रतलाम,5नवम्बर(खबरबाबा. कॉम)। माँ की स्मृतियों को प्रकृति की हरियाली में संजोने और सामाजिक सरोकारों को नई दिशा देने की प्रेरणादायी पहल करते हुए पाँचाल परिवार ने स्वर्गीय श्रीमती मोतिया बाई पाँचाल (मोरदा वाले) की स्मृति में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया।
पगड़ी रस्म के अवसर पर बड़बड़ हनुमान मंदिर स्थित जानकी मंडप में आयोजित कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त समाज का संदेश दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन, समाजसेवी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और परिवारजन उपस्थित रहे।
पुत्र रमेश पाँचाल और राकेश पाँचाल ने कार्यक्रम में समाजजनों को पौधे, कपड़े के बैग और मटकियों का वितरण किया गया। पौधों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, कपड़े के बैग के जरिए प्लास्टिक मुक्त समाज और मटकी के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को दान एवं सहयोग भी प्रदान किया गया।
पौधों के साथ हरियाली, मटकी के साथ जल संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वर्गीय मोतिया बाई पाँचाल की स्मृति में पौधा रोपित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। परिवार की इस पहल का उद्देश्य माँ के प्रति प्रेम और सम्मान को प्रकृति की सेवा से जोड़ना रहा। समाजजनों को वितरित किए गए पौधों के माध्यम से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया।
जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मटकियों का वितरण कर पानी बचाने का संदेश दिया गया। वहीं, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से कपड़े के बैग वितरित किए गए। इस पहल के माध्यम से लोगों को दैनिक जीवन में प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े के थैलों को अपनाने और जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझने के लिए प्रेरित किया गया।
समाजसेवा और सहयोग से जुड़ी मातृस्मृति
कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं को दान एवं सहयोग प्रदान कर सामाजिक सेवा की भावना को भी आगे बढ़ाया गया। समाजजनों, समाजसेवियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सामूहिक सामाजिक सरोकार का स्वरूप दिया।
पाँचाल परिवार की इस पहल ने संदेश दिया कि अपनों की स्मृतियों को समाज और प्रकृति की सेवा से जोड़कर उन्हें जीवनभर जीवंत रखा जा सकता है। माँ की स्मृति में लगाया गया पौधा आने वाले समय में वृक्ष बनकर पर्यावरण को समृद्ध करेगा, वहीं वितरित किए गए पौधे, कपड़े के बैग और मटकियाँ पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त समाज और जल बचाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाएंगी।
माँ की ममता और संस्कारों को समाजहित के कार्यों से जोड़ते हुए पाँचाल परिवार ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के माध्यम से भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ एक प्रेरणादायी सामाजिक संदेश दिया।