रतलाम, 7 अक्टूबर (खबरबाबा. कॉम)। स्वामित्व योजना के काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और परिवीक्षा अवधि के दौरान निर्धारित दायित्वों के संतोषजनक निर्वहन नहीं करने पर रतलाम ग्रामीण तहसील के चार परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
कलेक्टर एवं नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी अजय कटेसरिया ने अंकित गुप्ता, शैलेन्द्र प्रताप राठौड़, सौरभ पुरोहित और यशवर्धन शर्मा को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक करने के आदेश जारी किए हैं। खास बात यह है कि स्वामित्व योजना को लेकर मध्यप्रदेश में प्रशासनिक सख्ती के बीच यह कार्रवाई सामने आई है।
स्वामित्व योजना के काम में अपेक्षित प्रगति नहीं
मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन के लिए समयबद्ध अभियान चलाया जा रहा है। योजना के तहत पटवारियों को हितग्राहियों और आवेदकों के सत्यापन, आवेदन संबंधी कार्रवाई, अधिकार अभिलेख एवं विलेखों को अद्यतन रखने तथा निर्धारित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
रतलाम ग्रामीण तहसील में पदस्थ चारों पटवारियों के काम की समीक्षा के दौरान निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई। इसके साथ ही परिवीक्षा अवधि में उन्हें सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन का भी समग्र मूल्यांकन किया गया। उपलब्ध अभिलेखों और कार्य निष्पादन के आधार पर नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी ने उन्हें सेवा में बनाए रखना उपयुक्त नहीं पाया।
परिवीक्षा अवधि में ही सेवा समाप्त
कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों में सेवा समाप्ति का निर्णय परिवीक्षा संबंधी प्रावधानों और नियुक्ति की शर्तों के तहत लिया गया है।
तहसीलदार, रतलाम ग्रामीण को संबंधित पटवारियों से तत्काल प्रभार और समस्त शासकीय अभिलेख प्राप्त करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतियां जिला कोषालय अधिकारी, भू-अभिलेख शाखा और संबंधित पटवारियों को भी भेजी गई हैं।
स्वामित्व योजना पर सरकार का भी सख्त रुख
स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री और अभिलेख संबंधी काम को लेकर सितंबर से ही प्रदेश में पटवारियों की भूमिका और जवाबदेही का मुद्दा चर्चा में है। सरकार ने कलेक्टरों को योजना का काम आगे बढ़ाने और निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, पटवारी संगठनों ने योजना में पटवारियों को दस्तावेज निष्पादन की जिम्मेदारी दिए जाने और उससे जुड़ी व्यक्तिगत जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। कई जिलों में पटवारी संघ इस भूमिका से उन्हें अलग रखने की मांग भी कर चुका है।ऐसे में रतलाम में एक साथ चार परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्ति को प्रशासन की ओर से कार्य निष्पादन और सरकारी योजनाओं के लक्ष्यों को लेकर अपनाए जा रहे सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।