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प्रशासनिक सेवाओं में जाने का संकल्प लेकर उठे लगभग 300 युवा ,पीएससी तथा यूपीएससी के लिए रतलाम प्रशासन ने आरंभ की कैरियर काउंसलिंग। जानिए रतलाम कलेक्टर और एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने सफलता के लिए युवाओं को क्या टिप्स दिए-

रतलाम 12 अगस्त(खबरबाबा.काम)। रविवार को बरबड़ के नवनिर्मित सभाग्रह में मौजूद लगभग 300युवक-युवतियां अपने प्रशासनिक सेवाओं में जाने का संकल्प लेकर अपने घर गए। उनको प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा यूपीएससी तथा पीएससी परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए आज पहला पाठ पढ़ाया गया।

ये कैरियर काउंसलिंग इतनी शानदार थी कि उपस्थित युवा मंत्रमुग्ध होकर कलेक्टर, एसपी, सीईओ जिला पंचायत, एडिशनल एसपी और एसडीएम की बातें लगभग ढाई घंटे तक अविचल बैठे सुनते रहे। जिला प्रशासन द्वारा रतलाम में प्रदेश के अधिकाधिक युवाओं को आईएएस,आईपीएस बनाने तथा अन्य प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए कैरियर काउंसलिंग शुरू की गई है। आगामी 2 सितम्बर से रतलाम के कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में सुनियोजित ढंग से कक्षाएं प्रारंभ की जाएगी। इसके पूर्व रविवार को भी कक्षा ली जाएगी। कैरियर काउंसलिंग का विस्तार आगे जावरा से लेकर सैलाना, आलोट जैसे कस्बों में भी किया जाएगा।

इस कैरियर काउंसलिंग को प्रशासन द्वारा‘‘संकल्प’’ प्रयास एक बेहतर भविष्य का नाम दिया गया है। आज इसके प्रथम आयोजन में रतलाम शहर के विभिन्न स्कूलों की कक्षा 12वी तथा कॉलेज के युवा शामिल हुए। रतलाम में लगाई जाने वाली कक्षाओं में आसपास के युवा भी सम्मिलित हो सकेंगे। कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रतलाम को पूरे जिले का नोडल बनाया गया है। जिले के कॉलेजों में गठित कैरियर सेल में इच्छुक युवा अपना पंजीयन करा  सकते है। सीविल सेवा परीक्षाओ की तैयारियों के लिए आयोजित होने वाली कक्षाओं में कलेक्टर से लेकर अन्य सभी प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर जाकर कैरियर मार्गदर्शन देंगे।

कलेक्टर ने किया 3-P का जिक्र

इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि वे कैसे सिविल सेवा परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकते हैं, इसकी तैयारी कैसे करें। उन्होंने थ्री पी का जिक्र किया कि पहली पी है प्लानिंग, दूसरा पी है पेशन्स तथा तीसरा पी है प्रेक्सिस। कलेक्टर ने कहा कि आपको सिलेबस का पता होना चाहिए। गत वर्ष के पेपर का भी अध्ययन करना चाहिए। पेशन्स यानि संयम बहुत जरूरी है। यूं समझिए कि खून के आखरी कतरे तक का टेस्ट ले लेता है सिविल सेवा एक्जाम। संयम बहुत जरुरी है क्योंकि परीक्षा के किसी एक स्टेप में पास नहीं होते हैं तो भी आपको अपनी गति और अपनी ऊर्जा को बनाए रखना होगा।

कलेक्टर ने एक महत्वपूर्ण बात कही कि ऐवरेज क्षमता का विद्यार्थी भी जी-तोड़ मेहनत करे तो वह इन परीक्षाओं में अवश्य कामयाब होगा,परन्तु इसके लिए अपनी ऊर्जा को लगातार स्थिर बनाए रखना जरूरी है। इन परीक्षाओं में कई बार स्टूडेंट हतोत्साहित हो जाते हैं लेकिन वे फिर से अपनी ऊर्जा को समेटकर आगे के लिए कदम बढ़ाते हैं। कलेक्टर ने प्रैक्टीस को बहुत महत्वपूर्ण बताया। अलग-अलग स्टेज पर अलग-अलग टाईप की प्रैक्टिसेस लगातार करनी होती है। यूपीएससी इस धरती पर जितनी भी जानकारियां उपलब्ध हैं, उन सभी जानकारियों को आपके दिमाग में होने की अपेक्षा आपसे रखता है। विद्यार्थी को बार-बार प्रश्नपत्रों को हल करते रहना, माडल्स पेपर को साल्व करते रहना जरूरी है। बदलते परीक्षा पेटर्न्स की जानकारी भी रखना होगी। कलेक्टर ने कहा कि जब एक बार आपने सोच लिया कि हमें यह परीक्षा पास करना है तो बगैर दाएं-बाएं देखे अर्थात् बगैर नकारात्मक हुए अपने कदम आगे बढ़ाएं, आप सबमें बराबर की क्षमता है।

एसपी ने कहा सफलता के लिए टापर होना जरूरी नहीं

पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आईएएस तथा आईपीएस बनने के लिए आप इस सोच के साथ नहीं आएं कि इसमें बहुत पैसा या पावर है। आप देशभक्ति और किसी गरीब का जीवन बदलने के भाव अपने मन में रखते हुए इन परीक्षाओं में सम्मिलित होंगे तभी आप बेहतर रुप से परीक्षाओं में कामयाबी अर्जित कर पाएंगे। स्कूल-कालेज की कक्षाओं के टापर विद्यार्थी ही इन परीक्षाओं में कामयाब होते हैं, ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके साथ के दो विद्यार्थी ऐसे भी आईपीएस बने हैं जो इंटरमिडिएट की परीक्षा में दो बार फेल हो चुके थे। सोच महत्वपूर्ण होती है, यदि हम सोचकर संकल्पित होते हैं कि हमें आईएएस या आईपीएस बनना है तो रास्ते की बाधाएं हट जाती हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि आपको आईएएस या आईपीएस बनना है तो जुनून की हद तक जाना होगा।

सीईओ जिला पंचायत सोमेश मिश्रा ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि सिविल सेवा की परीक्षाएं आपकी सीटिंग कैपिसिटी चाहती है। यह सीटिंग परीक्षा की शुरूआत में भले ही कम होती है लेकिन जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, वैसे-वैसे आप लंबी सीटिंग के साथ पढ़ाई करेंगे क्योंकि यह आवश्यकता होती है। श्री मिश्रा ने जिला प्रशासन द्वारा आरम्भ की गई सिविल सेवा कैरियर काउंसिलिंग की कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आसपास के आईएएस, आईपीएस को भी रतलाम जिले में बुलवाकर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन करवाया जाएगा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारियां करते हुए आपको जीवन के वृहद अनुभवों का साक्षात्कार होता है। अच्छी तैयारी के साथ आप सफल तो होते ही हैं, इसके साथ ही आप जीवन में अच्छे इंसान भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि मोटिवेशन महत्वपूर्ण है। कोई भी अध्ययन गहराई के साथ किया जाना जरूरी होता है। सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए विषय की बहुत गहराई के साथ अध्ययन तो जरूरी है ही, इसके अलावा विद्यार्थी को उस मोमेंटम में भी सदैव रहना होता है।

एसडीएम रतलाम शहर (आईएएस) राहुल धोटे ने संघ लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के वर्तमान पेटर्न तथा इस परीक्षा के विभिन्न चरणों की जानकारी विद्यार्थियों को दी। उन्होंने कहा कि हौंसला रखते हुए मेहनत के साथ यदि हम इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं तो अवश्य सफल होते हैं।

सभी अधिकारियों ने अपने मार्गदर्शन में विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी परिस्थितियों से नहीं घबराएं। अधिकारियों ने स्वयं के बारे में भी बताया कि वे मध्यमवर्गीय परिवारों से ही आए हैं, परन्तु अपनी मेहनत, लगन और दिल में कुछ बन जाने का जज्बा था, इसलिए सफल हुए हैं। संचालन आशीष दशोत्तर ने किया।