रतलाम, 21सितम्बर। जिनशासन गौरव आचार्य प्रवर पूज्य गुरुदेव श्री उमेशमुनिजी म .सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा., पूज्य श्री अभयमुनिजी म.सा., पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा., पूज्य श्री शुभेशमुनिजी म.सा., पूज्य श्री अनिशमुनिजी म .सा., पूज्य श्री ललितमुनिजी म. सा. ,पूज्य श्री निर्वेदमुनिजी म.सा ., पूज्य श्री नंदराजमुनिजी म .सा .ठाणा 8 के सानिध्य में धर्म, ध्यान, ज्ञान, तप आदि आराधनाओं का ठाठ लगा हुआ है।
श्री धर्मदास जैन श्री संघ के प्रवक्ता ललित कोठारी ने बताया कि वहां वर्षावास में प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा.के सानिध्य में ज्ञान-दर्शन-चारित्र व तप की विशिष्ट आराधना हो रही है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ उत्साहपूर्वक आराधना कर रहे है।
दर्शनार्थ प्रतिदिन विभिन्न श्रीसंघ पहुंच रहे है ताल
प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म .सा .व मुनि वृंद के दर्शनार्थ बड़ी संख्या में प्रतिदिन श्री संघों का आगमन ताल नगर में हो रहा है। इसी तारतम्य में श्री धर्मदास जैन श्री संघ द्वारा एक दिवसीय दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें श्री संघ के श्रावक-श्राविकाएं बड़ी संख्या में श्री संघ के अध्यक्ष अजीत जी मेहता के नेतृत्व में ताल पहुँचे।
यहाँ श्रावक-श्राविकाओं ने गणनायक प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी म. सा. व मुनि वृंद के दर्शन-वंदन, व्याख्यान आदि का लाभ लिया। इस दौरान श्रावक-श्राविकाओं ने आचार्यश्री, गणनायक व संयमी आत्माओं के जयकारों से पूरे स्थानक को गुंजायमान कर दिया।
श्रावक-श्राविकाओं ने विविध त्याग-प्रत्याख्यान भी ग्रहण किए। आयोजित विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए धर्मदास गणनायक प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी म .सा .ने फरमाया कि जो सहनशील होता है वह आत्मा सब कुछ सहन कर लेती है । व्यक्ति को सहन करना और सहनशीलता रखना चाहिए। सहनशीलता का गुण आ गया तो शांति का अनुभव होगा ।
आचार्य पूज्य गुरुदेव श्री उमेशमुनिजी म. सा . के जीवन में सहनशीलता, सरलता, नम्रता कूट कूटकर भरी हुई थी । आपने फरमाया कि भोगों को भोगते हुए तीन काल में भी इच्छाएं समाप्त नहीं होती है । धर्मसभा को पूज्य श्री अभयमुनिजी म. सा व पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म .सा .ने भी संबोधित किया।
श्री संघ की ओर से संघ के महामंत्री
राजीव चौरड़िया ने संघ की ओर से प्रवर्तक श्रीजी एवं मुनिमंडल से संवत्सरी संबंधी क्षमायाचना की व आगामी वर्ष 2027 हेतु वर्षावास की पुरजोर विनंती की व वर्षावास पश्चात रतलाम पधारने की भी पुरजोर विनंती रखी ।
नियमित आराधना एवं शक्ति अनुसार तप आराधना की प्रेरणा दी
प्रवर्तकश्रीजी व संत मंडल ने समस्त श्रावक-श्राविकाओं को प्रतिदिन धर्माराधना करने की व शक्ति अनुसार तप आराधना करने की विशेष प्रेरणा भी दी। श्रीसंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक रविवार को श्रीसंघ द्वारा ताल दर्शन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है । इस रविवार को आयोजित दर्शन यात्रा के प्रायोजक श्रीमती सुशीलादेवी अमरचंद झामर परिवार , ज्ञानचंद विनय अभय लोढ़ा परिवार, अरविंद कुमार रखबचंद्र मेहता परिवार,वीर परिवार ललित शिवलाल गांधी परिवार , महेंद्र कुमार रखबचंद्र पगारिया परिवार व आशीष खेमसरा परिवार रहे। श्रीसंघ ने दर्शन यात्रा समस्त लाभार्थी परिवार को साधुवाद देते हुए उनकी अनुमोदना की।
यहां से दर्शन यात्रा दोपहर में खाचरौद पहुंची । यहां वर्षावास हेतु विराजित पुण्य पुंज पूज्या महासती श्री पुण्यशीलाजी म. सा . व साध्वी मंडल के दर्शन – वंदन – व्याख्यान आदि का लाभ लिया। श्री संघ की ओर से अखिल भारतीय श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री वीर भ्राता राजेश कोठारी ने साध्वी मंडल से संवत्सरी संबंधी क्षमायाचना की व वर्षावास के पश्चात रतलाम पधारने की पूरजोर विनंती भी की।
राजेश कोठारी ने कहा कि मेरे गुरु जिनके मुझ पर असीम उपकार है,क जो मेरे आराध्य है,जिनकी छत्रछाया में हम सभी सुखपूर्वक आराधना कर रहे है उनकी प्रसन्नता जिस धर्म कार्य की प्रवृत्ति में नहीं है वह हमें नहीं करना चाहिए ऐसी अनेक प्रवृत्तियां है जैसे वर्तमान में आचार्य भगवन पूज्य गुरुदेव श्री उमेशमुनिजी म .सा. एवं पूज्य प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म .सा. के फोटो का प्रचार प्रसार है । तपस्या की अनुमोदना, तप महोत्सव के कार्यक्रम,गुरुभगवंतों की पुण्यतिथि, जन्म तिथि व दीक्षा तिथि आदि प्रसंगों पर मोबाइल में धड़ल्ले से गुरु भगवंतो के फोटो स्टेटस,इंस्टा,फेसबुक,व्हाट्सएप्प पर लगाए जा रहे हैं।
श्री कोठारी ने अखिल भारतीय श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन की ओर से यह आह्वान किया कि पूज्य गुरुदेव के फोटो का प्रचार प्रसार नहीं करे ओर इस क्षमापना पर्व पर गत वर्ष में मेरे द्वारा हुए गुरुभगवंतों की इस आशातना के लिए क्षमा मांगना ओर इस गलती को पुनः नहीं दोहराने का प्रण लेना ही चरित्र आत्माओं से हमारी ओर से सच्ची क्षमापना होगी।