।
शहर के एक नीजि आर्थो हॉस्पिटल में ऐसा ही एक चमत्कार देखने को मिला । जब नगरा निवासी एक सौ वर्षीय महिला को पलंग से गिरने पर चार बेटे आर्थो सर्जन डॉ योगेंद्र सिंह चाहर के पास लेकर पहुंचे । डॉ चाहर ने कूल्हे की हड्डी तीन जगह से टूटने पर ऑपरेशन करने की सलाह दी । और रिस्क होना भी बताया । परिवार ने तत्काल ऑपरेशन की सहमति दी । डाँ चाहर ने ऑपरेशन की तैयारी की। बुजुर्ग महिला को बेहोशी के लिये एनेस्थेसिया विशेषज्ञ डॉ महेश मौर्य को बुलाया । महिला को बेहोश करते ही उसके ह्रदय ने काम करना बंद कर दिया , सांस रुक गई , आँखे फेर दी । यह देख डॉ महेश मौर्य ने तत्काल पम्पिंग शुरू कर ऑक्सीजन देनी शुरू कर दी जिससे महिला की सांस फिर चलने लगी । करीब एक घण्टे के ऑपरेशन में इस तरह की अड़चने दो बार आयी । यह देख दोनो डॉक्टर घबरा गये , लेकिन हिम्मत नही हारी । सौ साल की महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है , वह बाते कर रही है , भजन गा कर सुना रही है , खाना खा रही है , और तो और पलंग से उठ कर खड़ी भी हो रही है । महिला ने बताया कि वह चौथी पीढ़ी देख रही है । चारों बेटे इसे ईश्वर का चमत्कार और डॉक्टरों की मेहरबानी मान कर इसे दीपावली का उपहार बता रहे है।
इनका कहना है
इस तरह के केसेस कम ही होते है , सौ साल की महिला का ऑपरेशन के दौरान दिक्कते आयी , कुछ देर के लिये हम भी घबरा गए लेकिन अब सब कुछ ठीक ही नही बेहतर है , यह चमत्कार और दूसरा जन्म ही है । महिला का विल पॉवर काफी अच्छा है । मेरे डॉक्टरी जीवन में इस तरह का केस पहला ही देखा है ।
— डॉ योगेंद्र सिंह चाहर
आर्थोपेडिक्स सर्जन ।
What's Hot
Related Posts
Add A Comment
Contact
- Office address :- 19, Dr. Devisingh Colony Opposite New court , Ratlam MP
- info@khabarbaba.com
-
Managed By -
Rajesh Jain
Sourabh Kothari
Samagra Jain
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 Khabarbaba. All Right Reserved Designed by Brandistan.