रतलाम, 7 अक्टूबर (खबरबाबा.कॉम)। रतलाम जिले में शासन प्रबंधित देवस्थानों की हजारों हेक्टेयर जमीन के रिकॉर्ड अब खंगाले जाएंगे। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने जिले के 1,780 शासन प्रबंधित देवस्थानों की 4,622.02 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों से मिलान और सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान यह देखा जाएगा कि देवस्थान की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सही नाम से दर्ज है या नहीं और कहीं उसका अनधिकृत नामांतरण, विक्रय, कब्जा या अतिक्रमण तो नहीं हुआ है।
कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व), तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक देवस्थान की जमीन का खसरा, बी-1, नक्शे, पुराने रिकॉर्ड और देवस्थान पंजी से मिलान किया जाएगा।
देवता या देवस्थान के नाम होगी जमीन
जांच के दौरान खास तौर पर यह देखा जाएगा कि देवस्थान की जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में भूमिस्वामी के रूप में किसका नाम दर्ज है। आदेश में सुप्रीम कोर्ट के 6 सितंबर 2021 के फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि मंदिर से जुड़ी जमीन का स्वामी अधिष्ठाता देवता माना जाता है। केवल पुजारी होने के आधार पर किसी व्यक्ति को देवस्थान की जमीन का व्यक्तिगत स्वामित्व या भूमिस्वामी अधिकार नहीं मिलता।
इसलिए शासन प्रबंधित देवस्थानों की भूमि के रिकॉर्ड में नियमानुसार संबंधित देवता अथवा देवस्थान का नाम दर्ज होना सुनिश्चित किया जाएगा। किसी पुजारी, व्यवस्थापक या निजी व्यक्ति का नाम भूमिस्वामी के रूप में दर्ज पाया जाता है तो उसकी भी जांच होगी।
जहां पुजारी पूजा-अर्चना और देवस्थान की जिम्मेदारी निभा रहा है, वहां नियमों के अनुसार उसका नाम टिप्पणी कॉलम में केवल ‘पुजारी’ के रूप में दर्ज किया जा सकेगा। इससे उसे जमीन पर मालिकाना या जमीन बेचने का अधिकार नहीं मिलेगा।
रिकॉर्ड में शासन प्रबंधन भी स्पष्ट किया जाएगा
शासन प्रबंधित अथवा राज्य शासन में निहित सार्वजनिक देवस्थानों के रिकॉर्ड में लागू नियमों के अनुसार प्रबंधन संबंधी प्रविष्टि भी अपडेट की जाएगी। इसमें देवस्थान का प्रबंधन “मध्यप्रदेश शासन द्वारा, कलेक्टर जिला रतलाम, प्रबंधक” के रूप में दर्ज किया जाएगा।
रतलाम में सबसे ज्यादा 623 देवस्थान
जिले में कुल 1,780 शासन प्रबंधित देवस्थानों की 4,622.02 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। इनमें—
रतलाम — 623 देवस्थान, 1,730.50 हेक्टेयर
जावरा — 316 देवस्थान, 791.01 हेक्टेयर
पिपलौदा — 319 देवस्थान, 913.65 हेक्टेयर
आलोट — 291 देवस्थान, 662.52 हेक्टेयर
ताल — 154 देवस्थान, 304.09 हेक्टेयर
सैलाना — 64 देवस्थान, 195.95 हेक्टेयर
बाजना — 2 देवस्थान, 2.36 हेक्टेयर
रावटी — 11 देवस्थान, 21.94 हेक्टेयर
इसके अलावा जिले के बाहर स्थित 41 देवस्थानों की 212.621 हेक्टेयर जमीन रतलाम जिले में दर्ज है।
हर देवस्थान की अलग रिपोर्ट बनेगी
राजस्व अधिकारी प्रत्येक देवस्थान की अलग जानकारी तैयार करेंगे। इसमें देवस्थान या देवता का नाम, ग्राम और तहसील, वर्तमान राजस्व प्रविष्टि, वर्तमान पुजारी का नाम और संबंधित खसरे की प्रति शामिल होगी। इस पूरी जानकारी का उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड और देवस्थान पंजी से मिलान किया जाएगा।
गड़बड़ी मिली तो तत्काल सूचना
कलेक्टर ने इस काम को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जांच में यदि किसी देवस्थान की जमीन का अनधिकृत विक्रय, नामांतरण, कब्जा, अतिक्रमण या रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी सामने आती है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय को देना होगी।