रतलाम 11 अप्रैल (खबरबाबा.काम)। ‘सर मेरे अंकल हमारी पारिवारिक संपत्ति अकेले हड़प रहे हैं। मेरे पिताजी के हिस्से पर भी वे कब्जा कर रहे हैं।’
यह फरियाद लेकर मंगलवार जनसुनवाई में आई एक बालिका की आंखों में आंसू आ गए। कलेक्टर ने बालिका को हिम्मत बंधाई और डिप्टी कलेक्टर त्रिलोचन गोड को निर्देशित किया कि आज ही प्रकरण की जांच करवा कर मुझे रिपोर्ट करें। कलेक्टर ने बालिका से कहा कि चिंता मत करो निश्चिंत रहो, प्रशासन अन्याय नहीं होने देगा। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती जमुना भिड़े, संयुक्त कलेक्टर श्री अनिल भाना ने भी जनसुनवाई की।
पटवारी रिश्वत की शिकायत पर एसडीएम को तत्काल जांच के निर्देश
जनसुनवाई में सैलाना विकासखंड के ग्राम भूतपाड़ा का आदिवासी ग्रामीण रमेश देवदा आया उसने शिकायत की कि पटवारी द्वारा उससे जमीन का पट्टा देने के नाम पर 70 हजार रूपए रिश्वत ले ली है और काम नहीं किया है।
ग्रामीण की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल एसडीएम सैलाना मनीष जैन को निर्देशित किया कि प्रकरण की जांच करवाएं, जो भी दोषी हैं उन पर एफआईआर करवाएं।
आवेदक ने फर्जी पावती की शिकायत की, कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देशित किया कि 3 दिवस में रिपोर्ट दे जो भी फर्जी पावतियां जारी हुई है उसमें विस्तृत जांच करते हुए कार्यवाही की जाए।
जनसुनवाई में हाकिमवाडा के फजल हुसैन ने आवेदन दिया कि प्रार्थी पूर्व में कोरोना पॉजिटिव एवं ब्लैंक फंगस होने से एवं अनवरत इलाज आज तक चलने के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है, इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। आवेदन पर संबंधित अधिकारी एवं सीएमएचओ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
कॉलोनाइजर द्वारा कब्जे की शिकायत
जनसुनवाई में रूपाली, रविंद्र सिंह, पंकज कुमार, रितेश, कृष्णा आदि द्वारा शिकायत की गई कि उनके प्लाट भक्तन की बावड़ी पर है। सबके 2 बिस्वा के प्लाट हैं। रजिस्ट्री हमारे पास है। प्रतिप्रार्थी कॉलोनाइजर द्वारा उनके प्लाट की तार फेंसिंग हटाकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। आवेदन पर एसडीएम एवं निगमायुक्त को कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए।
बांगरोद के कृष्णगोपाल बैरागी ने शिकायत की कि रतलाम के एक व्यक्ति द्वारा उसको प्लाट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करते हुए 20 लाख 65 हजार राशि ऐठ ली गई है। आवेदन पर एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार नामली निवासी श्यामूबाई ने आवेदन दिया कि उनके पति द्वारा मात्र एक ही पुत्र को संपूर्ण जायदाद प्रदान कर दी गई है अन्य एक पुत्र और दो पुत्रियों को कुछ नहीं दिया गया है। आवेदन पर संबंधित अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।