रतलाम, 8 अक्टूबर (खबरबाबा.कॉम)। अल्पवर्षा के बीच रतलाम जिले में उपलब्ध जल संसाधनों को लेकर प्रशासन ने अब सिंचाई से लेकर पेयजल तक स्पष्ट रणनीति तय करना शुरू कर दी है। किसानों को उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग करते हुए सिंचाई की सुविधा दी जाएगी, वहीं गांवों में गर्मी और संभावित जलसंकट को देखते हुए पंचायतवार पेयजल व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी समाधान पर जोर दिया जाएगा। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने साफ निर्देश दिए हैं कि पानी का अवैध दोहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाए और कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता दी जाए।
आज हुई जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में तय किया गया कि जिले के पर्याप्त जल वाले 20 तालाबों से पलेवा के साथ एक पानी सिंचाई के लिए दिया जाएगा। वहीं 23 बैराज से पलेवा के साथ तीन पानी किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। जिन तालाबों में 50 प्रतिशत से कम पानी उपलब्ध है, वहां से सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उपलब्ध जल को पूरे सिंचाई सीजन तक संतुलित तरीके से उपयोग करना है।
जिले के 20 तालाबों में बंजली तालाब, बंबोरी तालाब, बिबडोद तालाब, कांगसी तालाब, चावलाखेड़ी तालाब, नाल तालाब, कोलवाखेड़ी तालाब, सूरजमल जैन तालाब, उमरन तालाब, अलीगढ़ तालाब, असावता तालाब, बरखेड़ा खुर्द तालाब, बगुनिया तालाब, करवाखेड़ी तालाब, माधोपुर तालाब, पिपलियासिसौदिया तालाब, रूपनियाखाल तालाब, कनेरी तालाब, केसरियाकुंड तालाब और पलसोड़ी तालाब शामिल हैं।
इसी प्रकार 23 बैराज में घटवास तालाब, आक्याताजली स्टॉपडेम, आलनपुर ठिकरिया बैराज, बानीखेड़ी (मिनाखेड़ा), बर्डिया राठौर बैराज, बटवाड़िया बैराज, भानपुर बैराज, बोरखेड़ी बैराज, धूतरिया बैराज, डोडियाना बैराज, गोंठड़ा बैराज, हलदुनी बैराज, हसनपालिया बैराज, इन्दपुरी बैराज, नारायणी बैराज, पाताखेड़ी बैराज, सिपावरा बैराज, तम्बोलिया वियर, ठिकरिया बैराज, बजरंगगढ़ बैराज, खेड़ी बैराज, कुंदनपुर बैराज और सुंडी बैराज शामिल हैं।
कलेक्टर ने किसानों से कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता देने की अपील की है। मटर, चना, मसूर, हल्दी, मसाला फसलें और अश्वगंधा जैसी फसलों को अपनाने पर जोर दिया गया है, ताकि सीमित जल संसाधनों पर दबाव कम हो।
अवैध पानी उठाया तो पंप जब्त, बिजली कनेक्शन भी कटेगा
जल संकट की स्थिति में प्रशासन ने अवैध जल दोहन पर भी सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि गैरकानूनी तरीके से पानी उठाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पानी खींचने में इस्तेमाल होने वाले पंप और अन्य संसाधन जब्त किए जाएं तथा विद्युत विभाग संबंधित कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई करे। कनेक्शन काटे जाने के बाद भी दोबारा अवैध पानी उठाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब पंचायतवार होगी पेयजल व्यवस्था की समीक्षा
अल्पवर्षा को देखते हुए प्रशासन ने पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी शुरू कर दी है। सभी जनपदों में पंचायतवार बैठकें आयोजित कर प्रत्येक पंचायत में पेयजल की उपलब्धता, जरूरत और मौजूदा अधोसंरचना की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार समग्र योजना तैयार कर राज्य शासन से आवश्यक संसाधनों की मांग की जाएगी।
कलेक्टर ने पंचायतों को टैंकर आधारित अस्थायी व्यवस्था के बजाय स्थायी पेयजल समाधान पर काम करने के निर्देश दिए हैं। जहां पेयजल अधोसंरचना उपलब्ध है, उसका पूरा उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बाजना-सैलाना के फ्लोराइड प्लांट पर नजर
बाजना और सैलाना के फ्लोराइड प्लांट की मरम्मत का प्रस्ताव मुख्य अभियंता, इंदौर को भेजा जा चुका है। कलेक्टर ने दोनों प्लांट की मरम्मत की प्रगति से लगातार अवगत कराने और किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। वहीं गुणावद परियोजना से सेजावता को मिल रहे पानी की भी समीक्षा करते हुए पानी के अत्यधिक उपयोग और दुरुपयोग को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, अल्पवर्षा के बीच रतलाम में प्रशासन की प्राथमिकता अब उपलब्ध पानी को बचाने, उसका नियंत्रित उपयोग करने और भविष्य के पेयजल संकट से पहले स्थायी इंतजाम करने पर है।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चंद्रवंशी, रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामोर, डब्लूआरडी कार्यपालन यंत्री श्री देव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।