रतलाम, 5 अक्टूबर (खबरबाबा.कॉम)। थाना स्टेशन रोड पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की चार मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें एक मोटरसाइकिल जिला अस्पताल के बाहर से चोरी की गई थी, जबकि अन्य वाहन सब्जी मंडी और आसपास के क्षेत्र से चोरी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपी से अन्य वाहन चोरी की वारदातों और संभावित सहयोगियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार पत्रकार कॉलोनी निवासी मुकेश कुमार शर्मा 30 सितंबर को डॉक्टर को दिखाने के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल अस्पताल के बाहर खड़ी की थी। वापस लौटने पर मोटरसाइकिल गायब मिली। आसपास तलाश करने के बाद भी वाहन का पता नहीं चला तो उन्होंने स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राकेश पन्द्रो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल के निर्देशन तथा सीएसपी सत्येन्द्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक मुनेन्द्र गौतम के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान मिली मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने दुलेसिंह पिता शोभाराम भाटी, उम्र 52 वर्ष, निवासी कुम्हार मोहल्ला, कानवन, जिला धार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने जिला अस्पताल के बाहर मेन रोड और सब्जी मंडी क्षेत्र से चार टीवीएस एक्सल मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया।
चार मोटरसाइकिल बरामद
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चार मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें MP43MF6754 नंबर की टीवीएस एक्सल के अलावा बिना नंबर की टीवीएस सुपर एक्सल, टीवीएस एक्सल हेवी ड्यूटी और एक अन्य टीवीएस सुपर एक्सल शामिल हैं।
बरामद चार वाहनों में एक वाहन उसी मामले का है, जिसकी चोरी की रिपोर्ट 30 सितंबर को दर्ज कराई गई थी। अन्य तीन वाहनों को भी पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई के तहत जब्त किया है।
पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर अन्य वाहन चोरी की घटनाओं, चोरी किए गए वाहनों और संभावित सहयोगियों के बारे में पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में वाहन चोरी की कुछ अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी मुनेन्द्र गौतम के नेतृत्व में सउनि मुरली मकवाना, आरक्षक रितेश यादव, आरक्षक धीरेन्द्र गोखले, आरक्षक दीपक वसुनिया और आरक्षक मृत्युंजयसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।