रतलाम, 11 जुलाई (खबरबाबा.कॉम)। आम जनता के कामों में लापरवाही और अनावश्यक देरी अब राजस्व अधिकारियों को महंगी पड़ने लगी है। समयसीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए नौ राजस्व अधिकारियों पर कुल 9,500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के तहत की गई है।
जिले में विभिन्न तहसीलों और नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान कुल 38 प्रकरण निर्धारित समयसीमा से बाहर पाए गए। इससे आम नागरिकों को समय पर सेवाएं नहीं मिल सकीं, जिसे अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए धारा 7(1)(क) के तहत दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए।
कार्रवाई के अनुसार तहसीलदार जावरा सहदेव मौरे पर सबसे अधिक 20 लंबित प्रकरणों के कारण 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा नायब तहसीलदार टप्पा बड़ावदा भगवान सिंह ठाकुर तथा नायब तहसीलदार रतलाम शहर (पश्चिम भाग) ऋषभ ठाकुर पर चार-चार लंबित प्रकरणों के लिए 1-1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसी तरह नायब तहसीलदार टप्पा ढोढर वैभव जैन पर 750 रुपये, नायब तहसीलदार आलोट पंकज पवैया और नायब तहसीलदार टप्पा शिवगढ़ रामकलेश साकेत पर 500-500 रुपये, जबकि तहसीलदार सैलाना कुलभूषण शर्मा, तहसीलदार रावटी वंदना किराडे और नायब तहसीलदार पिपलौदा श्रद्धा त्रिवेदी पर 250-250 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।