रतलाम, 9 जुलाई(खबरबाबा. कॉम)। मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के तहत समय पर सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले तीन राजस्व अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अपर कलेक्टर बृजेंद्र कुमार रावत ने समयसीमा का उल्लंघन करने पर तीन अधिकारियों पर कुल 9,250 रुपए का अर्थदंड लगाया है।
जांच में सामने आया कि न्यायालय नायब तहसीलदार जावरा, न्यायालय नायब तहसीलदार टप्पा ढोढ़र और तहसीलदार जावरा के कुल 37 प्रकरण निर्धारित समयसीमा के बाद भी लंबित पाए गए। इसके कारण आवेदकों को अधिनियम के तहत मिलने वाली सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं, जिसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उल्लंघन माना गया।
अपर कलेक्टर ने अधिनियम की धारा 7(1)(क) के तहत कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार जावरा भगवानसिंह ठाकुर पर 17 लंबित प्रकरणों के लिए 4,250 रुपए, नायब तहसीलदार टप्पा ढोढ़र वैभव जैन पर 12 प्रकरणों के लिए 3,000 रुपए तथा तहसीलदार जावरा सहदेव मोरे पर 8 प्रकरणों के लिए 2,000 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
प्रशासन का कहना है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समयसीमा में शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। समयसीमा का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।