रतलाम, 7 अगस्त (खबरबाबा.कॉम)।कहते हैं कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है जो मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते। रतलाम के होनहार विद्यार्थी राजवीर सिंह सोलंकी ने इस कहावत को सच साबित करते हुए Re-NEET 2026 में 594 अंक प्राप्त कर पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ वे अपने परिवार के पहले डॉक्टर बनने जा रहे हैं।
राजवीर ने बताया कि उनके पिता जितेंद्र सिंह सोलंकी एक सामान्य परिवार से हैं और वर्षों से उनका सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बने। पिता के इसी सपने को अपना लक्ष्य बनाकर राजवीर ने लगातार मेहनत की और आखिरकार उसे साकार कर दिखाया।
उनकी सफलता की कहानी इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि 3 मई को आयोजित पहली NEET परीक्षा में उन्हें 680 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी। लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उन्हें मानसिक रूप से गहरा झटका दिया। एक पल के लिए ऐसा लगा कि महीनों की मेहनत बेकार हो गई। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, खुद को संभाला और दोबारा पूरी लगन से तैयारी शुरू की। उसी मेहनत का परिणाम रहा कि Re-NEET 2026 में उन्होंने 594 अंक हासिल कर डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर लिया।
राजवीर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत तथा संस्थान की पूरी फैकल्टी टीम को दिया। उनकी इस उपलब्धि पर संस्थान में राजवीर और उनके परिवार का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया, मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।
राजवीर का संदेश हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणा है। उनका कहना है, “जीवन में परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और सही मार्गदर्शन मिले, तो सफलता निश्चित होकर रहती है। असली विजेता वही होता है जो गिरकर भी दोबारा उठ खड़ा होता है।”