रतलाम, 1अक्टूबर (खबरबाबा. कॉम)। रतलाम रेल मंडल में ट्रेन संचालन की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक के जरिए और मजबूत किया जा रहा है। मंडल में अब तक 96 में से 68 लोको में कवच 4.0 सिस्टम लगाया जा चुका है। इनमें 7 पैसेंजर लोको भी शामिल हैं। शेष लोको में भी कवच लगाने का काम लगातार जारी है।
लोको मोटिव केयर सेंटर में चल रहा काम
गुरुवार को रतलाम रेल मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि रतलाम रेल मंडल के लोको मोटिव केयर सेंटर में लोको को कवच प्रणाली से लैस करने का कार्य किया जा रहा है। मंडल स्तर पर कुल 96 लोको में कवच लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 68 लोको में सिस्टम इंस्टॉल हो चुका है।
लाल सिग्नल और ओवरस्पीड की स्थिति में अलर्ट
कवच ट्रेन संचालन के दौरान एक अतिरिक्त सुरक्षा प्रणाली के रूप में काम करता है। यह ट्रेन की गति और आगे मौजूद सिग्नल की स्थिति पर नजर रखता है। यदि ट्रेन लाल सिग्नल पार करने की स्थिति में पहुंचती है अथवा निर्धारित गति से अधिक तेज चलती है, तो सिस्टम लोको पायलट को अलर्ट करता है।
जरूरत पड़ने पर कवच स्वचालित ब्रेकिंग के जरिए ट्रेन की गति को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। इसका उद्देश्य लोको पायलट की भूमिका को बदलना नहीं, बल्कि किसी संभावित खतरे की स्थिति में अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
कवच 4.0 में बेहतर हुआ सिस्टम इंटीग्रेशन
कवच 4.0 में ट्रेन की लोकेशन को अधिक सटीक तरीके से पहचानने की क्षमता के साथ सिग्नल से संबंधित जानकारी और विभिन्न सुरक्षा प्रणालियों के इंटीग्रेशन को भी बेहतर किया गया है। इससे ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पैरामीटर की तकनीक आधारित निगरानी मजबूत होती है।
पैसेंजर लोको भी कवच के दायरे में
रतलाम मंडल में 7 पैसेंजर लोको को भी कवच से लैस किया जा चुका है। इससे यात्री ट्रेनों के संचालन में भी तकनीक आधारित अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था का दायरा बढ़ा है।
कवच की कवरेज बढ़ने के साथ रतलाम रेल मंडल में ट्रेन संचालन के दौरान सिग्नल, गति और सुरक्षा—तीनों की निगरानी को तकनीक का अतिरिक्त सहारा मिल रहा है। शेष लोको में कवच लगाने का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है।